कंगना रनौत पर चलेगा राजद्रोह का मुकदमा! बोली थीं — ‘भारत को असली आजादी 2014 में मिली’
बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गई हैं। किसानों और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में अब उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश में राजद्रोह का केस चलेगा। यह मामला अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने सितंबर 2024 को दायर किया था। आरोप है कि कंगना ने अगस्त 2024 को दिए गए एक इंटरव्यू में ऐसे बयान दिए, जिनसे किसानों और देशवासियों की भावना आहत हुईं।

कोर्ट ने क्या कहा
इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज लोकेश कुमार की कोर्ट में हुई, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख 29 नवंबर 2025 तय की है। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि उस दिन कंगना रनौत को पेश होने के लिए तलब किया जा सकता है।
वादी का कहना है कि कंगना के बयान से न सिर्फ किसानों की भावनाएं आहत हुईं, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भी अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि कंगना ने 7 नवंबर 2021 को दिए एक बयान में कहा था कि भारत को असली आजादी 2014 में मिली, जब नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई। वादी के मुताबिक, यह बयान गांधीजी, भगत सिंह और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की अवहेलना करता है।

लगातार बयानों से विवादों में रही हैं कंगना
अगस्त 2024 में दिए एक इंटरव्यू में कंगना ने कहा था कि किसान आंदोलन के दौरान रेप और मर्डर की घटनाएं हुईं और अगर सरकार ने बिल वापस नहीं लिया होता, तो हालात और भी बिगड़ सकते थे। इस बयान के बाद अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने उनके खिलाफ राजद्रोह का केस दायर किया था। उन्होंने बताया कि वे खुद किसान परिवार से हैं और 30 साल तक खेती-किसानी से जुड़े रहे हैं।
कंगना रनौत पहले भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रही हैं। किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने कई विवादित टिप्पणियां की थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने आंदोलनकारी किसानों की तुलना खालिस्तानी आतंकियों से की थी और लिखा था कि इंदिरा गांधी ने ऐसे लोगों को अपनी जूती के नीचे कुचल दिया था। उनके इन बयानों से देशभर में काफी नाराज़गी देखी गई थी।
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