एनडीए और लोजपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर खिंचतान तेज
चिराग पासवान की मटिहानी सीट डिमांड बनी सबसे बड़ा विवाद।
चिराग पासवान की 3 सीट डिमांड पर एनडीए में खिंचतान
बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद एनडीए और महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। चर्चा में चिराग पासवान की सीटों को लेकर विवाद दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान को NDA की तरफ से 25 से 26 सीटें देने पर सहमति बनी है, लेकिन मटिहानी, सिकंदरा और गोविंदगंज विधानसभा सीट पर अभी भी फैसला नहीं हुआ है। इन तीन सीटों पर चिराग ने जोर दिया है, कि हर हाल में इन्हें उनकी पार्टी को मिलना चाहिए।
नामांकन प्रक्रिया 10 अक्टूबर से शुरू होने वाली है, लेकिन गठबंधनों में अभी तक अंतिम तालमेल नहीं बैठ पाया है। महागठबंधन के अंदर यह माना जा रहा है कि 9 अक्टूबर तक सब कुछ फाइनल हो जाएगा।
मटिहानी सीट पर विवाद
मटिहानी सीट 2020 में लोजपा जीती थी, लेकिन उसके विधायक राजकुमार सिंह बाद में JDU में शामिल हो गए। चिराग पासवान इसे अपनी प्रतिष्ठा का मुद्दा मान रहे हैं और चाहते हैं कि यह सीट उनकी पार्टी को ही मिले। JDU के लिए भी यह सीट मायने रखती है क्योंकि राजकुमार सिंह पूरे इलाके में प्रभाव रखते हैं।
सिकंदरा और गोविंदगंज पर अड़चन
सिकंदरा सीट पर जीतन राम मांझी की पार्टी का कब्जा है और गोविंदगंज में JDU के विधायक हैं। चिराग पासवान ने इन दोनों सीटों पर भी दावा जताया है। हालांकि, गोविंदगंज के मामले में JDU ने ज्यादा विरोध नहीं किया है, लेकिन सिकंदरा और मटिहानी सीट पर अभी भी बातचीत जारी है।
सीट के अलावा तीन अतिरिक्त डिमांड
सीटों के अलावा लोजपा ने तीन और मांगें रखी हैं, एक राज्यसभा सीट, एक एमएलसी सीट और किसी आयोग में अध्यक्ष पद। लेकिन इन मामलों पर अभी तक बीजेपी के शीर्ष नेताओं से सहमति नहीं बनी है। एनडीए के भीतर संभावित सीट बंटवारे के अनुसार, जेडीयू को 102, बीजेपी को 101, उपेंद्र कुशवाहा को 6-7, जीतन राम मांझी की पार्टी को 7-8 और लोजपा को 25-26 सीटें मिलने की संभावना है।