झुक गईं ‘क्वीन ‘! कोर्ट में कंगना रणौत को हाथ जोड़कर क्यों माँगनी पड़ी माफ़ी?
फिल्म अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रणौत सोमवार को पंजाब के बठिंडा की अदालत में मानहानि के एक मामले में पेश हुईं। उन्होंने अदालत के सामने कहा कि 2021 में किसान आंदोलन के दौरान उनके एक ट्वीट को लेकर गलतफहमी हुई थी। कंगना ने कहा कि उन्हें इस बात का खेद है और उनके लिए हर माता — चाहे वह पंजाब की हो या हिमाचल की — सम्मानित और पूजनीय है।
महिंदर कौर को लेकर किया था ट्वीट
यह मामला किसान आंदोलन के दौरान बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर के बारे में किए गए कंगना के एक ट्वीट से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान महिंदर कौर स्वयं मौजूद नहीं थीं। उनके वकील ने कंगना को व्यक्तिगत पेशी से छूट न देने की मांग की, लेकिन अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी।
क्या था ट्वीट में
कंगना रनौत के खिलाफ चल रहे इस मानहानि मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी। यह मामला उस ट्वीट से जुड़ा है जिसमें कंगना ने आंदोलन में शामिल 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला महिंदर कौर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि “महिलाएं 100 रुपये लेकर आंदोलन में शामिल हो रही हैं।” इसके बाद महिंदर कौर ने बठिंडा की अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

अदालत ने कंगना की अर्जी खारिज की थी
इससे पहले अदालत ने कंगना को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था और उनकी वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेशी की अर्जी खारिज कर दी थी। सोमवार दोपहर कंगना अदालत पहुंचीं और सुनवाई में हिस्सा लिया। बाहर निकलने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि “यह ट्वीट किसी का अपमान करने के लिए नहीं था, और यदि किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं तो मुझे खेद है।”
हरसिमरत कौर बादल की प्रतिक्रिया
बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बुजुर्ग किसान बीबी महिंदर कौर ने पंजाब की सभी माताओं और बहनों का सम्मान बढ़ाया है।”
उन्होंने कहा कि “कंगना जैसी अहंकारी नेता को भी अदालत में आकर माफी मांगनी पड़ी — यह पंजाब की महिलाओं की जीत है।”