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‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं’ नहीं रहे! बॉलीवुड के दिग्गज हास्य अभिनेता असरानी की मौत आखिर कैसे हुई ? 

‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं’ नहीं रहे! बॉलीवुड के दिग्गज हास्य अभिनेता असरानी की मौत आखिर कैसे हुई ?

84 वर्षीय अभिनेता की लंबी बीमारी के बाद मुंबई में अंतिम विदाई, साथी कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि

अभिनेता गोवर्धन ‘असरानी’ का सोमवार, 20 अक्तूबर को मुंबई के जुहू स्थित आरोग्य निधि अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। दोपहर करीब तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली और शाम को संताक्रूज श्मशान में उनके परिवार की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके प्रबंधक बाबूभाई थिबा के मुताबिक, उनके फेफड़ों में पानी भरने की समस्या हो गई थी, जिससे उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई।

 

कैसी रही है असरानी की फिल्मी यात्रा

असरानी की फ़िल्मी यात्रा करीब पांच दशकों से अधिक पुरानी रही, इस दौरान उन्होंने 350 से भी अधिक हिंदी और गुजराती फिल्मों में अभिनय किया। उनका फ़िल्मी करियर 1967 में राजेन्द्र भाटिया निर्देशित ’हरे कांच की चूड़ियाँ’ से शुरू हुआ। शुरुआती दौर में उन्होंने मुख्य और सहायक दोनों तरह की भूमिकाएँ निभाईं, लेकिन उनकी पहचान सर्वाधिक कॉमिक भूमिकाओं से बनी रही। असरानी ने पुणे के फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) से पढ़ाई की थी और यहां उन्होंने जया भादुरी ( बच्चन) को फिल्मों में लाने में भी मदद की थी।

 

फिल्म इंडस्ट्री ने जताया शोक

असरानी की मृत्यु पर बॉलीवुड स्तब्ध है। फिल्म जगत से जुड़े सभी लोग उन्हें याद कर रहे है। अमिताभ बच्चन ने उन्हें “बहुत प्रतिभाशाली सहयोगी” बताया, जबकि शबाना आज़मी ने कहा कि असरानी ने FTII में छात्रों को अभिनय और भाषा की शिक्षा दी थी और उनका जाना पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा, “वो बेहद प्यारे इंसान थे… उनकी कॉमिक टाइमिंग सबसे शानदार थी।” फरहान अख्तर, अनुपम खेर, बोमन ईरानी, कंगना रनौत समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए भावुक श्रद्धांजलि दी है।

 

असरानी के सबसे बेहतरीन किरदार

असरानी की हास्य टैलेंट की सबसे ज़्यादा पहचान 1975 की सुपरहिट फिल्म ’शोले’ में अंग्रेजों के जमाने के जेलर की भूमिका से हुई। इस फिल्म में उनका प्रसिद्ध संवाद “हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं” आज भी याद किया जाता है । इसके अलावा उन्होंने ’भूल भुलैया’, ’वेलकम’, ’हेरा फेरी’, ’धमाल’ और ’दे दना दन’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया और दर्शकों को खूब हंसाया। निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने कहा था कि उनकी प्रतिभा के सामने सभी सितारे फीके पड़ जाते हैं, जो असरानी की अभिनय प्रतिभा की गहराई को दर्शाता है।

 

हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं
हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं

असरानी की दो अपकमिंग फिल्में हैं: प्रियदर्शन निर्देशित ’भूत बंगला’ और अक्षय कुमार– सैफ अली खान अभिनीत ’हैवान’, जो 2026 में रिलीज होंगी। अक्षय कुमार ने पुष्टि की है कि इन दोनों फिल्मों में उनके दृश्यों की शूटिंग पूरी हो चुकी है और लिखा कि असरानी ने हमेशा सभी को हंसाने के कई मौके दिए। उन्होंने हाल ही में ’नॉन स्टॉप धमाल’ और ’ड्रीम गर्ल 2’ (2023) जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया था। दस दिन पहले ही उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे मंच पर सिंधी गीतों पर नाचते दिख रहे थे, जो उनकी जिंदादिली का बेहतरीन नमूना है।

 

दो बार फिल्मफेयर मिल चुका है असरानी को

असरानी अपनी पत्नी मंजू, एक बहन और भतीजे को पीछे छोड़ गए है । उनकी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने हास्य भूमिकाओं में अपने योगदान के लिए दो बार फ़िल्मफ़ेयर का सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता पुरस्कार भी जीता था। हिंदी सिनेमा ने एक अनमोल हास्य कलाकार खो दिया है, जिनकी यादें और अद्भुत कॉमिक टाइमिंग हमेशा ज़िंदा रहेंगी।

 

Shashwat Srijan

Content Writer

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