एक घंटे जाम में फंसे रहने के बाद अधिकारियों पर उठाए सवाल, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बोले “दिल्ली लाकर ट्रैफिक दिखाऊंगा”

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने बेंगलुरु की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर सख्त नाराज़गी जताई है। उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और मामले ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया। अपने एक्स अकाउंट पर ट्रैफिक को लेकर राजीव ने एक पोस्ट डाली और लिखा कि बेंगलुरु की ट्रैफिक व्यवस्था बेहद खराब है, और ट्रैफिक पुलिस जिम्मेदारी निभाने में नाकाम है। उन्होंने इस पोस्ट में शहर के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और कई बड़े पुलिस अधिकारियों को टैग करके शिकायत की।
कैसे शुरू हुआ मामला?
राजीव राय 1 दिसंबर को बेंगलुरु से दिल्ली फ्लाइट पकड़ने जा रहे थे। उन्हें सोमवार से लोकसभा के शीतकालीन सत्र में मौजूद रहना था। उनका कहना है कि जब वह रात में अपने घर से एयरपोर्ट के लिए निकले, तो रास्ते में ही भारी जाम में फंस गए। राजीव राय के अनुसार वह राजकुमार समाधि रोड पर लगभग एक घंटे से ज्यादा समय तक एक ही जगह अटके रहे और उन्हें लगा कि उनकी फ्लाइट छूट जाएगी। इसी दौरान उन्होंने ट्रैफिक पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका आरोप है कि किसी अधिकारी ने फोन तक नहीं उठाया। उन्होंने इस बात का सबूत देने के लिए कॉल लॉग का स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किया।

सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
पोस्ट में सपा सांसद ने कहा, “माननीय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, मुझे अफसोस है लेकिन आपका ट्रैफिक मैनेजमेंट सबसे खराब है और ट्रैफिक पुलिस सबसे गैर-जिम्मेदार, निकम्मी है। वे फोन तक नहीं उठाते पिछले एक घंटे से हम एक ही जगह फंसे हैं, फ्लाइट छूटने वाली है।” उन्होंने आगे चेतावनी भरे शब्दों में लिखा कि इतने खराब ट्रैफिक मैनेजमेंट से शहर की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु का ट्रैफिक अब “सबसे कुख्यात” हो चुका है। राजीव राय का कहना है कि “इस तरह की समस्या से न सिर्फ आम लोग परेशान हैं बल्कि शहर में आने वाले बिजनेस प्रतिनिधि, विदेशी मेहमान और सैलानी भी प्रभावित होते हैं। उनका मानना है कि अगर सरकार और प्रशासन समय पर ध्यान नहीं देगा, तो शहर की पहचान और उसकी वैश्विक प्रतिष्ठा पर असर पड़ेगा।”
सरकार की प्रतिक्रिया
राजीव राय की इस पोस्ट के बाद मीडिया ने कर्नाटक सरकार से प्रतिक्रिया मांगी। कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस बयान पर जवाब देते हुए कहा, “पहले मैं उनसे दिल्ली में मिलूंगा। फिर मैं उन्हें दिल्ली का ट्रैफिक दिखाऊंगा।” उनका मतलब था कि दिल्ली का ट्रैफिक हालात भी कम खराब नहीं हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई। कुछ लोग राजीव राय के समर्थन में आए और कहा कि “बेंगलुरु का ट्रैफिक सच में परेशान करने वाला है, जबकि कई लोगों ने उन्हें बताया कि जाम सिर्फ बेंगलुरु में ही नहीं बल्कि लगभग हर बड़े शहर में है।”
क्यों बिगड़ता जा रहा है बेंगलुरु का ट्रैफिक?
बेंगलुरु को भारत की आईटी कैपिटल कहा जाता है। यहां बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां, स्टार्टअप्स और मल्टीनेशनल ऑफिस मौजूद हैं। रोजाना लाखों लोग ऑफिस और घर के बीच घंटों सफर करते हैं।
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