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आर्मी भेजो और तोप से उड़ाओ!’ दिल्ली धमाके पर यति नरसिंहानंद का मुस्लिम शिक्षण संस्थाओं को लेकर बड़ा विवादित बयान”

आर्मी भेजो और तोप से उड़ाओ!

फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े नाम सामने आने के बाद धार्मिक नेता ने दिया भड़काऊ बयान, सोशल मीडिया पर घमासान।

आर्मी भेजो और तोप से उड़ाओ!

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इससे जुड़ी कई नई बातें सामने आ रही हैं। इसी बीच, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी का एक विवादित वीडियो सामने आया है, जिसमें वो मुस्लिम शिक्षण संस्थानों पर विवादास्पद टिप्पणी करते दिखायी दे रहे है ।

गाजियाबाद के डासना स्थित शिवशक्ति धाम के महंत यति नरसिंहानंद ने एक वीडियो जारी कर अल फलाह यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), जामिया मिलिया इस्लामिया और दारुल उलूम देवबंद जैसे बड़े मुस्लिम शिक्षण संस्थानों को “आर्मी भेजकर ध्वस्त करने” की मांग की है। उनके इस बयान के बाद कई जगहों पर आक्रोश और नाराज़गी देखने को मिल रही है।

 

क्या कहा नरसिंहानंद गिरी ने?

नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि फरीदाबाद में स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कुछ डॉक्टरों का नाम लाल किला धमाके से जुड़ा है। उनका दावा है कि यह यूनिवर्सिटी “आतंकी विचारधारा” से जुड़ी है और यहां बम धमाके में मारे गए आतंकियों के लिए “शोक” भी मनाया गया।

उन्होंने कहा “हिंदुओं देख लो, तुम्हारे साथ क्या हो रहा है। ये लोग आतंकवादियों के लिए भी शोक मनाते हैं, और तुम उन लोगों को छोड़ देते हो जो तुम्हारी सुरक्षा के लिए बोलते हैं। अगर ये आतंकी ठिकाने जैसे अल फलाह, एएमयू, जामिया और देवबंद को आर्मी भेजकर तोपों से नहीं उड़ाया गया, तो देश सुरक्षित नहीं रह पाएगा।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। कई लोगों ने इसे घृणा फैलाने वाला और भड़काऊ बयान बताया, जबकि कुछ समर्थकों ने नरसिंहानंद की बातों को “देशभक्ति” का रूप देने की कोशिश की।

दिल्ली धमाकों के बाद अलर्ट की स्थिति

10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास एक चलती कार में जोरदार धमाका हुआ था। धमाका इतना तेज़ था कि आस-पास के इलाकों में दहशत फैल गई। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज़्यादा घायल हुए।

जांच एजेंसियों ने मामले की तहकीकात शुरू की और अब तक कई संदिग्ध डॉक्टरों और प्रोफेसरों को हिरासत में लिया गया है। जांच में यह सामने आया कि कुछ आरोपी फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए हैं। इसी कड़ी में जांच एजेंसियां दिल्ली, फरीदाबाद, लखनऊ और मेरठ समेत कई शहरों में छापेमारी कर रही हैं। देशभर में हाई अलर्ट जारी है।

 

सरकार और एजेंसियों की प्रतिक्रिया

लाल किला ब्लास्ट के बाद से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जांच एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हैं। कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी चल रही है और देशभर में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

 

गिरफ्तार आरोपियों का संबंध अल फलाह यूनिवर्सिटी से

अल फलाह यूनिवर्सिटी की स्थापना 1995 में अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने की थी। 2014 में इसे हरियाणा सरकार ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया। यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी हैं। विश्वविद्यालय परिसर में 650 बेड का एक अस्पताल भी है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन सईद का संबंध इसी यूनिवर्सिटी से है। वहीं, डॉ. उमर मोहम्मद, जो इस यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था, धमाके में मारा गया बताया जा रहा है।

 

यति नरसिंहानंद गिरी और विवादों का पुराना रिश्ता

यति नरसिंहानंद का नाम विवादों से नया नहीं है। वो पहले भी भड़काऊ भाषणों और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बयानबाजी के कारण सुर्खियों में रह चुके हैं।

  • 2022 में, हरिद्वार में आयोजित “धर्म संसद” में दिए गए उनके भड़काऊ भाषण के बाद उन्हें हेट स्पीच के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
  • 2021 में, उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणी की, जिस पर जामिया नगर थाने में शिकायत दर्ज हुई थी।
  • इसी साल, उन्होंने राजनीति में शामिल महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके चलते उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ।
  • गाजियाबाद के डासना मंदिर में वे पुजारी हैं, जहाँ मुसलमानों के प्रवेश पर रोक वाला बोर्ड भी चर्चा में रहा है।

कौन हैं यति नरसिंहानंद

यति नरसिंहानंद का असली नाम दीपक त्यागी है। वे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से हैं। जानकारी के मुताबिक उन्होंने रूस से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और कुछ साल ब्रिटेन में भी काम किया। भारत लौटने के बाद कुछ समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे।करीब 25 साल पहले वे गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर से जुड़े और बाद में जूना अखाड़े ने उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी।

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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