नीतीश-जेडीयू और छोटे सहयोगी दल मांझी, चिराग अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में लगे सीट बंटवारा अभी तय नहीं

बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, लेकिन NDA में सीट बंटवारे को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट सहमति नहीं बन पाई है। बीजेपी, जेडीयू और अन्य छोटे दल सभी अधिक सीटें चाहते हैं। खासकर जेडीयू और बीजेपी के बीच खींचतान बनी हुई है। नीतीश कुमार साफ कर चुके हैं कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव में बीजेपी से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। लोकसभा चुनाव में जेडीयू बड़े मंत्रालयों से दूर रही थी, अब विधानसभा चुनाव में अपनी हिस्सेदारी पूरी करना चाहती है।
बिहार में कुल सीटें: 243
- •भारतीय जनता पार्टी: 110 सीट
2025 में मांग: 120+ - •जनता दल यूनाइटेड: 115 सीट
2025 में मांग: 120+ - •हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा: 7 सीट
2025 में मांग: 15+ - •लोक जनशक्ति पार्टी (RV): 137
(2020 में यह पार्टी, किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं थी)
2025 में मांग: 40+
NDA के छोटे दल भी पीछे नहीं हैं। जीतन राम मांझी कम से कम 15–20 सीटें चाहते हैं। उनकी पार्टी ‘ हिंदुस्तान आवाम मोर्चा’ महादलित मुसहर समुदाय की आवाज़ है। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) 25–40 सीटों की मांग कर रही है। दोनों नेता अपने वोट बैंक और दलित समुदाय में प्रभाव को ध्यान में रखते हुए अधिक हिस्सेदारी चाहते हैं। उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के पास अब कोई विधायक नहीं है, लेकिन वे भी 8–10 सीटें चाहते हैं। बीजेपी चाहती है कि 2020 में मिले नतीजों के आधार पर उसे ज्यादा सीटें मिलें। जेडीयू कम सीटों पर समझौता करने को तैयार नहीं है। सीटों की खींचतान के कारण एनडीए में राज्य स्तरीय बैठकें भी अभी नहीं हो पाईं
NDA नेताओं के बयान-
- •नीतीश कुमार- “जेडीयू को अपनी हिस्सेदारी पूरी करनी है। हमारी प्राथमिकता गठबंधन को मजबूत करना है।”
- •चिराग पासवान- “हमारी पार्टी की लोकप्रियता और प्रदर्शन देखते हुए सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।”
- •जीतन राम मांझी- “हम कम से कम 15–20 सीटें चाहते हैं, ताकि महादलित समुदाय का प्रतिनिधित्व मजबूत रहे।”
बिहार में अब विधानसभा चुनाव बेहद नजदीक हैं। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पूरी कर ली है और जल्द ही तारीखों की घोषणा हो सकती हैं।
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