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कौन हैं विंग कमांडर नमांश स्याल ? तेजस क्रैश में शहीद होने वाले IAF के बहादुर पायलट

हाई-स्पीड टर्न या टेक्निकल फॉल्ट? दुनिया के सबसे बड़े शो में तेजस क्रैश, IAF ने शुरू की इमरजेंसी जांच: जानिए चूक कहाँ हुई!

दुबई में चल रहे अंतरराष्ट्रीय एयर शो के दौरान भारत के लिए एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई थी। भारतीय वायुसेना के तेजस लड़ाकू विमान ने डेमोंस्ट्रेशन फ्लाइट के दौरान नियंत्रण खो दिया और पलभर में जमीन से टकराकर जल उठा। इस हादसे में भारतीय वायुसेना के अनुभवी पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई। शो में मौजूद हजारों लोग यह घटना अपनी आंखों के सामने होते देख सकते में आ गए।

सबसे बड़े एयर शो में है शामिल

दुबई में हो रहा, एयर शो दुनिया के सबसे बड़े एविएशन कार्यक्रमों में गिना जाता है, जहां कई देशों की एयर फोर्स और डिफेंस कंपनियां अपनी तकनीक और क्षमता का प्रदर्शन करती हैं। भारत भी इस शो में अपने स्वदेशी तेजस फाइटर जेट के साथ हिस्सा ले रहा था। आखिरी दिन जब तेजस का एरोबैटिक डिस्प्ले चल रहा था, उसी दौरान यह हादसा हुआ।

कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें तेजस अचानक नीचे की ओर झुकता दिखाई देता है। कुछ ही सेकंड में विमान तेज रफ्तार से जमीन की ओर गिरा और एक जोरदार धमाके के साथ जल उठा। बाद में एयरफील्ड पर काला धुआँ फैल गया और सुरक्षा टीमों को तुरंत राहत कार्य में लगना पड़ा। लेकिन पायलट को बचाया नहीं जा सका।

IAF ने हादसे की पुष्टि की

भारतीय वायुसेना ने अपने बयान में कहा कि एयर शो के दौरान तेजस विमान का एक्सीडेंट हुआ और इसमें पायलट की जान चली गई। वायुसेना ने इसे एक भारी क्षति बताते हुए कहा कि देश ने एक बहादुर और अनुभवी पायलट को खो दिया है। बयान में यह भी कहा गया कि हादसे की वजह पता करने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बनाई जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि इतनी सुरक्षित और परफॉर्मेंस-टेस्टेड उड़ान के दौरान आखिर चूक कहाँ हुई।

हादसा हुआ कैसे?

एयर शो के आयोजकों और अन्य विशेषज्ञों के अनुसार यह क्रैश एक रूटीन डिस्प्ले के दौरान हुआ। अंतिम दिन तेजस को लो-लेवल एरोबैटिक मैनूवर करने थे, जिनमें पायलट बहुत कम ऊंचाई पर तेज गति से कई स्टंट जैसी हरकतें करते हैं। इन्हीं में से एक मोड़ के दौरान विमान का बैलेंस बिगड़ा और वह तेजी से नीचे आ गया। पायलट ने सम्भवतः नियंत्रण वापस पाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही क्षणों में विमान जमीन पर गिर गया। दुबई एयर शो में इस बार 150 से अधिक देश हिस्सा ले रहे थे। यह हादसा ऐसे समय हुआ जब कई प्रतिनिधि, अधिकारी और मीडिया टीमें प्रदर्शन देख रही थीं। हादसे के तुरंत बाद पूरा क्षेत्र घेर लिया गया और फ्लाइट डिस्प्ले को रोक दिया गया।

 

हिमाचल से है विंग कमांडर नमांश

इस दुर्घटना ने देश के कई परिवारों को झकझोर दिया, लेकिन सबसे बड़ी चोट उस परिवार को लगी है जो अपने बेटे, पति और पिता को खो चुका है। विंग कमांडर नमांश स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पैदा हुए थे। उनकी शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा से हुई, जहां से कई रक्षा अधिकारी निकलते हैं। वे बचपन से ही एयर फोर्स में जाना चाहते थे और अपनी मेहनत के दम पर 24 दिसंबर 2009 को भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया। वे न सिर्फ एक कुशल फाइटर पायलट थे, बल्कि तेजस जैसे आधुनिक और अत्यंत जटिल विमान उड़ाने के लिए चुने गए उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल थे। 37 वर्षीय नमांश लंबे समय से तेजस के संचालन और एरोबैटिक डिस्प्ले का अनुभव रखते थे।

उनके परिवार में उनकी पत्नी हैं, जो स्वयं भी भारतीय वायुसेना में अधिकारी हैं। उनकी एक 6 वर्ष की बेटी है और उनके माता-पिता हैं जिन्होंने उन्हें बचपन से ही देश सेवा के लिए प्रेरित किया। हादसे के समय उनके माता-पिता तमिलनाडु के सुलूर एयरफोर्स स्टेशन पर मौजूद थे, जबकि उनकी पत्नी एक ट्रेनिंग कोर्स के लिए कोलकाता में थीं। परिवार के करीबियों ने बताया कि वह बेहद सरल स्वभाव के, जिम्मेदार और अपने काम को लेकर बहुत समर्पित थे।

राज्य सरकार और नेताओं ने जताया दुख

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उनकी मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि देश ने एक साहसी और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी खो दिया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि यह घटना “बहुत ही दर्दनाक” है और राज्य इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ा है। तेजस का इतिहास और इससे पहले हुए हादसे, तेजस भारतीय वायुसेना का स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान है। यह अपनी गति, फुर्ती और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है।

यह दूसरी घटना है जब तेजस क्रैश हुआ है। 2016 में स्वदेशी विमान के परीक्षण के दौरान एक दुर्घटना हुई थी। वहीं मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर के पास एक ट्रेनिंग उड़ान के दौरान तेजस नीचे गिरा था, लेकिन उस घटना में पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए थे। इन घटनाओं के बावजूद तेजस को दुनिया के बेहतरीन हल्के फाइटर जेट्स में गिना जाता है और भारत इसकी कई उन्नत वर्ज़न भी तैयार कर रहा है।

 

कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी अब वजह तलाशेगी

वायुसेना इस घटना की जांच बेहद गंभीरता से कर रही है। कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी यह पता लगाएगी कि यह तकनीकी गलती थी, अचानक आई खराबी थी, या डिस्प्ले के दौरान कोई ऐसी स्थिति बनी जिसके कारण पायलट विमान पर नियंत्रण नहीं रख पाए। एरोबैटिक डिस्प्ले आम उड़ान से कहीं अधिक जोखिम भरा होता है, क्योंकि इसमें विमान को बहुत कम ऊंचाई पर तेज गति से कई मुश्किल मोड़ लेने पड़ते हैं। इन्क्वायरी यह भी देखेगी कि हादसे से ठीक पहले विमान की स्थिति क्या थी और क्या पायलट को बाहर निकलने का समय या मौका मिला था।

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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