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देश के सबसे बड़े दानवीरों की लिस्ट जारी ! अडानी-अंबानी नहीं ये शख्स करता है सबसे ज्यादा दान

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एडलगिव-हुरुन इंडिया परोपकार सूची 2025 जारी, मुकेश अंबानी दूसरे और बजाज ग्रुप तीसरे स्थान पर

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भारत के 191 अमीर लोगों ने पिछले साल समाज की भलाई के लिए 10,380 करोड़ रुपए दान किए है।ये जानकारी मिली है एडलगिव-हुरुन इंडिया परोपकार सूची से । 2025 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एचसीएल टेक्नोलॉजी के संस्थापक शिव नाडर इस बार भी देश के सबसे बड़े परोपकारी के रूप में उभरे हैं। उन्होंने एक साल में 2,708 करोड़ रुपए का योगदान दिया। यानी हर दिन औसतन 7.4 करोड़ रुपए दान किए है।

 

शिव नाडर फिर शीर्ष पर, मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर

इस सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, दूसरे स्थान पर रहे, जबकि बजाज ग्रुप तीसरे नंबर पर आया। वहीं, अडाणी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडाणी पांचवें स्थान पर हैं। शिव नाडर लगातार कई सालों से इस सूची में सबसे ऊपर बने हुए हैं। वे अपने शिव नाडर फाउंडेशन के जरिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम करते हैं।

 

महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर दान किया

इस बार सूची में 24 महिलाएं भी शामिल हुई हैं। इनमें रोहिणी निलेकणी का नाम सबसे ऊपर है, जिन्होंने 204 करोड़ रुपए दान किए। वे इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन निलेकणी की पत्नी हैं और लंबे समय से शिक्षा व जल प्रबंधन के क्षेत्र में काम कर रही हैं।

दूसरे स्थान पर बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ रहीं, जिन्होंने 83 करोड़ रुपए दान किए। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी दिखा रही है कि समाज सेवा में अब कारोबारी जगत की महिलाएं भी पुरुषों से पीछे नहीं हैं।

 

युवा दानवीर भी आगे आए

सबसे युवा परोपकारियों की सूची में जेरोधा ब्रदर्स, निखिल कामत और नितिन कामत शीर्ष पर रहे। दोनों ने मिलकर 147 करोड़ रुपए दान किए। दूसरे नंबर पर फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल रहे, जिन्होंने 18 करोड़ रुपए दिए। इन युवाओं का कहना है कि वे अपनी कमाई का एक हिस्सा समाज को लौटाना अपना कर्तव्य मानते हैं। उनकी इस सोच को अब भारत के नए उद्यमी भी अपनाने लगे हैं।

नाडर परिवार ने व्यक्तिगत दान में भी रचा इतिहास

व्यक्तिगत दान की बात करें तो नाडर परिवार एक बार फिर सबसे आगे रहा। परिवार ने अपने नाम से 2,537 करोड़ रुपए दान किए। दूसरे स्थान पर नंदन निलेकणी रहे जिन्होंने 356 करोड़ रुपए और उनकी पत्नी रोहिणी निलेकणी ने 199 करोड़ रुपए दान किए। इस तरह पति-पत्नी दोनों ने मिलकर समाज कल्याण में बड़ा योगदान दिया।

 

इंफोसिस परिवार का बड़ा योगदान

इस बार इंफोसिस के संस्थापकों और उनके परिवारों ने मिलकर एक नया रिकॉर्ड बनाया। नंदन निलेकणी, क्रिस गोपालकृष्णन, के. दिनेश, रोहिणी निलेकणी और कुमारी शिबुलाल ने मिलकर 850 करोड़ रुपए से ज्यादा दान किया। यह एक ही कंपनी से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक परोपकारी योगदान माना जा रहा है। इन सबका ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है।

कॉरपोरेट कंपनियों ने भी निभाई जिम्मेदारी

केवल व्यक्ति ही नहीं, कई बड़ी कंपनियों ने भी समाज सेवा में अपनी हिस्सेदारी निभाई। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत सबसे ज्यादा 1,309 करोड़ रुपए खर्च किए। यह उनके अनिवार्य CSR खर्च से 261 करोड़ रुपए ज्यादा था।

इसके अलावा रुंगटा सन्स ने 181 करोड़ रुपए , और जिंदल स्टील एंड पावर ने 267 करोड़ रुपए CSR के तहत खर्च किए। दोनों कंपनियों ने तय सीमा से कहीं अधिक दान किया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता झलकती है।

पेशेवर प्रबंधक भी पीछे नहीं रहे

इस सूची में कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं जो किसी बड़े कारोबारी घराने से नहीं हैं, बल्कि पेशेवर पदों पर रहकर उन्होंने अपनी निजी संपत्ति से दान किया। एल एंड टी ग्रुप के पूर्व चेयरमैन , ए. एम. नाइक ने 54 करोड़ रुपए दान किए। अमित चंद्रा और अर्चना चंद्रा ने 47 करोड़ रुपए दिए। वेंचर कैपिटलिस्ट प्रशांत प्रकाश और अमिता प्रशांत ने 17 करोड़ रुपए दान किए।

पिछले साल भी नंबर वन थे शिव नाडर

यह पहली बार नहीं है जब शिव नाडर शीर्ष पर रहे हों। पिछले साल यानी वित्त वर्ष 2023-24 में भी उन्होंने 2,153 करोड़ रुपए का दान दिया था। तब वे रोजाना करीब 5.9 करोड़ रुपए समाज कल्याण पर खर्च कर रहे थे। 2024 की परोपकार सूची में भी वे नंबर वन थे। उसी रिपोर्ट में बताया गया था कि टॉप 10 परोपकारियों ने कुल 4,625 करोड़ रुपए दान किए थे, जो पूरी सूची के दान का लगभग 53% हिस्सा था।

कौन हैं शिव नाडर?

शिव नाडर (79 वर्ष) एचसीएल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और शिव नाडर फाउंडेशन के संस्थापक हैं। वो कंपनी के चेयरमैन इमेरिटस हैं। फोर्ब्स की रियल टाइम अरबपतियों की सूची में वे दुनिया के 52वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी कुल संपत्ति करीब 34.4 बिलियन डॉलर यानी लगभग 3 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है।

उनका मानना है कि “अगर समाज ने हमें पहचान और सफलता दी है, तो अब हमारी बारी है कि हम समाज को वापस दें।”

 

कैसे हुई थी एचसीएल की शुरुआत

शिव नाडर ने 1976 में एचसीएल टेक की नींव रखी थी। आज यह कंपनी डिजिटल, क्लाउड, इंजीनियरिंग और सॉफ्टवेयर सेवाओं में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में शामिल है। एचसीएल के पास 2.27 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं, और कंपनी के सीईओ सी विजयकुमार हैं। भारत की आईटी इंडस्ट्री में एचसीएल ने न सिर्फ रोजगार के अवसर दिए, बल्कि शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी कई पहलें शुरू की हैं।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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