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तेजस्वी यादव का वादा — हर घर में एक सरकारी नौकरी, क्या पूरा हो पाएगा यह ऐलान?

तेजस्वी यादव का बड़ा वादा — “हर घर में एक सरकारी नौकरी”, अब सबकी नजर इस ऐलान पर टिकी

Tejashwi Yadav Job Promise Bihar

पटना | ब्यूरो रिपोर्ट: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने युवाओं से बड़ा वादा करते हुए कहा है कि अगर इस बार महागठबंधन की सरकार बनती है, तो उनकी पहली कैबिनेट बैठक में ऐसा फैसला लिया जाएगा जिससे “हर घर में एक सरकारी नौकरी” सुनिश्चित होगी।

तेजस्वी यादव ने कहा —
“हमारी सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर नया अधिनियम लाया जाएगा। इस अधिनियम के तहत 20 महीने में बिहार के हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी। यह कोई चुनावी जुमला नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक और व्यावहारिक योजना है।”

बिहार में सरकारी नौकरियों की स्थिति

तेजस्वी यादव के इस वादे के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या बिहार में वाकई इतनी नौकरियां उपलब्ध हैं कि हर घर में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जा सके?

जाति आधारित सर्वेक्षण 2023 के अनुसार —
बिहार में कुल 2.76 करोड़ परिवार हैं।
राज्य सरकार के पास 16.27 लाख स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 11.54 लाख पद भरे हुए हैं और लगभग 4.73 लाख पद खाली हैं।
यानि करीब 29% सरकारी पद रिक्त हैं।

सबसे अधिक रिक्तियां शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में

  • शिक्षा विभाग – 2.17 लाख पद खाली
  • स्वास्थ्य विभाग – 65,000 पद
  • गृह (पुलिस) विभाग – 42,000 पद
  • ग्रामीण विकास विभाग – 12,000 पद
  • पंचायती राज विभाग – 5,551 पद
  • पशुपालन विभाग – 4,814 पद
  • ग्रामीण कार्य विभाग – 3,346 पद
  • कृषि विभाग – 3,015 पद
  • पथ निर्माण विभाग – 2,465 पद
  • नगर विकास विभाग – 1,948 पद

इन सबको मिलाकर कुल रिक्तियां 4.73 लाख से अधिक हैं। अगर पुलिस विभाग की नई भर्तियां जोड़ दी जाएं, तो यह संख्या 5.75 लाख तक पहुंच जाती है।

बिहार पुलिस में भारी कमी

बिहार पुलिस की कुल स्वीकृत संख्या 1.70 लाख है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 1.03 लाख जवान ड्यूटी पर हैं। यानी करीब 68,000 पद खाली हैं — जो राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यक्षमता के लिए बड़ी चुनौती है।

विपक्ष का पलटवार: “तेजस्वी का वादा अव्यावहारिक”

तेजस्वी यादव के ऐलान के बाद विपक्षी दलों ने इसे “चुनावी स्टंट” बताया।
BJP प्रवक्ता ने कहा —
“तेजस्वी जब सत्ता में थे, तब भी लाखों पद खाली थे। अब चुनाव से पहले वे युवाओं को गुमराह कर रहे हैं।”

जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा —
“बिहार में 2.76 करोड़ परिवार हैं। हर घर को नौकरी देना बजटीय दृष्टि से असंभव है। इसके लिए लाखों करोड़ रुपये की जरूरत होगी।”

RJD का जवाब: “यह योजना ठोस और संभव है”

RJD ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा —
“जब तेजस्वी उपमुख्यमंत्री थे, तब हजारों युवाओं को नौकरी मिली थी। अब यह योजना सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर केंद्रित है।”

तेजस्वी ने कहा —
“बिहार में नौकरी की नहीं, प्रबंधन की कमी है। अगर विभाग समय पर रिक्तियां भरें, तो लाखों युवाओं को रोजगार मिल सकता है।”

आर्थिक विशेषज्ञों की राय

पटना यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. आलोक रंजन के अनुसार —
“तेजस्वी का प्रस्ताव साहसिक है, लेकिन सरकारी क्षेत्र में इतनी नौकरियां देना मुश्किल होगा। अगर योजना को सरकारी + अर्ध-सरकारी और निजी क्षेत्र तक फैलाया जाए, तो यह कुछ हद तक व्यावहारिक हो सकता है।”

जनता की प्रतिक्रिया

बिहार के युवाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह और उम्मीद दोनों है।
पटना के छात्र सौरभ कुमार कहते हैं —
“अगर तेजस्वी जी सच में इस योजना को लागू करते हैं, तो यह बिहार के इतिहास में एक बड़ा कदम होगा।”

अब देखना यह होगा कि क्या तेजस्वी यादव सत्ता में आने पर अपने वादे को हकीकत में बदल पाएंगे, या यह भी बिहार की राजनीति में एक और अधूरा वादा बनकर रह जाएगा।


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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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