रायपुर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का गलत इस्तेमाल करते हुए 21 वर्षीय छात्र ने 36 छात्राओं की तस्वीरों को आपत्तिजनक तस्वीरों में बदल दिया।
मामला नया रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT-NR) से जुड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी छात्र के लैपटॉप से करीब 1,000 तस्वीरें बरामद की गई हैं, जिन्हें उसने AI इमेज एडिटिंग टूल्स के ज़रिए बदला था।

आरोपी हिरासत में
रायपुर पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए आरोपी छात्र सैयद रहीम अदनान को हिरासत में ले लिया।
अदनान बिलासपुर का रहने वाला है और IIIT-NR में इंजीनियरिंग का छात्र था।
पुलिस के अनुसार, उसने AI-आधारित इमेज जेनरेशन और एडिटिंग टूल्स का दुरुपयोग कर छात्राओं की असली तस्वीरों को आपत्तिजनक रूप दिया। पुलिस ने बताया —“आरोपी के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) और IT Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है।”
आरोपी सस्पेंड
6 अक्टूबर की सुबह लगभग 6:30 बजे संस्थान प्रशासन को इस घटना की जानकारी मिली।
पीड़ित छात्राओं ने तुरंत अपनी शिकायत विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर श्रीनिवास को दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला सदस्यों की एक विशेष समिति गठित की गई, जिसने उसी दिन आरोपी से पूछताछ कर उसे तुरंत निलंबित कर दिया।
प्रोफेसर श्रीनिवास ने कहा —“संस्थान ने छात्राओं की सहमति के साथ पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई की है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।”

बढ़ती चिंताएं
AI जितनी तेज़ी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेज़ी से उसके कानूनी नियंत्रण की जरूरत महसूस की जा रही है।
AI से जुड़ी छेड़छाड़, मॉर्फिंग, डेटा मैनिपुलेशन और निजता उल्लंघन जैसे अपराधों को रोकने के लिए अब कड़े साइबर कानून और डिजिटल साक्षरता को अनिवार्य बनाने की मांग तेज हो रही है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT-NR) की स्थापना वर्ष 2014 में रायपुर, छत्तीसगढ़ में की गई थी।
यह संस्थान AICTE द्वारा विश्वविद्यालय है और देश के उभरते हुए तकनीकी शिक्षा केंद्रों में प्रमुख स्थान रखता है। यहां कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग जैसे विषयों में सात से अधिक कोर्स संचालित होते हैं।