21 हजार करोड़ सिर्फ महिला रोजगार पर, मेट्रो, एयरपोर्ट और फ्री बिजली पर भी बड़ा दांव विपक्ष बोला – हिसाब दो!

पटना में चल रहे बिहार विधानसभा के विशेष सत्र का आज पांचवें दिन अंत हो गया। अंतिम दिन नीतीश कुमार सरकार ने 91,717.11 करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट सदन में चर्चा के लिए रखा। इस मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। विपक्ष ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए तो मंत्री श्रवण कुमार और वित्त मंत्री विजयेंद्र यादव ने विपक्ष को जवाब दिया। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सत्र के अंत में कहा कि इस सत्र में कुल 16 निवेदन आए, जिनमें से 15 स्वीकार किए गए और 1 खारिज हुआ। इसके अलावा 9 याचिकाएँ आईं, जिनमें 6 मंजूर और 3 अस्वीकृत की गईं।

क्या नया बजट कहता है?
सरकार ने बताया कि इस बिल में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क, ऊर्जा, सिंचाई, छात्र क्रेडिट कार्ड, मेट्रो और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर ज़्यादा फोकस किया गया है। सबसे बड़ा हिस्सा महिलाओं के लिए रखा गया है। ऐसे समझिए
किस वर्ग को क्या मिल इस अनुपूरक बिल में
सरकार ने महिलाओं को रोजगार देने के लिए एक खास योजना बनाई है।
योजना राशि
- मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 21,000 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना 750 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री बालिका इंटर प्रोत्साहन योजना 285.65 करोड़ रुपये
- लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन 314.32 करोड़ रुपये
- अक्षर आंचल योजना 326.80 करोड़ रुपये
सरकार का दावा है कि इससे महिलाएँ आत्मनिर्भर होंगी और जीविका समूह की महिलाएँ आगे बढ़ेंगी।
छात्र और शिक्षा
योजना राशि
- स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 800 करोड़ रुपये
- मेडिकल कॉलेज निर्माण 573 करोड़ रुपये
- चिकित्सा महाविद्यालय निर्माण 150 करोड़ रुपये
- आंगनबाड़ी सेवाएँ और पोषण योजना 414.51 करोड़ रुपये
- पोशाक योजना (आंगनबाड़ी बच्चों के लिए) 179.25 करोड़ रुपये
सरकार का कहना है, कि इससे उच्च शिक्षा, मेडिकल सुविधाएँ और बच्चों के पोषण में सुधार होगा।
बिजली और ऊर्जा क्षेत्र
योजना राशि
- 125 यूनिट फ्री बिजली योजना 6462 करोड़ रुपये
- ऊर्जा कंपनियों में निवेश 600.55 करोड़ रुपये
- बिजली परियोजनाएँ 480 करोड़ रुपये
- ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट 100 करोड़ रुपये
सरकार ने साफ किया कि मुफ्त बिजली योजना आगे भी जारी रहेगी।
सड़क, पेयजल और बुनियादी ढाँचा
काम राशि
- सड़क निर्माण 861.21 करोड़ रुपये
- ग्रामीण सड़क उन्नयन 275 करोड़ रुपये
- ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना 594.56 करोड़ रुपये
- पंचायत सरकार भवन 500 करोड़ रुपये
- शहरों में भूमि अधिग्रहण 550 करोड़ रुपये
- आधारभूत संरचना विकास 100 करोड़ रुपये
सरकार का दावा है कि इससे गांव-कस्बों में बेहतर सड़कें, पानी और सरकारी सेवाएँ उपलब्ध होंगी।
बड़ी परियोजनाएँ — मेट्रो और एयरपोर्ट
योजना राशि
- पटना मेट्रो रेल परियोजना 389.77 करोड़ रुपये
- गया, भागलपुर, दरभंगा और सहरसा एयरपोर्ट 500 करोड़ रुपये
इसके अलावा स्टेडियम, पुलिस भवन, खेल संरचना और औद्योगिक भूमि खरीद पर भी बजट रखा गया है।

विपक्ष ने क्या कहा?
राजद विधायक आलोक मेहता ने बजट को लेकर कई सवाल उठाए।
उनका कहना था, पिछले बजट में जो पैसा आवंटित हुआ था, उसका हिसाब क्यों नहीं दिया गया? राज्य में स्कूलों में शिक्षकों और अस्पतालों में दवाइयों की कमी है। महिलाओं के लिए 21 हजार करोड़ की योजना अच्छी है, लेकिन सरकार बताएगी कैसे हर महिला तक पैसा पहुँचेगा? उन्होंने कहा कि बिहार में डेढ़ करोड़ से ज्यादा महिलाएं हैं। क्या बाकी महिलाएं इस योजना से बाहर रहेंगी? उन्होंने ग्रामीण इलाकों की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि आज भी 40 लाख लोग ऐसी बस्तियों में रहते हैं जो मुख्य सड़कों से नहीं जुड़ी हैं।
सरकार की तरफ से जवाब
मंत्री श्रवण कुमार ने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा, नीतीश सरकार ने महिलाओं को सम्मान और ताकत दी है। साथ ही, जीविका समूह की महिलाएं आज लखपति बन रही हैं। विपक्ष महिलाओं को सिर्फ राजनीति में इस्तेमाल करता है, हमने उन्हें आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ सवाल उठाता है, लेकिन जनता सरकार के काम देख रही है।
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