Search

क्या तलाक-ए-हसन भी बैन होगा? सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला! फिर चर्चा में क्यों आया मुस्लिम तलाक का मुद्दा?

तलाक-ए-हसन

तलाक-ए-हसन पर सवाल उठे, सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख—क्यों फिर चर्चा में आया मुस्लिम तलाक का मुद्दा?

Supreme Court Talaq-e-Hasan Case

कहा, “यह महिलाओं की गरिमा के खिलाफ!”

तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, लेकिन इस्लाम में तलाक के अन्य तरीके अब भी बहस के केंद्र में हैं। सोचिए—पति खुद तलाक न देकर, किसी तीसरे व्यक्ति या वकील के जरिए पत्नी को स्पीड पोस्ट से तलाक भेज दे! क्या यह तरीका आज के समय में सही माना जा सकता है?

यही सवाल 19 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उठाया। कोर्ट ने तलाक-ए-हसन को लेकर की गई तल्ख़ टिप्पणी ने पूरे देश में बहस छेड़ दी। मामला इतना गंभीर लगा कि इसे 5 जजों की संविधान पीठ को भेज दिया गया है।

बेनजीर हीना की पूरी कहानी

33 वर्षीय बेनजीर हीना गाजियाबाद की स्वतंत्र पत्रकार हैं। उनकी शादी डॉक्टर यूसुफ गनी से हुई थी। शादी के बाद सब ठीक चला, लेकिन जल्द ही दहेज की मांग और मारपीट की शिकायतें शुरू हो गईं। अप्रैल 2022 में उन्होंने FIR दर्ज कराई।

इसके बाद एक दिन उन्हें स्पीड पोस्ट से तलाक-ए-हसन का नोटिस मिला—

  • पहला नोटिस: 19 अप्रैल
  • दूसरा नोटिस: 19 मई
  • तीसरा नोटिस: जून 2022

सबसे shocking बात—नोटिस पर पति के साइन नहीं, सिर्फ वकील के साइन थे!

शरीअत के मुताबिक तलाक पति ही देता है, कोई तीसरा नहीं। पति ने बाद में दूसरी शादी कर ली, लेकिन बेनजीर न शादीशुदा मानी गईं, न तलाकशुदा। इस वजह से—

  • बच्चे का स्कूल एडमिशन रुका
  • पासपोर्ट नहीं बन पाया
  • मेहर और भरण-पोषण नहीं मिला

इसी अन्याय के खिलाफ 2022 में बेनजीर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

Benazir Heena Case

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई फटकार?

सुनवाई 3 जजों की बेंच—जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जवल भुइयां और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह—ने की।

कोर्ट की अहम टिप्पणियाँ:

  • “पत्नी को पति की जगह कोई तीसरा व्यक्ति तलाक कैसे दे सकता है?”
  • “पति को अपनी पत्नी से बात करने की भी हिम्मत नहीं?”
  • “समाज ऐसी प्रथाओं को क्यों बढ़ावा देता है?”

कोर्ट ने कहा कि महिलाओं की गरिमा और अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है और गलत परंपराओं पर कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ेगा।

इस्लाम में तलाक के कितने प्रकार हैं?

हनफी फिक्ह के अनुसार पति तीन तरीकों से तलाक दे सकता है:

  • 1. तलाक-ए-अहसन
  1. एक बार तलाक बोलना, पत्नी ‘पाक’ स्थिति में हो।
  2. एक महीने तक इंतजार—पति चाहे तो तलाक वापस ले सकता है।
  • 2. तलाक-ए-हसन (विवादित)
  1. हर महीने एक तलाक—तीन महीने तक।
  2. पहले दो में पति मन बदले तो तलाक रद्द।
  3. तीसरे पर शादी खत्म।
  • 3. तलाक-ए-बिदअत (तीन तलाक एक साथ)
  1. एक बार में “तलाक-तलाक-तलाक”—शरीअत में भी गुनाह।
  2. भारत में 2017 से गैरकानूनी—3 साल जेल।

औरत कैसे तलाक ले सकती है?

  • खुलअ – पति की सहमति से तलाक
  • फस्ख-ए-निकाह – काजी/कोर्ट के जरिए निकाह खत्म

क्या तलाक-ए-हसन पर भी पाबंदी लग सकती है?

2017 में तीन तलाक पर बैन लगाने के बाद यह दूसरा बड़ा मामला है। कोर्ट अभी सावधानी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन जजों की टिप्पणियों से साफ है कि तलाक-ए-हसन पर भी कोई बड़ा फैसला आ सकता है।

कोर्ट ने पूछा—

“क्या 2025 में कोई सभ्य समाज ऐसी प्रथा स्वीकार कर सकता है?”

कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।

CM नीतीश से और दोनों डिप्टी CM से कई गुना अमीर हैं ये महिला मंत्री ! कैसा रहा है रमा निषाद का राजनीतिक करिअर

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

Leave a Comment

Your email address will not be published.