सोनभद्र में भीषण खदान हादसे का कौन है जिम्मेदार! रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिले 7 मजदूरों के शव
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बिल्ली-मारकुंडी इलाके में एक बड़ा खदान हादसा हो गया है। पहाड़ी को कंप्रेशर मशीनों से काटा जा रहा था और 9 मशीनों से विस्फोटक लगाने के लिए गड्ढे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी का एक विशाल हिस्सा अचानक टूटकर गिर पड़ा और वहां काम कर रहे 7 मजदूर मलबे में दब गए।

72 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ और अल्ट्राटेक की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। मलबा अत्यधिक होने के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद कठिन था। करीब 72 घंटे तक लगातार चले ऑपरेशन में 7 मजदूरों के शव क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद किए गए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन अब बंद
जिला प्रशासन ने पुष्टि की कि खदान के भीतर अब किसी व्यक्ति के फंसे होने के कोई संकेत नहीं मिले। कई दौर की जांच के बाद डीएम ने रेस्क्यू ऑपरेशन रोकने का आदेश दिया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने भी कहा कि अंदर कोई मजदूर मौजूद नहीं है।
कौन-कौन मजदूर मारे गए?
हादसे में संतोष, इंद्रजीत, कृपाशंकर, राम खेलावन, राजू गोंड, रविेंद्र और एक अन्य मजदूर की मौत हुई है। गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
एसपी बोले—अब तक गिरफ्तारी नहीं
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि एक बड़ी चट्टान टूटकर गिरने के कारण ये हादसा हुआ। नीचे जाने का कोई रास्ता नहीं था, इसलिए पहले रास्ता बनाया गया और फिर रेस्क्यू किया गया। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

रेस्क्यू टीमों ने क्या कहा?
NDRF अधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद कठिन था। उनके डीआईजी के नेतृत्व में दो टीमें तीन दिन तक लगातार काम करती रहीं। रेस्क्यू में एसडीआरएफ, सीआरपीएफ और फायर ब्रिगेड ने भी पूरा सहयोग दिया।
अब सभी एजेंसियों की जांच रिपोर्ट का इंतज़ार है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।