चिराग ने अफवाहों पर लगाई रोक, बोले— जेडीयू और लोजपा के रिश्तों में कोई दरार नहीं; कठिन सीटों के बावजूद पार्टी का प्रदर्शन मजबूत

बिहार चुनाव 2025 में एनडीए को मिले भारी जनादेश के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नतीजों के अगले ही दिन लोजपा (रामविलास) अध्यक्ष चिराग पासवान सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचे। दोनों नेताओं ने जीत की बधाई दी और कुछ देर बंद कमरे में मुलाकात की। बाहर आते ही चिराग ने मीडिया से बातचीत की और विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
विरोधी पार्टियों ने लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश की
चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान विरोधी दल लगातार यह माहौल बनाने में लगे थे कि जेडीयू और लोजपा के रिश्ते खराब हैं। उन्होंने कहा— “लोग अलग-अलग तरीके से भ्रम फैलाने में लगे थे, लेकिन आज की मुलाकात साफ कर देती है कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है।”
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत को सराहा और कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्हें जनता का समर्थन मिला, जिसका पूरा श्रेय जनता और संगठन को जाता है।
एलजेपी की यात्रा का जिक्र
चिराग ने बताया कि 2005 के बाद से एलजेपी कई चुनौतियों का सामना कर रही थी। 2009 में रामविलास पासवान तक को हार झेलनी पड़ी, लेकिन 2014 के बाद पार्टी ने मजबूत वापसी की।
उन्होंने कहा कि इस चुनाव में कई कठिन सीटें उनकी पार्टी को दी गई थीं और विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाकर कहा था कि “लोजपा को कमजोर करने के लिए ऐसा किया गया है।” लेकिन नतीजों ने सभी आरोपों को गलत साबित कर दिया।

चिराग ने विपक्ष पर साधा निशाना
चिराग पासवान ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें हमेशा जेडीयू और लोजपा के बीच अविश्वास और भ्रम फैलाने में जुटी रहती हैं। उन्होंने कहा— “हर चुनाव में कुछ लोग हमारे रिश्तों पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जनता ने अपने वोटों से साफ कर दिया कि हम एनडीए के मजबूत सहयोगी हैं।”
चिराग का बड़ा बयान — नीतीश ही आगे भी मुख्यमंत्री
मीडिया से बातचीत में चिराग ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उनकी नजर में बिहार का नेतृत्व आगे भी नीतीश कुमार ही संभालेंगे।
उन्होंने कहा— “एनडीए की ऐतिहासिक जीत नीतीश कुमार के नेतृत्व में मिली है। मुख्यमंत्री का दायित्व वे ही सबसे अच्छे तरीके से निभा सकते हैं।”
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