‘कांग्रेस का एक और विभाजन संभव’, पीएम मोदी के इस बयान के क्या हैं मायने! कहा— कांग्रेस अब ‘मुस्लिम लीगी माओवादी पार्टी’
दिल्ली में NDA की जीत का जश्न, पीएम मोदी के तीखे तेवर
बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की बड़ी जीत के बाद शुक्रवार को भाजपा ने दिल्ली मुख्यालय में जश्न मनाया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 42 मिनट का संबोधन दिया और कहा कि “बिहार के लोगों ने गर्दा उड़ा दिया है, अब कट्टा सरकार कभी वापस नहीं आएगी।”
उन्होंने मंच से छठी मईया के जयकारे भी लगाए और कहा कि जो लोग छठ पूजा को ‘ड्रामा’ कह सकते हैं, वे बिहार की इज्जत क्या करेंगे।

कांग्रेस पर फिर साधा निशाना
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस, आरजेडी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में भी जल्द भाजपा की सरकार बनेगी।
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अब “मुस्लिम लीगी माओवादी पार्टी” बन गई है।
200 का आंकड़ा हुआ पार
पीएम मोदी शाम भाजपा मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं का गमछा लहराकर स्वागत स्वीकार किया और कार्यकर्ताओं ने भी उसी तरह जवाब देकर माहौल को उत्साह से भर दिया।
बिहार में आज NDA की सरकार बन गई। गठबंधन ने कुल 243 में से 202 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जबकि महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया।
बिहार के विकास को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 5 सालों में राज्य में तेजी से निवेश होगा। नए उद्योग लगेंगे और युवाओं को यहीं रोजगार मिलेगा। उन्होंने निवेशकों से बिहार में निवेश करने की अपील की।

कार्यकर्ताओं को सराहा
NDA में भाजपा और जेडीयू ने 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा था। एलजेपी को 29, जबकि HAM और RLM को 6-6 सीटें दी गई थीं।
पीएम मोदी ने कहा कि यह जीत साबित करती है कि बिहार अब विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता जब ठान लेता है, तो कुछ भी असंभव नहीं रहता।
अब बंगाल की बारी
मोदी ने बंगाल के लोगों से अपील की कि वे भाजपा के साथ मिलकर “जंगलराज” को उखाड़ फेंकें। उन्होंने कहा कि बिहार की जीत ने बंगाल में भाजपा के लिए रास्ता साफ कर दिया है।
कांग्रेस पर हमले के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी में एक नया धड़ा उभर रहा है, जो नामदारों के खिलाफ है। इससे भविष्य में कांग्रेस का एक और विभाजन संभव है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी नकारात्मक राजनीति में अपने सहयोगियों को भी डुबो रही है, इसलिए उसके साथी दलों को सावधान रहने की आवश्यकता है।
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