विपक्ष पर वार: कांग्रेस–राजद पर घुसपैठियों को बचाने और सीमांचल को पिछड़ा बनाए रखने के गंभीर आरोप।
पीएम मोदी ने 36,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें एयरपोर्ट, रेलवे लाइन और राष्ट्रीय मखाना बोर्ड शामिल।
पीएम मोदी का बिहार दौरा: विपक्ष पर हमला और 36,000 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के दौरे पर पहुंचे। पूर्णिया में हुई जनसभा में प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण परियोजनाओं के उद्घाटन और घोषणाओं के अलावा विपक्ष को जमकर कोसा।
घुसपैठियों को बचाने के आरोप
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियों पर घुसपैठियों को बचाने के लिए यात्राएं करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि घुसपैठियों पर ताला लगाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इसीलिए मैंने लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की थी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा—जो यहां मेरे से पहले चक्कर काट कर गए, उन्हें मखाना क्या होता है इसके बारे में भी नहीं पता होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हमारा नारा है सबका साथ, सबका विकास लेकिन ये लोग सिर्फ अपने परिवार के विकास पर ही ध्यान देते हैं।
कांग्रेस और आरजेडी पर बरसे
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और आरजेडी पर सीमांचल को पिछड़ा बनाए रखने के भी आरोप लगाए और दो दशक पूर्व राजद शासनकाल के अपराध और जंगलराज की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राजद के कार्यकाल में महिलाओं की स्थिति सबसे खराब रही, उस समय सबसे ज्यादा बलात्कार ,हत्या होती थी । लेकिन एनडीए की डबल इंजन सरकार में आज लखपति दीदी और ड्रोन दीदी के रूप में महिलाएं सामने आ रही हैं।
केरल कांग्रेस का जिक्र
साथ ही प्रधानमंत्री ने केरल कांग्रेस द्वारा बिहार की बीड़ी से सोशल मीडिया पर तुलना करने की आलोचना की और कहा कि यह दर्शाता है कि लोग बिहार से कितनी नफरत करते हैं।प्रधानमंत्री ने जीएसटी का जिक्र करते हुए बताया कि छठ और दिवाली से पहले हमारी सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है, जिससे रोज़मर्रा की चीजें काफी सस्ती हो जाएंगी।
बिहार को तोहफा
प्रधानमंत्री की इस यात्रा में 36,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की घोषणा और उद्घाटन किए गए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन भी किया। इसके साथ ही राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की और रेलवे लाइन व नई ट्रेन का शुभारंभ भी किया। पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन इस यात्रा का मुख्य आकर्षण रहा। यह कोलकाता के बाद पूर्वी भारत और बिहार का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। प्रधानमंत्री ने विक्रमशिला और कटारिया के बीच 270 करोड़ की लागत से बनने वाली रेल लाइन का शिलान्यास भी किया, जिसने गंगा के पार सीधा रेल संपर्क प्रदान किया है।