मृत लोगों के सक्रिय आधार कार्ड से बैंक, राशन और वोटर सूची में गड़बड़ी बढ़ी, UIDAI अब तेजी से कर रहा है सफाई।

देश में लाखों लोगों की मौत के बाद भी उनके आधार कार्ड अब तक बंद नहीं किए गए हैं। UIDAI के मुताबिक, लगभग 6 करोड़ मृत लोगों के आधार नंबर अभी भी सक्रिय हैं। इस वजह से सरकारी योजनाओं, बैंक खातों और वोटर सूची में गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है।
क्या हैं पूरा मामला
UIDAI ने बताया कि अब तक करीब 1.55 करोड़ मृत व्यक्तियों का डेटा उसे मिला है, जिनमें से 1.17 करोड़ आधार निष्क्रिय किए जा चुके हैं। बाकियों की जांच जारी है। लेकिन देश में हर साल करीब 85 लाख मौतें दर्ज होती हैं, जिनमें कई लोगों की जानकारी UIDAI तक नहीं पहुँचती। पश्चिम बंगाल में ही 34 लाख मृत आधार कार्डधारक पाए गए हैं। वहीं, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में भी बड़ी संख्या में 100 साल से अधिक उम्र वाले आधार कार्ड दर्ज हैं।

क्या है मृत्यु सूचना पोर्टल
UIDAI ने “मृत्यु सूचना पोर्टल” शुरू किया है, ताकि परिजन ऑनलाइन मृत व्यक्ति का आधार बंद करा सकें। लेकिन अब तक सिर्फ 3 हजार लोगों ने इसका इस्तेमाल किया है, जिनमें से केवल 500 कार्ड ही बंद किए जा सके हैं। बैंकों ने भी कई मृत लोगों के आधार लिंक्ड खातों की पहचान की है। SBI और PNB ने मिलकर लाखों खातों में गड़बड़ी पकड़ी है। इसी तरह राशन और पेंशन योजनाओं में भी ऐसे कई फर्जी लाभार्थी मिले हैं।
बैंकों और योजनाओं में भी गड़बड़ी के संकेत मिले हैं—
- SBI ने अपने 22 करोड़ खातों में से 8 लाख खातों को बंद किया।
- PNB ने 4 लाख ऐसे खातों की पुष्टि की जिनके मालिक अब नहीं रहे।
- राशन कार्ड सिस्टम में 4.5 लाख मृत लोगों के कार्ड चालू पाए गए।
- पेंशनरों में से 22 लाख की मौत की पुष्टि हुई, फिर भी कुछ के कार्ड बंद नहीं हुए।
सीईओ भुवनेश कुमार का कहना है कि “देश में मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया अब भी “बेहद लापरवाह” है। पहले हर साल लगभग 56 लाख मौतें दर्ज होती थीं, अब यह आंकड़ा 85 लाख तक पहुंच गया है। फिर भी कई राज्यों से UIDAI को सही डेटा नहीं मिल रहा।” UIDAI ने राज्यों से आग्रह किया है कि वे मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को डिजिटल करें, ताकि हर मौत की जानकारी समय पर मिल सके और आधार डेटा सही रखा जा सके।