IIM उदयपुर की स्टडी में बड़ा खुलासा, अब कॉलेज और यूनिवर्सिटी में SC, ST और OBC वर्ग की भागीदारी सबसे ज्यादा

कुछ दशकों पहले तक भारत के बड़े कॉलेज, यूनिवर्सिटी या सरकारी नौकरियों में एक ही दृश्य आम था। अधिकतर सीटों पर सामान्य वर्ग (General Category) के लोग दिखाई देते थे। एससी (SC), एसटी (ST) और ओबीसी (OBC) वर्ग के लोग बहुत कम संख्या में उन जगहों तक पहुंच पाते थे। लेकिन समय के साथ हालात बदले। खासकर 1990 में आर्थिक उदारीकरण और आरक्षण नीति के मजबूत लागू होने के बाद यह महसूस किया गया कि देश की प्रगति तभी सच्ची होगी जब हर समुदाय को समान अवसर मिले। इसी सोच के कारण शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया। अब IIM Udaipur की एक रिपोर्ट ने इस बदलाव की तस्वीर साफ दिखाई है। इस स्टडी में बताया गया है कि आज उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षित वर्ग के छात्र नामांकन के मामले में आगे निकल चुके हैं।
क्या कहती है स्टडी?
IIM उदयपुर की स्टडी के अनुसार भारत की उच्च शिक्षा में अब 60.8% विद्यार्थी SC, ST और OBC वर्ग से आते हैं, जबकि सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी घटकर 39.2% रह गई है। यह बदलाव सिर्फ संख्या का नहीं बल्कि सोच और अवसरों के विस्तार का प्रतीक माना जा रहा है।
आंकड़े
सामान्य वर्ग: 39.2%
OBC: 38.9%
SC: 15.5%
ST: 6.4%
2010-11 से 2022-23 तक परिवर्तन
वर्ग पहले प्रतिशत (2010-11) अब प्रतिशत (2022-23)
सामान्य 56.9% 39.2%
OBC 27.6% 38.9%
SC 11.1% 15.5%
ST 4.4% 6.4%
ग्रोथ %
ST: 133.8%
OBC: 124.8%
SC: 122.9%
सामान्य वर्ग – केवल 9.5%
मात्रा में सबसे ज्यादा वृद्धि –
OBC वर्ग — 75,000 से बढ़कर 1,70,000 विद्यार्थी से अधिक
शिक्षा में यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बदलाव सिर्फ कॉलेज के क्लासरूम में चेहरों का परिवर्तन नहीं है। इसका असर समाज, अर्थव्यवस्था और भविष्य पर गहरा है। पहले जब सिर्फ कुछ समुदाय ही शिक्षा और नौकरियों तक आसानी से पहुंच पाते थे। तब विकास एकतरफा होता था। लेकिन अब जब ज्यादा समुदाय शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। तो
- आर्थिक अवसर बढ़ रहे हैं।
- सामाजिक अंतर कम हो रहे हैं।
- प्रतिनिधित्व मजबूत हो रहा है।
- देश की प्रतिभा समुदाय और क्षेत्रों के अनुसार अधिक विविध हो रही है।
आरक्षण का असर
आरक्षण को लेकर समाज में लंबे समय तक बहस होती रही है। कई लोग इसे जरूरी बताते हैं, जबकि कुछ इसे उल्टा मानते रहे। लेकिन इस रिपोर्ट ने यह साफ किया है कि –
- आरक्षण ने उन लोगों को रास्ता दिया जो कभी शिक्षा से दूर थे।
- अब वे सिर्फ पढ़ नहीं रहे बल्कि आगे बढ़कर अपनी जगह बना रहे हैं।
अब OBC, SC और ST क्यों तेज़ी से आगे बढ़े?
यह बदलाव सिर्फ आरक्षण की वजह से नहीं आया। इसके पीछे कई कारण हैं-
- स्कॉलरशिप और फीस में छूट।
- सरकारी स्कूलों का विस्तार।
- छात्रावास और शिक्षा योजनाएं।
- परिवारों में शिक्षा के प्रति जागरूकता।
- पहली पीढ़ी के शिक्षित युवाओं की नई भूमिका।
कई ऐसे परिवार हैं जिनमें पहली बार बच्चे कॉलेज पहुंचे हैं और अब वे नौकरी, शोध और नेतृत्व की नई दुनिया में कदम रख रहे हैं।