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चिदंबरम का निशाना किस पर 7! दिल्ली धमाके पर बोले “देश दो तरह के आतंकवाद से जूझ रहा है”,

मुंबई

पूर्व गृह मंत्री ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा – “भारत में ऐसे हालात क्यों बन रहे हैं कि अपने ही नागरिक आतंकी रास्ता चुन रहे हैं?”

दिल्ली के लाल किले के पास हुए हालिया आतंकी धमाके ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद राजनीतिक आरोपों का दौर भी शुरू हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने एक बार फिर देश के अंदर पनप रहे आतंकवाद पर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “भारत को आज दो तरह के आतंकवाद का सामना करना पड़ रहा है । एक वो जो बाहर से आता है, और दूसरा वो जो देश के भीतर ही जन्म लेता है।

क्या कहा चिदंबरम ने

पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वे “पहले भी कई बार यह बात कह चुके हैं कि आतंकवाद केवल सीमा पार से आने वाला खतरा नहीं है। उनके मुताबिक, देश के अंदर भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो कट्टर सोच से प्रभावित होकर हिंसा के रास्ते पर चल पड़ते हैं।”

चिदंबरम ने आगे कहा कि,“पहलगाम आतंकी हमले से पहले और बाद में भी मैंने यही कहा था कि आतंकवादी दो प्रकार के होते हैं। विदेश से प्रशिक्षित घुसपैठिए और हमारे अपने देश के भीतर पनपे आतंकवादी। मैंने संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान भी यही बात उठाई थी, लेकिन तब मेरा मजाक उड़ाया गया और मुझे ट्रोल किया गया था।” पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि “जब उन्होंने यह मुद्दा संसद में उठाया था तो कई लोगों ने इसे हल्के में लिया, लेकिन अब हालात खुद साबित कर रहे हैं कि देश के भीतर पनप रहे आतंकी नेटवर्क को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

सरकार की चुप्पी पर उठा सवाल

चिदंबरम ने अपने बयान में केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने लिखा कि यह कोई नई बात नहीं है कि सरकार इस पर कुछ नहीं बोल रही, क्योंकि उसे अच्छी तरह पता है कि देश के भीतर भी ऐसे तत्व सक्रिय हैं जो आतंकवादी सोच रखते हैं।

चिदंबरम ने कहा, “सरकार इस पर चुप है क्योंकि वह जानती है कि देश के भीतर भी आतंकवादी पनप रहे हैं। मेरा मकसद किसी पर उंगली उठाना नहीं, बल्कि यह पूछना है कि ऐसी कौन-सी परिस्थितियाँ हैं जो भारतीय नागरिकों को, यहाँ तक कि शिक्षित लोगों को भी, आतंकवाद की राह पर ले जाती हैं?” उन्होंने कहा कि “आतंकवाद को सिर्फ सीमा पार से आने वाली चुनौती के रूप में नहीं देखा जा सकता। जब देश के अपने लोग इस राह पर चल पड़ते हैं, तो यह केवल सुरक्षा की नहीं बल्कि समाज के भीतर बढ़ते असंतोष और कट्टरता की भी चेतावनी है।”

लाल किला धमाका

पी. चिदंबरम का बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ने दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके को “आतंकी घटना” घोषित कर दिया है। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में इस घटना पर चर्चा हुई और सभी सुरक्षा एजेंसियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक के बाद सरकार ने कहा कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों और उसके हर अभिव्यक्ति के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं न केवल निर्दोष नागरिकों की जान लेती हैं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा पर गहरा असर डालती हैं। सरकार ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया है कि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाए।

एनआईए ने संभाली जांच

इस विस्फोट की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को सौंप दी गई है। शुरुआती जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, विस्फोटक कार चलाने वाला व्यक्ति डॉ. उमर नबी था, जिसने कथित तौर पर 6 दिसंबर यानी बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के दिन दिल्ली में हमला करने की योजना बनाई थी। इस हमले की तैयारी कई महीनों से चल रही थी। बताया जा रहा है कि उमर नबी और उसका सहयोगी डॉ. मुजम्मिल गनई 2021 में तुर्किये (तुर्की) की यात्रा पर गए थे, जहां उनकी मुलाकात प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के ओवरग्राउंड वर्कर से हुई थी।

अधिकारियों का मानना है कि इस मुलाकात के बाद ही दोनों ने भारत लौटकर आतंकी हमले की साजिश रची थी। अब एनआईए उनकी वित्तीय लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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