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क्या है ये ‘आइस स्तूप’ जिसकी वजह फिर छाए सोनम वांगचुक,TIME मैगज़ीन ने दिया ये बड़ा सम्मान!

सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक ने HIAL में विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और स्थानीय आजीविका जैसे विषयों पर भी काम किया है।

सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक लद्दाख हिंसा के बाद गिरफ्तार कर लिए गए है । वे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में हैं। लेकिन दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित पत्रिका TIME की 2025 TIME100 Climate फेम सूची में शामिल किए गए हैं।

TIME मैगज़ीन का सम्मान — दुनिया से मिली पहचान

30 अक्टूबर को जारी TIME की 2025 TIME100 Climate सूची में सोनम वांगचुक को Defenders श्रेणी में शामिल किया गया। यानी ऐसे लोग जो ग्रह के सबसे नाजुक इकोसिस्टम और समुदायों की रक्षा कर रहे हैं। यह वही सूची है जिसमें दुनिया भर के वैज्ञानिक, उद्यमी और नेता शामिल हैं, जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ ठोस कदम उठा रहे हैं। TIME ने लिखा कि “वांगचुक हिमालय और वहां रहने वाले लोगों दोनों के रक्षक हैं।”

पत्नी का सरकार पर तंज

TIME की घोषणा के बाद वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सोशल मीडिया पर एक तीखा संदेश लिखा। उन्होंने एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति भवन को टैग करते हुए लिखा,“जब सरकार उन्हें देशद्रोही बताने में लगी है, तब TIME मैगज़ीन उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिन रही है, जो धरती को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।”

गीतांजलि ने इसे ‘ गहरी विडंबना ‘ का पल बताया और कहा कि एक ओर जहां दुनिया उनके काम को सलाम कर रही है, वहीं अपने देश में उन्हें कैद में रखा गया है।

 

बर्फ से बनाया पानी — ‘आइस स्तूप’ का जादू

लद्दाख में पानी की समस्या कोई नई नहीं है। गर्मियों में यहां की नदियां और झरने सूख जाते हैं, जिससे खेती नामुमकिन हो जाती है। इस समस्या को हल करने के लिए सोनम वांगचुक ने ‘आइस स्तूप’ (Ice Stupa) नामक तकनीक विकसित की ये कृत्रिम ग्लेशियर हैं, जो सर्दियों में पिघले पानी को जमा करते हैं और गर्मी आने पर धीरे-धीरे छोड़ते हैं। इसका फायदा किसानों को होता है, जो अब सूखे इलाकों में भी खेती कर पा रहे हैं। यह तकनीक इतनी सफल रही कि नेपाल, पाकिस्तान, चिली और स्विट्ज़रलैंड तक अपनाई गई। TIME मैगज़ीन ने भी अपने लेख में लिखा कि “वांगचुक ने जमे हुए रेगिस्तानों को उपजाऊ भूमि में बदल दिया।”

 

शिक्षा और समाज के लिए समर्पित

वांगचुक सिर्फ वैज्ञानिक नहीं, बल्कि समाज सुधारक भी हैं। उन्होंने Himalayan Institute of Alternatives, Ladakh (HIAL) की स्थापना की, जो एक ऐसी यूनिवर्सिटी है जहां शिक्षा सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर दी जाती है। उनका मानना है कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह स्थानीय समस्याओं को हल करने की क्षमता पैदा करे। HIAL में विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और स्थानीय आजीविका जैसे विषयों पर काम करते हैं।

 

क्यों हुई गिरफ्तारी?

दरअसल, वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और उसके पर्यावरण व स्वदेशी समुदायों की सुरक्षा के लिए संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर उन्होंने, 35 दिन की भूख हड़ताल की थी। उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन 24 सितंबर 2025 को लेह में प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई और वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। एक ऐसा कानून जो बिना मुकदमे के जेल में रखने की अनुमति देता है।

सोनम वांगचुक का नजरिया

वांगचुक का मानना है कि पर्यावरण की रक्षा राष्ट्रभक्ति से अलग नहीं है। वे कहते हैं, “अगर हिमालय नहीं बचा, तो भारत का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा।” उनका संदेश साफ है, विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास जो प्रकृति को साथ लेकर चले। उन्होंने बार-बार कहा है कि अगर सरकारें स्थानीय समुदायों की बात सुनें, तो जलवायु संकट से लड़ना आसान हो सकता है।

लद्दाख के लोग और उनकी उम्मीदें

लद्दाख के लोग वांगचुक को सिर्फ वैज्ञानिक नहीं, बल्कि अपने के प्रभावशाली लोगों में मानते हैं। उन्होंने जो शिक्षा मॉडल बनाया, उससे सैकड़ों बच्चों का जीवन बदला। जिन पहाड़ियों पर पहले सूखा राज करता था, वहां अब हरियाली नजर आती है। यही वजह है कि उनकी गिरफ्तारी से लद्दाख में मायूसी है, लेकिन लोगों में उम्मीद भी जिंदा है कि वे फिर से लौटेंगे।

कौन हैं सोनम वांगचुक?

लद्दाख की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में पले-बढ़े 57 वर्षीय सोनम वांगचुक एक इंजीनियर, शिक्षक और पर्यावरणविद हैं। उनका जन्म 11,500 फीट की ऊंचाई पर बसे लद्दाख के एक छोटे से गांव में हुआ। वहीं की बर्फ, पत्थर और पानी ने उन्हें सिखाया कि असंभव को कैसे संभव बनाया जा सकता है। उन्होंने पारंपरिक लद्दाखी ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा और ऐसी खोजें कीं जिनसे दुनिया चकित रह गई।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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