सोनम वांगचुक की पत्नी का राष्ट्रपति को पत्र, जांच एजेंसियों पर लगाए आरोप
सोशल ऐक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर अपने पति की बिना शर्त रिहाई की मांग की है। वांगचुक जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्हें लद्दाख में हिंसा भड़काने के आरोप में एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया है।
पत्नी का पत्र
बुधवार को लिखे पत्र में गीतांजलि अंगमो ने कहा कि उनके पति को झूठे आरोपों में फंसाया गया है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि एक आदिवासी समाज से आने के नाते आप लद्दाख के लोगों की भावनाओं को समझ सकती हैं।
जांच एजेंसियों पर आरोप
गीतांजलि अंगमो ने जांच एजेंसियों पर आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से उनके पति को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस “विच हंट” का उद्देश्य वांगचुक को कमजोर करना और उनके आंदोलन की भावना को कुचलना है। उन्होंने वांगचुक को गांधीवादी प्रदर्शनकारी बताते हुए कहा कि वह जलवायु और क्षेत्र के विकास के लिए शांतिपूर्ण लड़ाई लड़ रहे हैं।
उठाए सवाल
पत्र में अंगमो ने लिखा – “क्या जलवायु परिवर्तन, पिघलते ग्लेशियर, शैक्षिक सुधारों और जमीनी स्तर पर नवाचार की बात करना अपराध है? क्या आदिवासी क्षेत्र के उत्थान के लिए आवाज उठाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा कहा जा सकता है?”
राष्ट्रपति से अपील
गीतांजलि अंगमो ने राष्ट्रपति मुर्मू से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि आप भी आदिवासी पृष्ठभूमि से आती हैं, इसलिए लेह-लद्दाख के लोगों की भावनाओं को समझ सकती हैं।
गिरफ्तारी का मामला
आपको बता दें कि 26 सितंबर को सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया और जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा गया। लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत और हिंसा भड़काने के आरोप में यह कार्रवाई की गई थी। इस बीच, क्षेत्र में BNSS की धारा 163 के तहत लगे प्रतिबंधों में ढील दी गई है, जिससे लोगों को आवश्यक वस्तुएं खरीदने की अनुमति मिल सकी।