हरमनप्रीत ने क्यों कहा – “दीप्ती इस टीम की धड़कन हैं!” जानिए दीप्ती का आगरा की गलियों से ‘प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट’ का सफर!
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 2025 के ICC महिला वनडे विश्व कप में इतिहास रच दिया है। भारत ने दक्षिण अफ्रीका को फाइनल मुकाबले में 52 रनों से हराकर पहली बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। यह जीत केवल टीम इंडिया के लिए नहीं, बल्कि हर उस भारतीय के लिए गर्व का पल थी जिसने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचते देखा। इस ऐतिहासिक सफर में एक नाम सबसे ज्यादा चमका — दीप्ती शर्मा।
ऑल-राउंड प्रदर्शन से बनाई अलग पहचान
वर्ल्ड कप के हर मैच में दीप्ती ने भारत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। पहले मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 53 रन बनाए और गेंदबाजी में 3 विकेट लिए। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 58 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली और फिर अपनी गेंदबाजी के जादू से 5 विकेट झटके। उनके प्रदर्शन ने भारत को जीत की राह पर ला खड़ा किया। यही नहीं, पूरे टूर्नामेंट में दीप्ती ने 215 रन और 22 विकेट हासिल किए — जिससे वे ‘प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट’ बनीं।
दीप्ती शर्मा ने इस वर्ल्ड कप में ऐसे रिकॉर्ड बनाए जिन्हें पुरुष या महिला, किसी ने पहले नहीं छुआ था। वे वर्ल्ड कप इतिहास में पहली खिलाड़ी बनीं जिन्होंने एक संस्करण में 200+ रन और 20+ विकेट हासिल किया। उन्होंने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली भारतीय महिला गेंदबाज का रिकॉर्ड अपने नाम किया। वर्ल्ड कप फाइनल में ‘5 विकेट’ लेने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी भी बनीं। उनका नाम अब कपिल देव और हरमनप्रीत कौर जैसे दिग्गजों की लिस्ट में दर्ज हो चुका है।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने की तारीफ
दीप्ती शर्मा के प्रदर्शन की असली ताकत उनकी ‘ऑल-राउंड क्षमता’ में रही। वे केवल बल्लेबाज या गेंदबाज नहीं रहीं, बल्कि हर बार परिस्थिति के अनुसार खुद को ढाला। जब टीम को रन की जरूरत थी — वे रन बनाती रहीं, जब टीम को विकेट की जरूरत थी — वे विकेट लाती रहीं। उनकी सटीक ऑफ-स्पिन गेंदबाजी और बल्लेबाजी ने भारत को हर मुश्किल मुकाबले में संभाला।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा — “दीप्ती इस टीम की धड़कन हैं। जब वो मैदान पर होती हैं, पूरी टीम को भरोसा होता है कि मैच हमारे हाथ से नहीं जाएगा।”

आगरा से हुई क्रिकेट की शुरुआत
दीप्ती शर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ। क्रिकेट में उनका सफर किसी आसान राह की तरह नहीं रहा। बचपन में अपने भाई के साथ गली-मोहल्लों में क्रिकेट खेलने वाली दीप्ती ने धीरे-धीरे प्रदेश स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई। उनकी मेहनत, समर्पण और अनुशासन ने उन्हें भारतीय टीम की ‘ऑल-राउंड’ रीढ़ बना दिया। 2014 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया, और 2025 आते-आते वे भारत की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुकी हैं।
‘मांकड रन-आउट’ के बाद हुई थी आलोचना
2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स के विवादास्पद ‘मांकड रन-आउट’ प्रकरण के बाद दीप्ती शर्मा ने जिस तरह आलोचनाओं को झेला और खुद को बेहतर बनाया, वह उनकी मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है। इस वर्ल्ड कप में उन्होंने हर गेंद, हर रन को ‘टीम-फर्स्ट’ के नजरिए से खेला। उनकी यह मानसिक शक्ति ही उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।