छठ पूजा से पहले यमुना घाटों की सफाई पर सियासी जंग, AAP-BJP आमने-सामने
सौरभ भारद्वाज ने लगाया कृत्रिम घाट बनाने का आरोप, तो बीजेपी बोली, “विकास पर आपत्ति करने वाली पहली पार्टी बन गई है आम आदमी पार्टी”

दिल्ली में छठ पूजा पर यमुना किनारे की सफाई को लेकर राजनीति गर्मा गई है। एक तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) का आरोप है, कि सरकार कृत्रिम घाट बनाकर लोगों को गुमराह कर रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि AAP को जनता की आस्था और स्वच्छता दोनों से समस्या है।
सौरभ भारद्वाज का दावा ‘ दिखावा कर रही ‘
AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने यमुना किनारे वासुदेव घाट का एक वीडियो जारी कर दावा किया कि वहां कृत्रिम घाट बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घाट को खास तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के आने की संभावना को देखते हुए तैयार किया जा रहा है। भारद्वाज ने कहा कि यहां यमुना का पानी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा, बल्कि सोनिया विहार से पाइपलाइन के ज़रिए गंगा का फिल्टर्ड पानी लाकर घाट में भरा जा रहा है। उनके मुताबिक, “प्रधानमंत्री के लिए साफ पानी और आम श्रद्धालुओं के लिए यमुना का गंदा पानी यह भेदभाव है। सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है।”
बीजेपी का पलटवार
इस बयान पर बीजेपी ने कड़ा जवाब दिया। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि “आम आदमी पार्टी अब राजनीतिक हताशा का मॉडल बन चुकी है।” उन्होंने कहा कि जब सत्ता में थी तब केजरीवाल सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास की बात करती थी, लेकिन अब सिर्फ आलोचना और विरोध की राजनीति कर रही है। सचदेवा ने तंज कसते हुए कहा, “देश में विपक्ष को गंदगी पर आपत्ति करते देखा गया है, लेकिन यह पहली बार है जब कोई पार्टी सफाई पर आपत्ति कर रही है।”
छह साल तक छठ पूजा पर रोक लगाई थी AAP सरकार ने
वीरेंद्र सचदेवा ने यह भी कहा कि जब अरविंद केजरीवाल की सरकार थी, तब लगातार छह साल तक यमुना किनारे छठ पूजा पर रोक लगी रही। उन्होंने दावा किया कि 2018 से 2024 तक बिना किसी प्रशासनिक कारण या न्यायिक आदेश के बिहार और पूर्वांचल समाज को छठ पूजा से वंचित रखा गया। अब जब आठ महीने पुरानी रेखा गुप्ता सरकार ने घाटों की सफाई कर उन्हें नया जीवन दिया है, तो ‘ AAP ‘ को समस्या होने लगी है। सचदेवा बोले, “जब यमुना के किनारे प्राकृतिक घाटों को फिर से जीवित किया जा रहा है, तो ‘AAP ’ के नेताओं को यह अच्छा नहीं लग रहा।”

बीजेपी ने उठाए दो बड़े सवाल
सचदेवा ने आम आदमी पार्टी से दो सवाल पूछे
- आखिर 2018 से 2024 तक यमुना किनारे छठ पूजा पर रोक क्यों लगाई गई?
- जब घाटों की सफाई और साफ पानी की व्यवस्था की जा रही है, तो उसमें परेशानी क्यों है?
उन्होंने कहा कि दिल्ली का बिहार और पूर्वांचल समाज अब इन सवालों के जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है, ‘ राजनीति छोड़िए, श्रद्धालुओं का सम्मान कीजिए ‘ बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि “छठ पर्व केवल पूजा नहीं, बल्कि आस्था, पर्यावरण और स्वच्छता का प्रतीक है। उन्होंने AAP नेताओं से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर ध्यान दें।” बीजेपी का कहना है कि ” इस बार सभी घाटों पर साफ पानी, सुरक्षा और प्रकाश की पूरी व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।”
प्रवीण शंकर कपूर का व्यंग्य
बीजेपी के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने भी सौरभ भारद्वाज के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारद्वाज ने सुबह दावा किया था कि वह “बड़ा खुलासा” करने वाले हैं। लेकिन जब उन्होंने वीडियो जारी किया तो वह खोखला निकला। कपूर ने व्यंग्य करते हुए कहा, “सौरभ भारद्वाज का वीडियो देखकर ‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया’ वाली कहावत सच हो गई। फर्क बस इतना कि चुहिया भी मरी हुई निकली।” उन्होंने कहा कि AAP नेता ने घाटों की सफाई पर सवाल उठाकर खुद को मज़ाक का पात्र बना लिया है।
AAP विकास से नहीं, राजनीति करने वाली पार्टी बन गई है
बीजेपी नेताओं का कहना है कि आम आदमी पार्टी अब सिर्फ विरोध करने के लिए राजनीति करती है। न तो जनता के मुद्दों पर ध्यान देती है और न ही किसी सकारात्मक कदम की सराहना करती है। सचदेवा ने कहा, “AAP अब वही पार्टी रह गई है जो पहले विकास की बात करती थी, और अब सफाई, स्वच्छता और आस्था पर राजनीति करती है।”
दिल्ली में छठ की तैयारियां
वहीं, छठ पर्व को लेकर दिल्ली प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज़ हैं। यमुना किनारे घाटों पर सफाई, सुरक्षा, प्रकाश और पानी की जांच की जा रही है। इस बार घाटों पर बांस की बेरिकेडिंग, महिलाओं के लिए विशेष चेंजिंग एरिया और बच्चों के लिए सुरक्षित जोन बनाए गए हैं। बीजेपी के अनुसार, 8 महीने में रेखा गुप्ता सरकार ने घाटों को नया स्वरूप दिया है ताकि श्रद्धालु स्वच्छ वातावरण में छठ का व्रत कर सकें।
सौरभ भारद्वाज का पलटवार
उधर, सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ सच दिखाना था। उन्होंने कहा, “हमारे सवाल राजनीतिक नहीं हैं, हम बस यह जानना चाहते हैं कि पीएम के लिए अलग घाट क्यों बनाया जा रहा है और आम जनता को गंदे पानी में क्यों उतारा जा रहा है?” उन्होंने कहा कि बीजेपी को यह बताना चाहिए कि यमुना में अब तक कितना प्रदूषण घटा है, और क्या घाटों का पानी वास्तव में स्नान योग्य है।