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CIA ने खोली पाकिस्तान की पोल ! अमेरिका से मिले करोड़ों डॉलर का इस्तेमाल भारत में आतंकी हमलों की साजिश में

पूर्व सीआईए अधिकारी जॉन

पूर्व सीआईए अधिकारी जॉन किरियाको ने खोले कई राज़ — बताया कैसे अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंक के खिलाफ लड़ाई के नाम पर पैसा दिया, लेकिन वह भारत में आतंक फैलाने में लगा रहा।

पूर्व सीआईए अधिकारी जॉन

अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) के पूर्व अधिकारी जॉन किरियाको ने पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि “अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर करोड़ों डॉलर दिए, लेकिन पाकिस्तान ने उस पैसे का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया।

किरियाको का कहना है कि पाकिस्तान सालों से ‘ दोहरा खेल ‘ खेल रहा है। एक तरफ वह आतंक के खिलाफ अमेरिका का सहयोगी बनकर खड़ा रहता है, और दूसरी ओर भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचता है।

भारत-पाकिस्तान को लेकर खुलासे

जॉन किरियाको ने बताया कि 9/11 के बाद दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर आतंकी हमला हुआ था। उस वक्त अमेरिका को लगा था, कि भारत और पाकिस्तान के बीच कभी भी युद्ध छिड़ सकता है। उसी दौरान वह पाकिस्तान में सीआईए के आतंक-रोधी अभियानों की अगुवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि “उस समय अमेरिका ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया था कि भारत को उकसाना बंद करे, क्योंकि भारत के साथ किसी भी तरह के युद्ध में पाकिस्तान को कुछ हासिल नहीं होगा। किरियाको के मुताबिक, पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि भारत के साथ जंग उसकी तबाही का कारण बन सकती है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका इशारा पारंपरिक युद्ध से था, न कि परमाणु हथियारों से।

पाकिस्तान का दोहरा चेहरा

जॉन किरियाको ने पाकिस्तान की रणनीति को “पाखंडी” बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक तरफ दुनिया को दिखाता था कि वह आतंक के खिलाफ लड़ रहा है, लेकिन दूसरी तरफ भारत में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा था।

उन्होंने बताया कि जनरल परवेज़ मुशर्रफ के कार्यकाल में पाकिस्तान की सेना का पूरा ध्यान भारत पर था, न कि अल-कायदा या अन्य आतंकवादी संगठनों पर। किरियाको के अनुसार, मुशर्रफ ने सिर्फ सेना और कुछ चरमपंथी गुटों को खुश रखने के लिए अमेरिका का साथ देने का दिखावा किया। पाकिस्तानी सेना को अल-कायदा की परवाह नहीं थी, उन्होंने कहा, “उन्हें सिर्फ भारत से दुश्मनी निभानी थी। इसलिए अमेरिका की मदद लेने के बावजूद उन्होंने भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं किया।”

अमेरिका से मिले करोड़ों डॉलर

इस इंटरव्यू का सबसे बड़ा खुलासा यही था कि अमेरिका ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को करोड़ों डॉलर कैश में दिए। किरियाको ने कहा, “हमने पाकिस्तान की एजेंसी को इनाम के तौर पर बहुत सारा पैसा दिया, लेकिन हमें नहीं पता कि उन्होंने उस पैसे का क्या किया।”

उन्होंने बताया कि आतंक के खिलाफ अभियान चलाने के नाम पर अमेरिका ने पाकिस्तान को लाखों-करोड़ों डॉलर की आर्थिक मदद दी। यह पैसा इसलिए दिया गया था, ताकि पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म करने में मदद करे, लेकिन वास्तव में उसने उस धन का इस्तेमाल भारत पर निगरानी और आतंकी गतिविधियों के लिए किया। किरियाको ने यह भी कहा कि उस दौर में अमेरिका के लिए पाकिस्तान को ‘ खरीदना ‘ आसान था। उनके मुताबिक, “हमें तानाशाहों के साथ काम करना आसान लगता था क्योंकि वहां जनता या मीडिया का कोई दबाव नहीं होता। परवेज़ मुशर्रफ हमें अपनी मर्जी से सब करने देते थे। हम उनसे हफ्ते में कई बार मिलते थे और उन्हें मनाना मुश्किल नहीं था।”

अमेरिका पर भी सवाल

किरियाको ने अपने बयान में सिर्फ पाकिस्तान को ही नहीं, बल्कि अमेरिका की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “अमेरिका खुद को लोकतंत्र और मानवाधिकारों का रक्षक बताता है, लेकिन उसकी नीतियां हमेशा स्वार्थ पर आधारित होती हैं। उन्होंने खुलासा किया कि अमेरिका के पास पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक अब्दुल कादिर खान को खत्म करने का मौका था। अमेरिकी एजेंसियों को उनकी हर गतिविधि की जानकारी थी, लेकिन सऊदी अरब के दबाव में अमेरिका ने ऐसा नहीं किया। किरियाको ने कहा, “हम जानते थे कि अब्दुल कादिर खान कहाँ रहते हैं और उनकी दिनचर्या क्या है, लेकिन सऊदी सरकार ने हमसे कहा “उसे छोड़ दो, हम उसके साथ काम कर रहे हैं और अमेरिका ने वही किया।”

जॉन किरियाको के मुताबिक, अगर पाकिस्तान ने यह रवैया नहीं बदला तो उसे खुद ही सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। किरियाको ने कहा, “इस्लामाबाद को समझना होगा कि भारत के साथ टकराव से उसे कुछ नहीं मिलेगा। युद्ध से पाकिस्तान का भविष्य और कमजोर ही होगा।” जॉन किरियाको के इस इंटरव्यू ने एक बार फिर अमेरिका-पाकिस्तान के पुराने रिश्तों की सच्चाई सामने ला दी है।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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