लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए 2025 का चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेगा। राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोले, “राजद से बदला ले रहे हैं।” 2030 तक बिहार की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने की घोषणा, और 225 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा।

बिहार की सियासत में लगातार बदलते समीकरणों के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि “एनडीए बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेगा और गठबंधन के अंदर किसी तरह का भरोसे का संकट नहीं है।” चिराग ने कहा, “नीतीश जी इस वक्त हमारे एनडीए के ‘दूल्हा’ हैं। हम सब उनका साथ दे रहे हैं और 160 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।”
2020 की नाराजगी अब बीती बात – चिराग
इंटरव्यू में चिराग पासवान ने 2020 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय नीतीश कुमार की नाराजगी स्वाभाविक थी। उन्होंने कहा, “जब मेरी पार्टी ने 137 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा था, तो जेडीयू की सीटें 71 से घटकर 43 रह गई थीं। नीतीश जी का गुस्सा उस वक्त जायज था, लेकिन अब हम साथ हैं और एक साझा मकसद के लिए काम कर रहे हैं।” चिराग ने इस बात पर भी जोर दिया कि उनकी लड़ाई ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के सिद्धांत पर टिकी है, और उनका लक्ष्य किसी व्यक्ति विशेष से टकराव नहीं, बल्कि राज्य के विकास को गति देना है।
राहुल गांधी पर सीधा वार
चिराग पासवान ने अपने बयान में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन पर भी तंज कसा। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ” इंडिया गठबंधन के भीतर जारी ‘दोस्ताना मुकाबले’ असल में “राहुल गांधी की सहमति की कमी का परिणाम हैं।” चिराग के मुताबिक, विपक्ष की ये अंदरूनी कलह एनडीए के लिए फायदा साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब भ्रम में नही हैं और भाजपा-जेडीयू-लोजपा गठबंधन पर भरोसा कर रही है।

नीतीश के साथ चिराग का रिश्ता
नीतीश कुमार से रिश्तों को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग ने कहा, “मेरे और नीतीश जी के बीच अब कोई गलतफहमी नहीं है। हमें पूरा भरोसा है कि उनके नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ेगा। छठ पूजा के बाद हम साथ में प्रचार अभियान शुरू करेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि यह पहला मौका है जब लोजपा जेडीयू के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है। “हमारा मकसद किसी दल को कमजोर करना नहीं, बल्कि एनडीए को मजबूत बनाना है।”
सीट बंटवारे पर बोले चिराग
चिराग पासवान ने सीट बंटवारे के सवाल पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि उन्होंने भाजपा को कम से कम 100 सीटें देने और जेडीयू को उससे कम नहीं देने का सुझाव दिया था। उन्होंने बताया, “बाकी 43 सीटें लोजपा, हम सेक्युलर और आरएलएम के बीच बांटी गई हैं। इसमें किसी तरह का विवाद नहीं हुआ। बस सीटों के नाम तय करने में थोड़ा समय लगा। मुझे खुशी है कि कई सीटें मेरी पसंद की मिली हैं।” चिराग ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी विधायक के बावजूद उनकी पार्टी पर भरोसा दिखाया और उन्हें 29 सीटें आवंटित कीं। “मैं इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का बेहद आभारी हूं।”
2030 तक बड़ी भूमिका निभाने की योजना
जब चिराग से उनके भविष्य के राजनीतिक सफर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे 2030 तक बिहार की राजनीति में एक बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में हैं। “फिलहाल मेरा ध्यान 2025 के चुनाव पर है। इस बार मैं खुद चुनाव लड़ना चाहता था, लेकिन सीट बंटवारे में देरी के कारण फैसला नहीं हो सका।” उन्होंने दावा किया कि एनडीए इस बार 225 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहा है और बिहार की जनता इस बार स्थिरता और विकास के नाम पर वोट देगी।
विपक्ष की कमजोरी, NDA की मजबूती”
चिराग पासवान ने कहा कि इस बार का माहौल पूरी तरह एनडीए के पक्ष में है। उन्होंने कहा, “‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर जिस तरह के मतभेद हैं, उससे जनता में भ्रम पैदा हो गया है। वहीं, एनडीए एकजुट होकर मैदान में उतर रहा है। भाजपा, जेडीयू, लोजपा और अन्य सहयोगी दल एक दिशा में काम कर रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता अब पुराने विवादों से आगे बढ़ चुकी है और विकास की राजनीति चाहती है। “अब बिहार की राजनीति बदले की नहीं, भरोसे की होगी। ” चिराग पासवान के हालिया बयान ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। कभी नीतीश कुमार के कट्टर आलोचक माने जाने वाले चिराग अब उनके सबसे मुखर समर्थक बन गए हैं। उनके बयान से साफ है कि एनडीए का पूरा फोकस एकता, सीट बंटवारे की स्पष्टता और विपक्ष की कमजोरियों का फायदा उठाने पर है। चिराग ने अपने अंदाज में कहा, “हम सब नीतीश जी के साथ हैं, बिहार के दूल्हे भी वही हैं और बिहार का भविष्य भी।”
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