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सोनाक्षी सिन्हा का धमाकेदार साउथ डेब्यू — ‘जटाधारा’ से मचा तहलका!

जटाधारा

“जब लालच बन जाए पूजा, तो शक्ति खुद सज़ा बन जाती है।”

 

सोनाक्षी सिन्हा का शक्तिशाली अवतार, सुधीर बाबू का तार्किक किरदार और रहस्यमयी कहानी — सब मिलकर ‘जटाधारा’ को 2025 की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बना रहे हैं।

जटाधारा

बॉलीवुड की दमदार अदाकारा सोनाक्षी सिन्हा अब तेलुगू सिनेमा में अपना जलवा बिखेरने जा रही हैं। उनकी पहली साउथ फिल्म ‘जटाधारा’ का ट्रेलर रिलीज होते ही इंटरनेट पर तहलका मचा चुका है। ट्रेलर को लॉन्च किया है साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू ने, और कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर #JatadharaTrailer ट्रेंड करने लगा। फिल्म का ट्रेलर जितना रहस्यमयी है, उतना ही डर और रोमांच से भरा हुआ भी है। दर्शकों का कहना है कि उन्होंने लंबे वक्त बाद किसी हिंदी-तेलुगू फिल्म में इतना “डार्क मैजिक और मिस्ट्री” देखा है।

शक्तिशाली किरदार में नजर आईं सोनाक्षी सिन्हा

‘जटाधारा’ में सोनाक्षी सिन्हा पूरी तरह से नए और अनोखे लुक में दिखाई दे रही हैं। मोटा काजल, लाल बिंदी और सोने के आभूषणों से सजी सोनाक्षी का लुक रहस्य और शक्ति दोनों का प्रतीक लगता है। वह फिल्म में ‘धन पिशाचिनी’ नाम की शक्तिशाली महिला का किरदार निभा रही हैं, जो खजाने की रक्षा के लिए अंधेरे की शक्तियों से जंग लड़ती है। उनकी आंखों में भय और शक्ति का अद्भुत मिश्रण देखने लायक है — यही वजह है कि दर्शक इस फिल्म को लेकर बेहद उत्साहित हैं।

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कहानी में रहस्य, तंत्र और सदियों पुराना श्राप

फिल्म की कहानी शुरू होती है एक खजाने की खोज से। कहा जाता है कि इस खजाने की रक्षा कोई साधारण इंसान नहीं, बल्कि धन पिशाचिनी (सोनाक्षी सिन्हा) करती है। यह खजाना शिल्पा शिरोडकर के घर में छिपा होता है, और उसकी खोज में वह तंत्र-मंत्र के रास्ते पर निकल पड़ती हैं। यहीं से कहानी रहस्य, भय और अलौकिक शक्तियों की भूलभुलैया में उतर जाती है। फिल्म का मूल संदेश यह है कि इंसान की लालच और महत्वाकांक्षा कभी-कभी उसके विनाश का कारण बन जाती है।

सुधीर बाबू बने घोस्ट हंटर

फिल्म में सोनाक्षी के अपोजिट तेलुगू एक्टर सुधीर बाबू नजर आ रहे हैं, जो एक घोस्ट हंटर (भूतों का पीछा करने वाला) बने हैं।
सुधीर का मानना है कि भूत-प्रेत जैसी कोई चीज नहीं होती, लेकिन जब वह धन पिशाचिनी के रहस्य से टकराते हैं, तो उनकी दुनिया पूरी तरह बदल जाती है। ट्रेलर में दोनों के बीच फाइट सीक्वेंस बेहद इंटेंस हैं। खास तौर पर विजुअल इफेक्ट्स और बैकग्राउंड स्कोर दर्शकों को रोमांचित कर देते हैं।

निर्देशन और प्रोडक्शन

‘जटाधारा’ का निर्देशन वेंकट कल्याण और अभिषेक जायसवाल ने मिलकर किया है। दोनों ने आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय लोककथाओं और रहस्यमयी परंपराओं को जोड़ा है। फिल्म का निर्माण जी स्टूडियोज और प्रेरणा अरोड़ा ने किया है, जो पहले ‘रुस्तम’ और ‘पैडमैन’ जैसी सफल फिल्मों का निर्माण कर चुकी हैं।

प्रोड्यूसर शिविन नारंग का कहना है,

जटाधारा सिर्फ एक डरावनी फिल्म नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति के रहस्यों और लोककथाओं की गहराई में उतरने की कोशिश है।

जटाधारा

दमदार कास्ट और रोल्स

  • सोनाक्षी सिन्हा – धन पिशाचिनी
  • सुधीर बाबू – घोस्ट हंटर
  • शिल्पा शिरोडकर – रहस्यमयी महिला
  • दिव्या खोसला कुमार – रहस्यों से जुड़ी पुरातत्व विशेषज्ञ
  • इंदिरा कृष्णा, रवि प्रकाश, नवीन नेनी और रोहित पाठक – सहयोगी भूमिकाओं में

हर किरदार कहानी में गहराई जोड़ता है और उनके बीच के संघर्ष फिल्म को और प्रभावशाली बनाते हैं।

जटाधारा

ट्रेलर में क्या खास है?

ट्रेलर की शुरुआत होती है एक पुरानी हवेली से, जहाँ एक गुप्त किताब और खजाने की पहेली छिपी होती है।
धीरे-धीरे कैमरा सोनाक्षी पर फोकस करता है — उनकी आंखों में रहस्य, चेहरे पर गुस्सा और आसपास फैला डरावना सन्नाटा।
पृष्ठभूमि में शक्तिशाली मंत्रोच्चारण गूंजता है, जो फिल्म के रहस्यमयी माहौल को और प्रबल बना देता है।
विजुअल इफेक्ट्स और सिनेमैटोग्राफी दर्शकों को ‘पैन-इंडिया हॉरर यूनिवर्स’ की शुरुआत का एहसास कराते हैं।

कब होगी रिलीज़ ‘जटाधारा’?

  • ‘जटाधारा’ 7 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगू दोनों भाषाओं में रिलीज़ होगी।
  • फिल्म के डिजिटल और म्यूजिक राइट्स को लेकर कई बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पहले से बातचीत में हैं।
  • ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फिल्म सोनाक्षी सिन्हा के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।

उन्होंने ‘दहाड़’ और ‘हीरमंडी’ जैसी गंभीर भूमिकाओं में अपनी एक्टिंग से प्रभावित किया है, और अब ‘जटाधारा’ से वह साउथ ऑडियंस को भी जीतने जा रही हैं।

सुपरनेचुरल और संस्कृति का नया संगम

जहाँ बॉलीवुड में हॉरर फिल्मों में अक्सर कॉमेडी का तड़का देखा गया है, वहीं ‘जटाधारा’ भारतीय परंपरा के गूढ़ रहस्यों और शक्ति की अवधारणा को एक नए अंदाज़ में प्रस्तुत करती है। यह फिल्म दिखाती है कि भारतीय लोककथाएँ सिर्फ कहानियाँ नहीं, बल्कि उनमें छिपे संदेश आज भी समाज को दिशा दे सकते हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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