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‘परिवार को लगातार धमकाया जा रहा’ रायबरेली में बोले राहुल गांधी ,दलित युवक की शक के आधार पर निर्ममता से पीटने से हुई थी मौत

रायबरेली में दलित युवक की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, राहुल गांधी ने शोक जताते हुए कहा—“न्याय दिलाना हमारी जिम्मेदारी है, अपराधियों को बचाया नहीं जाएगा।”

दलित युवक

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में कुछ दिन पहले हुई हरिओम वाल्मीकि की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। भीड़ द्वारा पीटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। इसी मामले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फतेहपुर पहुंचकर हरिओम के परिवार से मुलाकात की और न्याय की मांग की।

क्या हैं। पूरा मामला?

घटना 1 अक्टूबर को रायबरेली जिले में रहने वाले हरिओम वाल्मीकि को लोगों ने चोरी के शक में पकड़ लिया। भीड़ ने उन्हें बेरहमी से इतना मारा कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने अब तक करीब एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। हरिओम का शव ईश्वर दासपुर रेलवे हॉल्ट के पास मिला था। परिवार का कहना है कि “उनका बेटा निर्दोष था, उसे गलतफहमी में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला।”

राहुल गांधी का फतेहपुर दौरा

शुक्रवार सुबह राहुल गांधी दिल्ली से सड़क मार्ग से फतेहपुर पहुंचे, जहां उन्होंने हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात की। शुरुआत में यह चर्चा थी कि परिवार राहुल गांधी से मिलने को तैयार नहीं है और गांव में कुछ विरोध के पोस्टर भी लगाए गए थे। लेकिन राहुल गांधी ने परिवार के घर जाकर करीब आधे घंटे तक बातचीत की और उनका दुख-दर्द सुना।

मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा, “मैं आज यहां इसलिए आया हूं ताकि इनके दर्द को समझ सकूं। सरकार में नहीं हैं, इसलिए बहुत कुछ नहीं कर सकते, लेकिन जितनी मदद हो सकेगी, करेंगे। जहां भी दलितों पर अत्याचार होगा, कांग्रेस उसकी आवाज बनेगी।”

राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए?

जब राहुल गांधी से पत्रकारों ने सवाल पूछा कि परिवार से मुलाकात को लेकर इतना विवाद क्यों हुआ, तो उन्होंने कहा, “आपने देखा कि मैं उनसे मिला। उन्होंने बताया कि सुबह उन्हें धमकाया गया था। कहा गया कि राहुल गांधी से मत मिलिए। लेकिन मेरे लिए यह जरूरी नहीं है कि वो मुझसे मिलें। जरूरी बात यह है कि उनका बेटा निर्दोष था और उसकी हत्या हुई है। अपराधी वे लोग हैं जिन्होंने यह कांड किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि,“यह घटना केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि समाज में फैली नफरत और दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचार की झलक है। कुछ दिन पहले एक दलित अफसर ने भी आत्महत्या की थी, मैं वहां भी गया था। आज फिर यहां आया हूं क्योंकि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है।”

‘परिवार को डरा-धमकाया जा रहा है’ – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार परिवार पर दबाव बना रही है। उनके मुताबिक, “परिवार को घर में बंद करके रखा गया है। अंदर एक लड़की है जिसे ऑपरेशन करवाना है, लेकिन वह बाहर नहीं जा पा रही क्योंकि उन्हें डराया जा रहा है। सरकार को चाहिए कि वो इन्हें सम्मान दे और असली अपराधियों को सज़ा दिलाए।”

परिवार ने क्या कहा?

हरिओम वाल्मीकि के भाई ने मीडिया से बातचीत में बताया, “हमने राहुल गांधी को अपनी सारी बातें बताईं। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वो न्याय दिलाने की कोशिश करेंगे। हमने यह भी बताया कि प्रशासन हमारे साथ है और जांच ठीक तरीके से चल रही है।”

परिवार ने बंधक बनाए जाने की अफवाहों को भी सिरे से नकार दिया। हरिओम के चाचा भक्त दास चौधरी ने कहा, “सरकार और प्रशासन पूरी तरह से हमारे संपर्क में हैं। हमें नौकरी के आदेश भी मिले हैं। मेडिकल कॉलेज में हमारे बेटे और बेटी दोनों को जॉइनिंग लेटर मिल चुका है। हमें शासन की कार्रवाई पर भरोसा है।”हालांकि, कुछ विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि परिवार को मीडिया से मिलने नहीं दिया गया, जिससे पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसा परिवार की सुरक्षा को देखते हुए किया गया। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा,“मुख्यमंत्री से मेरी विनती है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं, अपराधियों की रक्षा न करें। यह सिर्फ रायबरेली का मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश के दलित समाज का सवाल है।”

रायबरेली में बढ़ी राजनीतिक हलचल

क्योंकि यह घटना राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली की है, इसलिए इस पर राजनीतिक रंग चढ़ना स्वाभाविक था। कांग्रेस इसे दलितों पर अत्याचार से जोड़ रही है, वहीं बीजेपी का कहना है कि सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है और न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह दौरा लोकसभा चुनावों से पहले दलित वोटबैंक को जोड़ने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा सकता है, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि यह इंसाफ की लड़ाई है, राजनीति नहीं।

हरिओम वाल्मीकि की मौत ने एक बार फिर भीड़ द्वारा हिंसा के मुद्दे को सामने ला दिया है। सवाल यह उठता है कि क्या किसी को महज शक के आधार पर पीट-पीटकर मार देना जायज़ है? ऐसी घटनाएँ न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं, बल्कि समाज के भीतर बढ़ रही असहिष्णुता को भी दिखाती हैं।

 

 

 

 

 

 

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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