बैंक ग्राहकों को अब चार नॉमिनी तक जोड़ने की मिलेगी सुविधा, आधार अपडेट प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन।
SBI क्रेडिट कार्ड चार्ज और म्यूचुअल फंड निवेश के नियमों में भी बदलाव, पेंशनभोगियों को 30 नवंबर तक देना होगा जीवन प्रमाण पत्र।
1 नवंबर से देशभर में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और रोजमर्रा की सुविधाओं से जुड़े कई नए नियम लागू होने जा रहे हैं। ये बदलाव आम लोगों की ज़िंदगी पर सीधा असर डालेंगे। बैंक खाता, लॉकर, आधार कार्ड, क्रेडिट कार्ड, म्यूचुअल फंड, यहां तक कि एलपीजी और पेंशन तक लगभग हर सेक्टर में नए नियम लागू होंगे। अगर आप भी बैंक में खाता है या पेंशन लेते हैं, तो इन बातों को जानना बेहद ज़रूरी है, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो।
बैंकिंग नियमों में सबसे बड़ा बदलाव –
अब तक किसी बैंक खाते या एफडी में एक ही नॉमिनी दर्ज करने की सुविधा थी। लेकिन 1 नवंबर 2025 से यह नियम बदल जाएगा। नए कानून ‘बैंकिंग लॉ (संशोधन) अधिनियम 2025’ के तहत, अब ग्राहक चार नॉमिनी तक नामांकित कर सकता है। यानी अगर आपके खाते या डिपॉजिट में कोई राशि है, तो आप तय कर सकते हैं कि उसमें से कौन व्यक्ति कितना हिस्सा पाएगा।
उदाहरण के तौर पर — अगर कोई व्यक्ति चार नॉमिनी चुनता है, तो वह बैंक फॉर्म में यह लिख सकता है कि पहले नॉमिनी को 50%, दूसरे को 30%, और बाकी दो को 10-10% हिस्सा मिले। यह नियम न सिर्फ सेविंग अकाउंट, बल्कि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), रिकरिंग डिपॉजिट (RD) और ज्वाइंट अकाउंट्स पर भी लागू होगा। इससे आगे चलकर वारिसों के बीच विवाद की संभावना काफी कम हो जाएगी।

बैंक लॉकर में भी अब तय कर सकेंगे नॉमिनी का क्रम
अब बैंक लॉकर के नियमों में भी बदलाव होने जा रहा है। ग्राहक अपने लॉकर के लिए भी नॉमिनी का क्रम तय कर सकेंगे। यानी अगर पहला नॉमिनी जीवित नहीं है, तो अधिकार अपने आप दूसरे नॉमिनी को मिल जाएगा। इससे संपत्ति ट्रांसफर से जुड़े विवाद और कानूनी झंझट खत्म होंगे। पहले लॉकर के नॉमिनी को लेकर अक्सर बैंक और परिवार के बीच दिक्कतें आती थीं, लेकिन अब यह प्रक्रिया बिल्कुल साफ और आसान होगी।
UIDAI ने आसान की आधार अपडेट करने की प्रक्रिया
अब आधार कार्ड अपडेट कराना भी पहले से ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा। UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत नाम, पता, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी अपडेट कराने के लिए अब आपको आधार सेवा केंद्र नहीं जाना पड़ेगा। आप यह प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकेंगे। सिर्फ उन्हीं मामलों में केंद्र जाना होगा, जहां बायोमेट्रिक अपडेट यानी फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन जरूरी है।
सबसे अच्छी बात यह है कि अब UIDAI आपके दिए गए डेटा को पैन कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड या मनरेगा डेटाबेस से अपने-आप वेरिफाई कर लेगा। इसका मतलब है। अब बार-बार डॉक्यूमेंट अपलोड करने या स्कैन कराने की झंझट नहीं रहेगी।
SBI क्रेडिट कार्ड के चार्जेस में बदलाव
अगर आपके पास SBI का क्रेडिट कार्ड है, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। 1 नवंबर से कार्ड से जुड़ी कुछ फीस और चार्ज में बदलाव किया जा रहा है।
अनसिक्योर्ड कार्ड्स पर अब 3.75% तक का चार्ज लगेगा। अगर आप CRED या Mobikwik जैसी थर्ड पार्टी ऐप के ज़रिए स्कूल फीस का भुगतान करते हैं, तो उस पर 1% अतिरिक्त शुल्क देना होगा। ₹1000 से अधिक वॉलेट रिचार्ज करने पर भी 1% चार्ज लगाया जाएगा। अगर आप कार्ड से चेक पेमेंट करते हैं, तो ₹200 का शुल्क देना होगा।इसलिए अब क्रेडिट कार्ड यूज़ करते समय इन नए चार्जेज का ध्यान रखना होगा, ताकि अनजाने में एक्स्ट्रा खर्च न बढ़े।

म्यूचुअल फंड निवेश पर भी नए नियम लागू
SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने भी म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब अगर किसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) का कोई अधिकारी, कर्मचारी या उनका परिवार ₹15 लाख से ज्यादा का निवेश करता है, तो इसकी जानकारी कंपनी के अनुपालन अधिकारी (Compliance Officer) को देनी होगी। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और इंसाइडर ट्रेडिंग जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगाना है। यानी अब म्यूचुअल फंड सेक्टर में निगरानी और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेंगी।
एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी गैस की कीमतों में भी बदलाव संभव
हर महीने की तरह 1 नवंबर को भी पेट्रोलियम कंपनियां एलपीजी (LPG), सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) के दामों की समीक्षा करेंगी। अगर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम बढ़े या घटे हैं, तो उसी हिसाब से गैस के रेट में बदलाव की संभावना है। आमतौर पर कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को नई दरों की घोषणा करती हैं। इसलिए 1 नवंबर को रसोई गैस सिलेंडर और वाहन ईंधन दोनों की कीमतों में फेरबदल हो सकता है।

पेंशनभोगियों के लिए जरूरी
अगर आप केंद्र या राज्य सरकार के पेंशनभोगी हैं, तो यह नियम आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हर साल की तरह इस बार भी जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने की प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू होगी।
पेंशनर्स को यह प्रमाण पत्र 1 नवंबर से 30 नवंबर 2025 के बीच देना होगा। यह दस्तावेज़ यह सुनिश्चित करता है कि पेंशनभोगी अभी जीवित हैं, ताकि उनकी पेंशन जारी रखी जा सके।
80 साल से अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार ने सुविधा दी है कि वे 1 अक्टूबर से ही प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। आप यह प्रक्रिया बैंक, डाकघर या डिजिटल जीवन प्रमाण पोर्टल (Jeevan Pramaan Portal) के ज़रिए ऑनलाइन भी पूरी कर सकते हैं।
इन बदलावों का असर क्यों ज़रूरी है समझना
1 नवंबर से लागू होने वाले ये बदलाव सिर्फ कागज़ी नहीं हैं — ये हमारी आर्थिक व्यवस्था और व्यक्तिगत वित्त पर असर डालेंगे। जहाँ बैंकिंग और लॉकर के नए नियम सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाएंगे, वहीं आधार अपडेट प्रक्रिया सुविधा और समय की बचत करेगी। दूसरी तरफ, क्रेडिट कार्ड चार्ज और म्यूचुअल फंड नियम निवेशकों को सावधान और ज़िम्मेदार बनाएंगे। पेंशनर्स के लिए डिजिटल विकल्पों का बढ़ना भी एक सकारात्मक कदम है।