कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति कमजोर हो गई है
कहा अमेरिकी दबाव में फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने महिलाओं के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। इस बार उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ‘डरते’ हैं और उनके दबाव में फैसले लेते हैं। राहुल गांधी का कहना है कि ट्रंप ने यह दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और मोदी सरकार ने इस बयान का न तो खंडन किया और न ही कोई सफाई दी।
राहुल गांधी ने पोस्ट साझा किया
राहुल ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप से डरते हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को यह कहने दिया कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा। बार-बार की अनदेखी और अपमान के बाद भी प्रधानमंत्री ट्रंप को बधाई संदेश भेजते रहते हैं।”
दरअसल, कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और हमास के बीच शांति समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें शांति स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताकर बधाई दी थी। राहुल गांधी का कहना है कि इस तरह की लगातार प्रशंसा से भारत की विदेश नीति कमजोर दिख रही है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर फिर उठे सवाल
राहुल गांधी ने इस मौके पर ‘ऑपरेशन सिंदूर ‘ का जिक्र करते हुए भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि “उस वक्त चीन ने पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया, लेकिन प्रधानमंत्री ने चीन के खिलाफ एक शब्द तक नहीं कहा। राहुल ने कहा, “जब चीन पाकिस्तान के साथ था, तब भी प्रधानमंत्री मोदी ने चुप्पी साधे रखी। उन्होंने ट्रंप के विरोध में कुछ नहीं कहा। क्या यह विदेश नीति की मजबूती है या डर की निशानी?” उन्होंने यह भी कहा कि वित्त मंत्री का हालिया अमेरिकी दौरा अचानक रद्द कर दिया गया, और प्रधानमंत्री मोदी ‘शर्म अल शेख’ सम्मेलन में शामिल नहीं हुए जो यह दिखाता है कि भारत की कूटनीति अब निष्क्रिय हो गई है।
‘ट्रंप के इशारे पर चलते हैं पीएम मोदी’ – कांग्रेस का बड़ा आरोप
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को घेरा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारत सरकार के फैसले वाशिंगटन डीसी में ट्रंप द्वारा घोषित किए जाते हैं। यहां से तारीफ, वहां से टैरिफ।” जयराम रमेश ने कहा कि “ट्रंप ने 51 बार यह दावा किया है कि भारत-पाकिस्तान के तनाव को उन्होंने ‘व्यापारिक दबाव’ डालकर नियंत्रित किया। “अब वही ट्रंप कह रहे हैं कि उन्होंने मोदी से कहा कि भारत रूस से तेल न खरीदे, और भारत ने उन्हें आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री इस पर चुप क्यों हैं? अगर कोई निर्णय हुआ है, तो देश को बताएं,” उन्होंने कहा।
जयराम रमेश का तीखा हमला
कांग्रेस का तर्क है कि जब अमेरिका भारत पर बार-बार व्यापारिक टैरिफ लगाता है, तब भी प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप की तारीफ करने में पीछे नहीं रहते। जयराम रमेश ने तंज कसते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री ट्वीट में ट्रंप की सराहना करते हैं, लेकिन बदले में हमें टैरिफ का तोहफा मिलता है।”
‘विदेश नीति पूरी तरह विफल’ – राहुल गांधी
राहुल गांधी ने भारत की विदेश नीति पर सीधा हमला बोलते हुए कहा,“प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि रूस से तेल खरीदने की असल सच्चाई क्या है? अमेरिका के साथ व्यापार समझौता अब तक क्यों अटका है? संसद और जनता को विश्वास में लेना चाहिए।” उन्होंने कहा कि “आज भारत की विदेश नीति पूरी तरह धराशायी हो चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी देश ने भारत का खुलकर समर्थन नहीं किया। यह दिखाता है कि हमने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख कमजोर कर ली है।”
महिलाओं के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना
राहुल गांधी ने हाल ही में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा को लेकर भी मोदी सरकार पर हमला बोला। दरअसल, नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को एंट्री नहीं दी गई थी, जिसके बाद सरकार की आलोचना शुरू हो गई।
राहुल गांधी ने इस पर कहा, “श्रीमान मोदी, जब आप महिला पत्रकारों को सार्वजनिक मंच से बाहर रखते हैं, तो आप भारत की हर महिला को संदेश दे रहे हैं कि आप उनके लिए खड़े होने की ताकत नहीं रखते। हमारे देश की महिलाएं हर क्षेत्र में समान भागीदारी का अधिकार रखती हैं, और इस तरह का भेदभाव आपके ‘नारी शक्ति’ के नारों की पोल खोल देता है।” उन्होंने लिखा कि महिलाओं के सम्मान की बात सिर्फ मंचों से कहना काफी नहीं, बल्कि उसके लिए खड़ा होना ज़रूरी है। “आपकी चुप्पी आपके नारों को खोखला बना देती है”।