‘कुली’ का वो हादसा और KBC से वापसी: अमिताभ बच्चन की ज़िंदगी के 5 बड़े सीक्रेट्स! कैसे बने वो ‘एंग्री यंग मैन’ से सदी के महानायक?
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन आज अपना 83वां जन्मदिन मना रहे हैं। वह एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी और अभिनय को एक अलग ऊंचाई पर पहुंचाया। उनकी आवाज़, बात करने का अंदाज़ और प्रभावशाली शख्सियत आज भी उतनी ही दमदार है, जितनी 50 साल पहले थी।

‘ज़ंजीर’ से मिली पहचान, बना ‘Angry Young Man’
अमिताभ ने 1969 में फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया, लेकिन उन्हें असली पहचान 1973 की फिल्म ‘ज़ंजीर’ से मिली। इसी फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड का ‘Angry Young Man’ बना दिया। इसके बाद ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘डॉन’, ‘त्रिशूल’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘काला पत्थर’ और ‘अमर अकबर एंथनी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें अमर बना दिया।
उनके डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर हैं — “रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं…”
कुली हादसे से लेकर दूसरी पारी तक
1982 में फिल्म ‘कुली’ की शूटिंग के दौरान हुए गंभीर हादसे ने पूरे देश को हिला दिया था। लाखों लोगों ने उनके स्वस्थ होने की दुआ की, और जब वे वापस लौटे, तो यह सचमुच उनके लिए दूसरा जन्म जैसा था।
1990 के दशक में उन्होंने राजनीति में कदम रखा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उनकी कंपनी ABCL को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा। ऐसा लगा मानो उनका करियर थम गया हो।

KBC से नई शुरुआत, साबित किया “उम्र सिर्फ एक संख्या है”
वर्ष 2000 में अमिताभ ने टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति (KBC)’ से शानदार वापसी की। इस क्विज़ शो ने उन्हें फिर से हर घर का हिस्सा बना दिया।
इसके बाद ‘Black’, ‘Paa’, ‘Cheeni Kum’, ‘Piku’, ‘Pink’ और ‘Badla’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने साबित कर दिया कि वो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने अपने दौर में थे।
सम्मान और उपलब्धियाँ
भारत सरकार ने अमिताभ बच्चन को:
- 1984 में पद्म श्री,
- 2001 में पद्म भूषण,
- 2015 में पद्म विभूषण
से सम्मानित किया। वहीं, 2018 में उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से नवाज़ा गया।
वे कई बार फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जीत चुके हैं और ‘पोलियो उन्मूलन’, ‘स्वच्छ भारत’ और ‘बेटी बचाओ’ जैसे अभियानों के ब्रांड एम्बेसडर भी रहे हैं।

शुरुआती जीवन
उनका जन्म 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद (प्रयागराज) में हुआ। उनके पिता हरिवंश राय बच्चन प्रसिद्ध हिंदी कवि थे, जिन्होंने “मधुशाला” जैसी रचना से हिंदी साहित्य में नाम कमाया। मां तेजी बच्चन थिएटर से जुड़ी रहीं और घर में कला का माहौल था। दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद अमिताभ ने फिल्मों में काम करने का निर्णय किया।
लेकिन शुरुआती समय आसान नहीं था — उनकी आवाज़ को कई बार “बहुत भारी” कहकर रिजेक्ट कर दिया गया। उन्होंने 1969 की फिल्म “सात हिंदुस्तानी” से शुरुआत की, मगर उनको असली पहचान उन्हें 1973 की फिल्म “ज़ंजीर” से मिली।
जीवनशैली और परिवार
आज भी अमिताभ बच्चन हर सुबह 6 बजे उठकर ब्लॉग लिखते हैं और नियमित रूप से काम करते हैं। उनका अनुशासित जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।
उनकी पत्नी जया बच्चन एक सफल अभिनेत्री और सांसद हैं। बेटा अभिषेक बच्चन और बहू ऐश्वर्या राय बच्चन बॉलीवुड के लोकप्रिय चेहरों में शामिल हैं, जबकि बेटी श्वेता बच्चन नंदा लेखन और फैशन जगत से जुड़ी हैं।
शोहरत के बावजूद सादगी बरकरार
2025 की Hurun India Rich List के अनुसार अमिताभ बच्चन की कुल संपत्ति लगभग ₹1,630 करोड़ है। हाल ही में उन्होंने अलीबाग में तीन नए प्लॉट भी खरीदे हैं।
फिर भी, इतने सम्मान और संपत्ति के बावजूद वे आज भी उतने ही विनम्र और ज़मीन से जुड़े हैं।
अमिताभ बच्चन सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक युग हैं — ऐसा युग जिसने सिनेमा, अभिनय और व्यक्तित्व की परिभाषा बदल दी। उनका जीवन, संघर्ष और सफलता आज भी हर किसी के लिए प्रेरणा है।
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