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मुश्किल में मेलोनी सरकार! फिलिस्तीन को मान्यता न देने पर इटली की सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी

इटली में हिंसक प्रदर्शन

इटली में फिलिस्तीन को  मान्यता न देने पर हिंसक प्रदर्शन, 60 पुलिसकर्मी घायल।सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी

फ्रांस, बेल्जियम और कनाडा सहित कई देशों ने फिलिस्तीन को राष्ट्र का दर्जा दिया, इटली में विरोध प्रदर्शनों में पुलिसकर्मी घायल

यूरोप से लेकर दुनिया तक फिलिस्तीन को मान्यता

नई दिल्ली। दुनिया भर में फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने का सिलसिला तेज़ हो गया है। बीते कुछ दिनों में ही करीब 10 देशों ने फिलिस्तीन को एक संप्रभु राज्य के रूप में मान्यता दी है। इनमें यूरोप के देश सबसे आगे हैं। लेकिन इसी बीच यूरोप का एक देश इटली हिंसा की आग में झुलस रहा है, क्योंकि वहां की सरकार फिलिस्तीन को मान्यता देने से इनकार कर रही है।

इटली में हिंसक प्रदर्शन

इटली के विभिन्न शहरों रोम से लेकर मिलान तक हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं।  प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी की सरकार फिलिस्तीन को मान्यता देने में टालमटोल कर रही है।
इन प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 60 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

इस बीच सरकार की ओर से बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा—
“जो अभी अस्तित्व में ही नहीं है, उसकी मान्यता देने का क्या अर्थ है?”

फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले देश

यूरोप के कई देशों ने हाल ही में फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है। इनमें फ्रांस, बेल्जियम, माल्टा, मोनाको और लक्ज़मबर्ग शामिल हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस कदम को शांति की दिशा में जरूरी बताते हुए कहा कि यह हमास के खिलाफ एक अहम जवाब है।

अन्य प्रमुख देशों का रुख

फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले देशों की सूची सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं है। ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगाल जैसे बड़े देशों ने भी मान्यता दी है। इनका तर्क है कि मध्य-पूर्व में स्थायी शांति तभी संभव है जब “दो-राष्ट्र सिद्धांत” (Two-State Solution) को स्वीकार किया जाए।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी साफ कहा कि फिलिस्तीन को राष्ट्र का दर्जा देना उसका अधिकार है, न कि किसी प्रकार का “इनाम”।

इसराइल की कड़ी प्रतिक्रिया

इसराइल ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “बेहूदा” और “आतंकवाद को इनाम” करार दिया।
उन्होंने कहा कि यह फैसला उन इसराइली सैनिकों का अपमान है जिन्होंने युद्ध में बलिदान दिया। नेतन्याहू ने साफ कहा—
“हम फिलिस्तीन को मान्यता देकर आत्महत्या नहीं करेंगे।”

फिलिस्तीन की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, फिलिस्तीनी राष्ट्रपति मोहम्मद अब्बास ने मान्यता देने वाले सभी देशों का आभार जताया है । उन्होंने कहा कि यह कदम फिलिस्तीनी जनता के संघर्ष को मजबूती देता है। साथ ही उन्होंने हमास से हथियार छोड़ने और गाज़ा में युद्ध के बाद चुनाव कराने की बात कही है।

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