बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग मामले में यूपी पुलिस की मुठभेड़ में एक आरोपी घायल हुआ है और दो अन्य गिरफ्तार किए गए, जबकि पहले ही दो आरोपी मारे जा चुके हैं।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एनकाउंटर के बाद एक शख्स यह कहते हुए दिख रहा है—
“अब यूपी कभी नहीं आएंगे, बाबा जी की पुलिस के सामने नहीं आएंगे।”
उत्तर प्रदेश पुलिस के कंधों का सहारा लेते हुए चलता यह शख्स मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया है। यह वही आरोपी है, जो अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग के मामले से जुड़ा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। जबकि पुलिस मुठभेड़ में पहले ही दो आरोपी मारे जा चुके हैं।
घटना कैसे हुई थी?
रिपोर्ट्स के अनुसार, दो बाइक सवार हमलावर बरेली के सिविल लाइंस इलाके में दिशा पाटनी के घर के बाहर आए और 8 से 10 राउंड फायरिंग की। गोलीबारी इतनी नज़दीक हुई कि दिशा पाटनी के पिता बाल-बाल बच गए थे। इसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और इलाके की सुरक्षा कड़ी कर दी। इस घटना की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ गैंग ने ली थी।
विवाद की जड़
फायरिंग की वजह दिशा की बहन खुशबू पाटनी के हालिया सोशल मीडिया बयान से जुड़ी है। पेशे से फिटनेस ट्रेनर और डॉक्टर ऑफ फिज़ियोथेरेपी खुशबू ने कुछ दिन पहले संत अनिरुद्धाचार्य के एक बयान की आलोचना की थी। अनिरुद्धाचार्य ने प्रवचन में कहा था—
“25 साल से ऊपर की लड़कियाँ अगर लिव-इन रिलेशनशिप में रहती हैं, तो उनकी इज्ज़त खत्म हो जाती है।”
खुशबू ने इसे महिला सम्मान पर हमला बताते हुए खुलकर विरोध किया था। इसके अलावा, उन पर आरोप लगा कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज की एक वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी थी, जबकि उस वीडियो के बारे में उन्हें पूरी स्पष्टता नहीं थी।
विवाद बढ़ने पर खुशबू पाटनी ने एक स्पष्टीकरण जारी किया था । इसमें उन्होंने कहा कि उनका परिवार सनातनी है और उनका मकसद किसी संत या धार्मिक गुरु का अपमान करना नहीं था।