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कृपया गडकरी जी को छः महीने के लिए दुबई एक्सपोर्ट कर दो’ दुबई के प्रिंस ने मोदी जी से कहा नितिन गडकरी का दावा 

“दुबई के प्रिंस ने कहा मोदी जी से: ‘कृपया गडकरी जी को छह महीने के लिए दुबई एक्सपोर्ट कर दें’ – नितिन गडकरी का दावा”

केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक सभा में दावा किया कि दुबई के क्राउन प्रिंस ने पीएम मोदी से मजाकिया अंदाज़ में कहा कि उन्हें गडकरी जी को छह महीने के लिए दुबई एक्सपोर्ट कर दिया जाए।

गडकरी ने इथेनॉल और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी अपना पक्ष रखा।

 

केन्द्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इथेनॉल विवाद को लेकर काफी आरोपों को झेल रहे है इसी बीच उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए एक बयान दिया जो काफी चर्चा में है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने होटल लीला पैलेस में भारत की सड़कों की तारीफ करते हुए कहा कि आज देश के कोने में आप कहीं भी चले जाए लोग सड़को की तारीफ करते मिलते है।

आगे उन्होंने बताया ये सारा वाकिया तब का है जब दुबई के प्रिंस भारत आए हुए थे, हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ एक बैठक में मैं और एक अन्य मंत्री टेबल पर चर्चा कर रहे थे।

बकौल गडकरी, दुबई के प्रिंस ने पीएम मोदी से कहा की

“हमारे लिए एक एहसान कर दो, कृपया गडकरी जी को छह महीने के लिए दुबई एक्सपोर्ट कर दें.”

200 करोड़ दिमाग वाला बयान

 

इससे पहले इथेनॉल को लेकर गडकरी काफी चर्चा में थे उनपर विपक्षी पार्टियों द्वारा आरोप लगाए जा रहे थे कि इथेनॉल का प्रचार अपने बेटों को फायदे पहुंचाने के लिए कर रहे है। जिसे नागपुर के एक सभा में गडकरी ने खारिज करते हुए कहा था की मेरा दिमाग 200 करोड़ रुपए का है,मुझे पैसों की कोई जरूरत नहीं है। मै अपने बेटों को बस आइडिया देता हूं बाकी काम वो खुद करते है,मुझे ईमानदारी से पैसे कमाना आता है।

नितिन गडकरी का बड़ा बयान: “मेरे दिमाग की कीमत 200 करोड़” | इथेनॉल विवाद पर विपक्ष को करारा जवाब

 

उन्होंने इथेनॉल के बारे बताते हुए कहा की ये शुगर और स्टार्च से बनता है जिसे पेट्रोल में मिला के इस्तेमाल करने से पर्यावरण में प्रदूषण की मात्रा कम होती हैं और इसका सीधा फायदा किसानों को होगा। सभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा की मेरा भी एक परिवार और एक घर है। मैं कोई संत नहीं हूं, मैं एक नेता हूं. लेकिन मेरा हमेशा से मानना रहा है कि विदर्भ में लगभग 10,000 किसानों की आत्महत्या बेहद शर्मनाक है. जब तक किसान समृद्ध नहीं हो जाते, हमारी कोशिशें जारी रहेंगी।

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