दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने एक्टर आशीष कपूर को रेप केस में जमानत दी। कोर्ट ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए, खासकर मोबाइल जब्त न करने और जांच में देरी पर। पढ़ें पूरी खबर।
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने टीवी एक्टर आशीष कपूर को सिविल लाइंस थाने में दर्ज रेप केस में जमानत दे दी है। यह मामला 9 अगस्त को हुई एक हाउस पार्टी से जुड़ा है, जहां एक महिला ने आशीष कपूर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। जमानत देते हुए अदालत ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी को पुलिस हिरासत में लेने के बावजूद उनका मोबाइल फोन बरामद नहीं किया गया, जबकि यह जांच का अहम हिस्सा था। इसके अलावा, अदालत ने नोट किया कि पुलिस ने घटना के लगभग तीन हफ्ते बाद 30 अगस्त को आरोपी को जांच में शामिल होने का पहला नोटिस भेजा, जो कि जांच में गंभीर देरी को दर्शाता है।
इसके बाद ही पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम को गोवा और पुणे भेजा और 2 सितंबर को आशीष कपूर को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आरोपी भागने की सोचता तो वह एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद ही फरार हो जाता।
पुलिस ने यह तर्क दिया था कि आरोपी भविष्य में अपराध कर सकता है या शिकायतकर्ता को प्रभावित कर सकता है, लेकिन अदालत ने कहा कि यह आधार किसी को हिरासत में रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। अदालत ने जमानत देते हुए यह शर्त रखी कि आशीष कपूर को एक लाख का निजी मुचलका और इतनी ही जमानती राशि भरनी होगी । साथ ही, उन्हें अपना मोबाइल और लोकेशन ऑन रखना होगा और जांच में सहयोग करना होगा।