मणिपुर में पीएम मोदी के दौरे से पहले बीजेपी को करारा झटका लगा। दो पूर्व विधायक वाई. सुरचंद्र सिंह, एल. राधाकिशोर सिंह समेत तीन नेता कांग्रेस में शामिल। कांग्रेस ने कहा “भाजपा हिंसा संभालने में नाकाम”।
भाजपा से नाराज़ नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा, कहा—“हिंसा पर काबू पाने में विफल रही बीजेपी”; राज्य में नई सरकार की अटकलें तेज़।
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। बीजेपी के दो पूर्व विधायक और तीन अन्य नेता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। मणिपुर कांग्रेस के प्रभारी सप्तगिरि शंकर उलाका और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. मेघचंद्र सिंह की उपस्थिति में नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा है।
कांग्रेस ने इस बात की जानकारी मंगलवार को सुबह मीडिया को दी । कांग्रेस द्वारा जारी बयान में बताया गया की भाजपा के पूर्व विधायक वाई. सुरचंद्र सिंह, एल. राधाकिशोर सिंह समेत पार्टी नेता उत्तमकुमार निंगथौजम ने सोमवार को भारतीय कांग्रेस समिति के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस की सदस्यता ली।
मणिपुर कांग्रेस के प्रभारी सप्तगिरि शंकर उलाका और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि मणिपुर हिंसा संभालने में भाजपा नाकाम रही जिसकी वजह से इन नेताओं ने निराश होकर कांग्रेस का हाथ थामा है। इस से साबित होता है कि मणिपुर में कांग्रेस की शांति, स्थिरता और एक मजबूत शासन जनता को देने में सफल साबित होगी।
सुरचंद्र काकचिंग विधानसभा से विधायक,तो वहीं दूसरी ओर राधाकिशोर ओइनम विधानसभा से विधायक रह चुके है। कांग्रेस प्रभारी उलाका ने बताया की इन नेताओं से मणिपुर कांग्रेस पार्टी को और मजबूती मिलेगी। कांग्रेस ने बयान देते हुए बताया की उनके साथ और अनुभव से संगठन को लाभ मिलेगा।
मणिपूर में नई सरकार के कयास
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के साथ भाजपा विधायकों ने राजभवन जाकर अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की। ये बैठक करीब 40 मिनट तक चली जिसमें शीर्ष अधिकारी भी शामिल थे। इससे नई सरकार के कयास लगाए जा रहे है।