उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया आई है। केंद्रीय संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू के बाद कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी और प्रमोद तिवारी ने इस मामले पर क्या कहा पढ़ें पूरी खबर
उपराष्ट्रपति चुनाव में सी.पी. राधाकृष्णन की जीत के बाद कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने क्रॉस वोटिंग पर फिलहाल टिप्पणी टालते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन सभी पहलुओं की समीक्षा करेगा।
प्रमोद तिवारी ने कहा – समीक्षा के बाद होगी आधिकारिक प्रतिक्रिया
उपराष्ट्रपति चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस पार्टी की ओर से बयान आया है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने क्रॉस वोटिंग की किसी भी संभावना पर कमेंट करने से फिलहाल इनकार किया है। उन्होंने कहा मामले पर सभी विपक्षी पार्टियां क्रॉस वोटिंग की समीक्षा करेगी। समाचार एजेंसी एएनआई को तिवारी ने कहा “मैं सी पी राधाकृष्णन को उनकी जीत पर बधाई देता हूं। जहां तक परिणाम का सवाल है पिछली बार हमें 26 प्रतिशत वोट मिले थे जो इस बार बढ़कर 40 प्रतिशत हो गए। यह पीएम मोदी के लिए एक चिंताजनक बात है। यदि क्रॉस वोटिंग हुई या करवाई गई तो यह गलत है। लेकिन मैं फिलहाल इस पर कमेंट नहीं करूंगा। इंडिया गठबंधन में और भी दल है वह सभी इस पर समीक्षा करेंगे। उसके बाद ही इस पर आधिकारिक टिप्पणी की जाएगी” ।
इससे पहले कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी क्रॉस वोटिंग पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि इंडिया गठबंधन के सभी दलों द्वारा इस पर गहन जांच होनी चाहिए। वहीं केंद्रीय संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए घटक दल और अन्य दलों के सांसदों का आभार जताया था।

सी.पी. राधाकृष्णन बने 15वें उपराष्ट्रपति
मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन विजयी हुए है और भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बने हैं। 9 सितंबर को संसद के दोनों सदनों में हुए मतदान में उन्होंने कुल 752 मतों में से 452 वोट हासिल किए। विपक्षी उम्मीदवार और सेवानिवृत्त सुप्रीम न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले।
उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि
सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु के दिग्गज बीजेपी नेता हैं, वे दो बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं, तमिलनाडु राज्य बीजेपी के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। और हाल में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में पदस्थ थे। विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी , पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं उन्होंने 2007 से 2011 तक सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में कार्य किया है। इससे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे। 1995 में आंध्र प्रदेश में भी हाईकोर्ट के पद पर नियुक्त हुए थे।