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नेपाली संसद में घुसे प्रदर्शनकारी, 16 की मौत:200 घायल, सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओ का विरोध

नेपाल में बवाल: 26 सोशल मीडिया साइट्स पर बैन से GEN Z का संसद तक प्रदर्शन, 16 की मौत

नेपाल में हालात बेकाबू! 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन से भड़का विरोध ,संसद भवन तक पहुंचे GEN Z , पढ़ें पूरी खबर 

नेपाल में 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन के खिलाफ GEN Z का बड़ा आंदोलन। संसद भवन तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर सेना की कार्रवाई, 16 की मौत और 200 से ज्यादा घायल।

नेपाल इस वक्त युद्ध का अखाड़ा बन चुका है। देश में बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध और व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ GEN Z बड़ा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। खबर है कि ये प्रदर्शनकारी संसद भवन के परिसर तक में घुस गए हैं।  हालात बेकाबू होते जा रहे हैं और नेपाल की सेना ने अब मोर्चा संभाल लिया है। जानकारी के मुताबिक फायरिंग में अब तक 16 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। इसके अलावा 200 से ज्यादा लोग घायल हैं।

 नेपाल पुलिस ने दावा किया है कि बड़ी संख्या में GEN Z  प्रदर्शन कर रहे है ।  प्रदर्शनकारियों की संख्या 12000 से अधिक हो सकती  है।  प्रदर्शनकारी संसद भवन के भीतर घुसने का प्रयास कर रहे हैं । इन्होंने  संसद के  कई गेटों पर कब्जा तक  कर लिया है। साथ में ही सारे महत्वपूर्ण आवासों जैसे संसद भवन राष्ट्रपति ,उपराष्ट्रपति के आसपास बढ़ते उपद्रवियों को ध्यान में रखते हुए कर्फ्यू लगाकर आर्मी को तैनात कर दिया गया है। जगह-जगह पर पुलिस की युवा प्रदर्शनकारियों से भिड़ंत हो रही है।

 नेपाल पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछारें की। मामला बिगड़ता देख आंसू गैस के गोले छोड़े गए जब हालात नहीं संभले तब शूट एट साइट के आदेश दिए गए जिसमें कई लोगों कि मौत हो गई और सैकड़ों की  संख्या में घायल है।

नेपाल के प्रधानमंत्री का प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली  ने इस प्रदर्शन पर कड़ी चेतावनी देते हुए प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम दिया है। वहीं  नेपाल के पूर्व विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने इस प्रदर्शन में युवाओं का समर्थन किया है उनका कहना है कि युवाओं के पास अपनी अभिव्यक्ति के लिए मंच तलाशने  का विकल्प नहीं बचा है।

क्यों लगाना पड़ा प्रतिबंध

 नेपाल की सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 3 सितंबर को 26 सोशल मीडिया साइट्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया था। इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत तमाम बड़े प्लेटफार्म शामिल थे। नेपाल की सरकार ने इन कंपनियों से संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में पंजीकरण करवाने को कहा था। नेपाल की सरकार का कहना है जो भी कंपनी नेपाल में किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया सेवाएं संचालित करना चाहती है वे नेपाल में रजिस्ट्रेशन करवाएं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर अंकुश लगाया जा सके। इसके अलावा नेपाल की सरकार यह भी चाहती है इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नेपाल में अपने ऑफिस खोलें । जब तक यह बड़ी कंपनियां नेपाल में अपने दफ्तर नहीं खोलेगी तब तक इन पर लगा प्रतिबंध जारी रहेगा।

इसके लिए इन साइट्स को 2 सितम्बर तक का समय दिया गया था। इन सभी एप्लीकेशन फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब एक्स लिंकडइन ने पंजीकरण के लिए आवेदन भी नहीं किया। इसके बाद नेपाल की सरकार ने इन प्लेटफार्म पर रोक लगा दी।  वहीं टिकटॉक जैसी ऐप ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया था इसलिए भी सुचारू रूप से नेपाल में चल पा रही है।

 

कौन होते हैं  GEN Z

 GEN Z उन लोगों को कहा जाता है जिनका जन्म 1997 से 2012 की अवधि के बीच हुआ है।  ऐसा माना जाता है कि इस पीढ़ी के लोग इंटरनेट सोशल मीडिया और डिजिटल ज्यादा जागरूक होते हैं इस पीढ़ी के लोग तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स एस पर काफी सक्रिय रहते हैं।

 

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