भारत ने ट्रंप के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। भारत ने कहा कि नवारो के आरोप पूरी तरह भ्रामक और गलत है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल, नवारो के उन आरोपों का जवाब दे रहे थे जिसमें नवारो ने भारत पर रूस से सस्ता तेल खरीद कर यूक्रेन युद्ध को सहायता की बात कही थी। जायसवाल ने कहा यह बात पूरी तरह गलत है इसके साथ ही जायसवाल ने बताया कि भारत द्विपक्षीय संबंध को लेकर कितना गंभीर है साथ ही जायसवाल ने बताया कि हम अमेरिका के साथ संबंध सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। जायसवाल ने अलास्का में चल रहे मिलिट्री अभ्यास का भी जिक्र किया।
आखिर क्या कहा था नवारो ने
ट्रम्प के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो ने एक बेहद विवादास्पद बयान दिया था। नवारो ने भारतीय ब्राह्मणों पर निशाना साधते हुए रूसी तेल खरीद कर मुनाफाखोरी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भारत के ब्राह्मणों के इस काम की कीमत पूरा भारत चुका रहा था। नवारो ने कहा था कि भारत इसलिए सबसे ज्यादा टैरिफ झेल रहा था क्योंकि वह रूस से तेल खरीदकर उसे यूक्रेन पर हमला करने के लिए पैसे दे रहा था। इससे भारतीयों का नुकसान हो रहा था। यह बात उन्हें समझनी चाहिए थी। नवारो ने आरोप लगाया था कि भारत का यह काम न सिर्फ व्यापार असंतुलन बढ़ा रहा बल्कि ऐसे गठजोड़ भी मजबूत कर रहा है जो अमेरिका के खिलाफ है ।
फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए साक्षात्कार में नवारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस और चीन से नज़दीकी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि “भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के बावजूद व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग से करीबी संबंध बना रहा है ।”
“ब्राह्मण मुनाफ़ा कमा रहे है “
नवारो ने आरोप लगाया था कि भारत रूसी तेल खरीदकर उसे रिफाइन करता है फिर यूरोप, अफ्रीका और एशिया में ऊँचे दामों पर बेचता है । उनका कहना था कि इससे “रूसी युद्ध मशीन को ईंधन मिल रहा है और भारत के ब्राह्मण लोग मुनाफ़ा कमा रहे है ।”
“भारत टैरिफ़ का महाराजा है “
भारत के घरेलू टैरिफ़ पर भी उन्होंने तीखा रुख अपनाया था। नवारो ने कहा था “50% टैरिफ़ में से आधा इसलिए है क्योंकि भारत टैरिफ़ का महाराजा है । दुनिया में सबसे ज़्यादा टैरिफ़ वही लगाता था। इसका नुकसान अमेरिका के कामगारों और करदाताओं को होता था, जबकि रूसी ड्रोन यूक्रेनियों पर गिरते थे।”