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यूपी में 2027 में किस ओर जाएंगे ब्राह्मण! विधायकों की बैठक के बाद शिवपाल यादव का खुला ऑफर!

2027

यूपी की सियासत में ब्राह्मणों की बढ़ी अहमियत, बीजेपी–सपा में खींचतान तेज

52 विधायकों की बैठक के बाद मचा सियासी हलचल, 2027 से पहले किसके साथ जाएगा ब्राह्मण वोट?

यूपी की राजनीति इन दिनों एक बार फिर ब्राह्मण समाज के इर्द-गिर्द घूमती दिख रही है। सत्ताधारी बीजेपी हो या मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी, दोनों ही इस वर्ग को अपने साथ बनाए रखने और जोड़ने की कोशिश में जुटी हैं। वजह साफ है। आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे जातीय संतुलन को लेकर सियासी हलचल भी तेज होती जा रही है।

इस पूरी चर्चा ने जोर तब पकड़ा जब 23 दिसंबर 2025 को, जब लखनऊ में ब्राह्मण विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की एक अहम बैठक हुई। यह बैठक कुशीनगर से बीजेपी विधायक पीएन पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर हुई, जिसमें करीब 52 ब्राह्मण विधायक और एमएलसी शामिल हुए। खास बात यह रही कि इस बैठक में सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के कुछ ब्राह्मण विधायक भी मौजूद थे। यहीं से यह मामला सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया।

 

बैठक के बाद क्यों बढ़ी बीजेपी की चिंता

इस बैठक के सामने आते ही बीजेपी की शीर्ष नेतृत्व में बेचैनी साफ दिखाई दी। पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को सामने आकर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि इस तरह की जातीय बैठकें पार्टी के नियमों के खिलाफ हैं और भविष्य में दोबारा ऐसा हुआ तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कहा गया कि ऐसी बैठकों की इजाजत पार्टी नहीं देती।

लेकिन बीजेपी के इस रुख से ब्राह्मण समाज के कई नेता नाराज नजर आए। उनका सवाल सीधा था। अगर दूसरे समुदायों के विधायक आपस में बैठक कर सकते हैं, तो ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर आपत्ति क्यों? बैठक में शामिल नेताओं का कहना है कि इसका मकसद किसी पार्टी के खिलाफ जाना नहीं था, बल्कि समाज से जुड़े मुद्दों पर आपस में चर्चा करना था। बैठक में यह बात सामने आई कि सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर ब्राह्मणों को वह सम्मान और प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। कुछ हालिया घटनाओं और बयानों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की गई। यही बातें बीजेपी के लिए चिंता की वजह बन गईं।

बीजेपी के भीतर उठी इस सुगबुगाहट को समाजवादी पार्टी ने एक मौके की तरह देखा। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने खुलकर ब्राह्मण विधायकों को ऑफर दे दिया। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी से नाराज ब्राह्मण विधायक सपा में आते हैं, तो उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पहले ही योगी सरकार पर ब्राह्मण समाज के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते रहे हैं। सपा लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि उनकी पार्टी में ब्राह्मणों को न सिर्फ जगह मिलेगी, बल्कि नेतृत्व की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। इसी रणनीति के तहत सपा ने कई ब्राह्मण नेताओं को आगे किया है। इसका बड़ा उदाहरण हैं माता प्रसाद पांडेय, जो इस वक्त यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और सदन में लगातार पार्टी की आवाज बुलंद करते दिखते हैं।

 

बीजेपी की रणनीति और ओबीसी फोकस

बीजेपी की राजनीति फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ओबीसी वर्ग को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। टिकट बंटवारे से लेकर संगठन तक, ओबीसी नेताओं को खास तवज्जो दी जा रही है। इसका फायदा बीजेपी को चुनावों में मिला भी है। हालांकि, पार्टी यह भी अच्छी तरह जानती है कि यूपी में ब्राह्मण वोटर लंबे समय से उसका मजबूत आधार रहे हैं। 2014 से लेकर 2024 तक हुए लगभग हर बड़े चुनाव में ब्राह्मणों का बड़ा हिस्सा बीजेपी के साथ रहा है। यही वजह है कि पार्टी किसी भी हाल में इस वोट बैंक को कमजोर नहीं होने देना चाहती। बैठक में उठे मुद्दे अब समाज के बीच चर्चा का विषय बन चुके हैं। ऐसे में बीजेपी के सामने चुनौती है कि वह नाराजगी को कैसे संभाले और सपा को इसका फायदा न उठाने दे।

 

यूपी में ब्राह्मण समाज की ताकत

उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों की आबादी को लेकर अलग-अलग आंकड़े हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक यह 10 से 12 फीसदी है, जबकि पुराने जातिगत आंकड़ों के हिसाब से यह 5 से 6 फीसदी के आसपास मानी जाती है। संख्या भले कम हो, लेकिन प्रभाव बड़ा है। राज्य की करीब 110 विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण मतदाता निर्णायक भूमिका में माने जाते हैं। कई सीटों पर जीत-हार का फैसला इसी समाज के वोट से तय होता है। यही वजह है कि हर बड़ा राजनीतिक दल इन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकता। पिछले चुनावों में ब्राह्मण वोटों का 72 से 82 फीसदी तक बीजेपी के पक्ष में जाना इस बात को साबित करता है कि यह वर्ग रणनीतिक रूप से कितना अहम है, खासकर उन जिलों में जहां इनकी संख्या 15 फीसदी से ज्यादा है।

 

 

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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