Search

‘कहीं घोड़े की खोपड़ी तो कहीं बच्चों को खाने वाली राक्षसी’! जानिए क्रिसमस को लेकर दुनियाभर की 7 डरावनी परंपराएं

सांता क्लॉज से अलग, दुनिया के कई हिस्सों में क्रिसमस पर निभाई जाती हैं ऐसी परंपराएं, जो रोंगटे खड़े कर देती हैं।

आज यानी क्रिसमस के मौके पर अनोखी परंपरा को निभा कर बधाई दी जाती है, जी हां क्या आप जानते हैं क्रिसमस से जुड़ी व 7 परंपराओं के बारे में अगर नहीं तो आज हम आपको बताएंगे उन अनोखी परंपराओं के बारे में

 

क्रिसमस ईसा मसीह का जन्मदिन के रूप में मनाया जाने वाला यह त्यौहार आमतौर पर खुशी के साथ जुड़ा माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के कई देशों में क्रिसमस सिर्फ खुशियों का नहीं बल्कि डर और रहस्यमयी परंपराओं का भी त्यौहार है। आज हम आपको बताएंगे कुछ डरावनी और चौंकाने वाले क्रिसमस परंपराओं के बारे में जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

 

फ्रांस और बेल्जियम

फ्रांस, बेल्जियम और स्विट्जरलैंड में संत निकोलस के उत्सव के दौरान पेरे फुएटार्ड का जिक्र होता है। लोककथाओं के अनुसार, पेरे फुएटार्ड एक कसाई था जो बच्चों को अगवा कर उनकी हत्या कर देता था। कहा जाता है कि संत निकोलस ने बाद में बच्चों को जीवित कर दिया, लेकिन पेरे फुएटार्ड को सज़ा के तौर पर बुरे बच्चों को डराने की जिम्मेदारी दी गई। आज भी यह किरदार क्रिसमस पर डरावने रूप में नजर आता है।

ग्रीस, बुल्गारिया और तुर्की

ग्रीस, बुल्गारिया, सर्बिया और तुर्की में क्रिसमस के आसपास कलिकांतज़ारी नाम के राक्षसों की कहानियां मशहूर हैं। मान्यता है कि ये जीव सालभर धरती के नीचे रहते हैं और क्रिसमस के दौरान बाहर आकर इंसानी बस्तियों में शरारतें करते हैं। इन्हें काले, रोएंदार शरीर, नुकीले दांत और सींगों वाले खतरनाक प्राणी के रूप में बताया जाता है, जो लोगों को डराने और नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

वेल्स

वेल्स में क्रिसमस के मौके पर एक बेहद अजीब और डरावनी परंपरा निभाई जाती है। यहां लोग असली घोड़े की खोपड़ी को सजाकर, उस पर सफेद कपड़ा डालते हैं और आंखों में चमकते नकली पुतले लगाते हैं। इस डरावने रूप को “मारी ल्वीड ” कहा जाता है। इस वेश को पहनने वाले लोग घर-घर जाते हैं, मंत्रोच्चार करते हैं और क्रिसमस की बधाइयां देते हैं। बाहर से देखने पर यह परंपरा किसी डरावनी फिल्म के सीन जैसी लगती है, लेकिन स्थानीय लोग इसे शुभ मानते हैं।

 

ऑस्ट्रिया और बवेरिया

ऑस्ट्रिया और जर्मनी के बवेरिया क्षेत्र में क्रिसमस के दौरान लोग “फ्राउ पर्चटा” नाम की चुड़ैल का वेश धारण करते हैं। मान्यता है कि यह चुड़ैल सर्दियों की बुरी आत्माओं को भगाती है। लोककथाओं के मुताबिक, फ्राउ पर्चटा उन बच्चों को सज़ा देती है जो सालभर शरारती रहे हों। कहा जाता है कि वह बुरे बच्चों का पेट चीरकर उनके शरीर में भूसा भर देती है।

ऑस्ट्रिया और उत्तरी इटली

ऑस्ट्रिया, स्लोवेनिया, क्रोएशिया और उत्तरी इटली में ” क्रैंप्स “ नाम का आधा बकरी और आधा राक्षस जैसा जीव क्रिसमस का हिस्सा है। लंबी जीभ, नुकीले सींग और जंजीर घसीटते हुए यह डरावना किरदार सड़कों पर घूमता है।

आइसलैंड

आइसलैंड की लोककथाओं में ” ग्रिला “ नाम की एक विशालकाय राक्षसी का जिक्र है। कहा जाता है कि क्रिसमस के दौरान वह शरारती बच्चों को अगवा कर अपनी गुफा में ले जाती है और बड़े बर्तन में उन्हें पकाकर खा जाती है। ग्रिला को आधी ट्रोल और आधी राक्षसी बताया जाता है। उसके साथ एक डरावनी काली बिल्ली की कहानी भी जुड़ी हुई है, जो बच्चों के लिए और भी डर पैदा करती है।

 

फ्रांस (अल्सेस-लोरेन)

फ्रांस के अल्सेस-लोरेन इलाके में हैंस ट्रैप नाम का एक डरावना किरदार मशहूर है। लोककथाओं के मुताबिक, वह बेहद लालची इंसान था, जिसने शैतानी शक्तियों की मदद से दौलत कमाई। जब चर्च ने उसका बहिष्कार कर दिया, तो उसने इंसानी मांस खाना शुरू कर दिया। कहा जाता है कि भगवान ने उसे बिजली गिराकर मार दिया, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि उसकी आत्मा हर क्रिसमस लौट आती है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

Leave a Comment

Your email address will not be published.