24 वर्षीय कट्टरपंथी हमलावर पाकिस्तानी मूल का नवीद अकरम की हुई पहचान
खुशियों के माहौल में गोलियों की गूंज, 12 बेगुनाहों की मौत के बीच अहमद अल-अहमद ने दिखाई इंसानियत की मिसाल

14 दिसंबर की रात ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। यहूदी समुदाय का हनुक्का पर्व मनाया जा रहा था। लोग परिवार और दोस्तों के साथ जश्न में डूबे थे, हंसी-मजाक, गीत-संगीत से भरी शाम चल रही थी। लेकिन अचानक गोलियों की आवाज़ ने इस खुशी को खौफ में बदल दिया। कुछ ही पलों में वह जगह, जहां लोग मुस्कुरा रहे थे, चीख-पुकार और अफरातफरी से भर गई। उस रात बॉन्डी बीच सिर्फ एक हमले का गवाह नहीं बना, बल्कि उसने इंसानियत के दो बिल्कुल अलग चेहरे भी देखे। एक नवीद अकरम और दूसरा अहमद अल-अहमद
कौन है नवीद अकरम
रिपोर्ट्स और शुरुआती जांच के अनुसार, इस हमले में शामिल आरोपियों में से एक की पहचान 24 वर्षीय नवीद अकरम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पाकिस्तानी मूल का था और सिडनी के बोनीरिग इलाके में रहता था। सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें वायरल होने लगीं, हालांकि पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और बदले की भावना से दूर रहें और जांच एजेंसियों को अपना काम करने दें।जानकारी के मुताबिक, नवीद ने उच्च शिक्षा हासिल की थी। उसने विश्वविद्यालयों से पढ़ाई की थी लेकिन पुलिस और जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वह कट्टरपंथी सोच से प्रभावित था। उसी नफरत ने उसे इस रास्ते पर धकेल दिया, जहां उसने बेगुनाह लोगों की जान ले ली।

इंसानियत की मिसाल बने अहमद अल-अहमद
इसी खौफनाक मंजर के बीच एक दूसरा नाम सामने आया, 43 वर्षीय अहमद अल-अहमद ,पेशे से फलों की दुकान चलाने वाले अहमद उस वक्त बॉन्डी बीच पर मौजूद थे। जब गोलियां चलनी शुरू हुईं, तो जहां लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे, वहीं अहमद ने पीछे हटने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अहमद निहत्थे थे। उनके पास कोई हथियार नहीं था, कोई सुरक्षा कवच नहीं था। फिर भी उन्होंने डर को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने घायलों की मदद की, लोगों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाया और हालात को संभालने की कोशिश की। उनकी वजह से कई जानें बच सकी ।
खुशियों के बीच खौफ
सूत्रों के अनुसार, अचानक हुई गोलीबारी से लोग इधर-उधर भागने लगे थे । कई लोगों को समझ ही नहीं आया कि हो क्या रहा है। पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं, पूरे इलाके को घेर लिया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने बाद में इस घटना को गंभीर और आतंकी प्रकृति का हमला बताया। इसके बाद जांच एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
न्यू साउथ वेल्स पुलिस आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह जांच का समय है, न कि अफवाह फैलाने या किसी समुदाय को दोषी ठहराने का। पुलिस ने आरोपी के घर पर छापा मारा है और उसके संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों और पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल के पास एक कार से तात्कालिक विस्फोटक उपकरण भी मिला है, जिससे यह मामला और गंभीर हो जाता है। हालांकि अभी हथियारों की आपूर्ति और नेटवर्क को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
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