अब बाइक राइडर्स भी रहेंगे सुरक्षित! देश में लॉन्च हुआ पहला ‘ नियोकवच एयर वेस्ट!’
आधुनिक तकनीक से लैस यह स्मार्ट जैकेट हादसे के वक्त पलक झपकते ही खुल जाती है और राइडर के ऊपरी हिस्से को गंभीर चोटों से बचाती है।

सड़क पर दोपहिया चालकों की सुरक्षा हमेशा से बड़ी चुनौती रही है। तेज रफ्तार वाहनों और ट्रैफिक के बढ़ते दबाव के बीच सड़क हादसों में सबसे ज्यादा जानें बाइक सवारों की ही जाती हैं। हेलमेट पहनना अब जरूरी और आम बात बन चुकी है, लेकिन सिर के अलावा सीने, रीढ़ की हड्डी और गर्दन जैसी जगहें अब भी पूरी तरह से असुरक्षित रहती हैं। यही वजह है कि टू-व्हीलर दुर्घटनाओं में मौत या गंभीर चोट का खतरा कार चालकों की तुलना में कई गुना अधिक होता है।
अब इस खतरे को कम करने के लिए एक नई तकनीक सामने आई है,“नियोकवच एयर वेस्ट”। यह देश का पहला इंटेलिजेंट वियरेबल एयरबैग सिस्टम है, जिसे खास तौर पर दोपहिया चालकों की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है।
क्या है ‘ नियोकवच एयर वेस्ट ‘?
नियोकवच एयर वेस्ट एक खास तरह की सेफ्टी डिवाइस है, जिसे इंडो-फ्रेंच जॉइंट वेंचर ‘नियोकवच’ ने बनाया है। यह जैकेट सड़क हादसे के दौरान राइडर के ऊपरी शरीर यानी सीने, पीठ और गर्दन को गंभीर चोटों से बचाने के लिए तैयार की गई है।
इसका सबसे बड़ा फीचर यह है कि किसी भी गिरने या टक्कर की स्थिति में यह जैकेट 100 मिलीसेकंड (सेकंड के सौवें हिस्से) से भी कम समय में एयरबैग की तरह खुल जाती है। इस तरह यह सवार के शरीर के ऊपर सुरक्षा कवच बना लेती है और चोट के प्रभाव को काफी हद तक कम कर देती है।
क्यों जरूरी है यह सुरक्षा जैकेट?
भारत में हर साल लाखों दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। 2023 में 79,500 से ज्यादा लोगों की मौत बाइक हादसों में हुई, जो कुल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 45% हिस्सा है। इनमें से ज्यादातर मौतें सिर, सीने या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगने से होती हैं।
कार में जहां सीट बेल्ट, एयरबैग और अन्य सुरक्षा उपकरण होते हैं, वहीं बाइक सवारों के पास सिर्फ हेलमेट ही होता है। ऐसे में “नियोकवच एयर वेस्ट” एक बड़ी और जरूरी तकनीकी पहल मानी जा रही है।

कैसे करता है काम?
यह जैकेट किसी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की तरह नहीं, बल्कि मैकेनिकल ट्रिगर सिस्टम पर काम करती है। मतलब, इसे चार्ज करने, बैटरी बदलने या किसी ऐप से जोड़ने की जरूरत नहीं होती।
जब राइडर बाइक पर बैठता है, तो जैकेट का एक हिस्सा बाइक से एक विशेष केबल के जरिए जुड़ा होता है। जैसे ही बाइक गिरती है या किसी तेज टक्कर की स्थिति बनती है, यह केबल खिंचते ही एयरबैग एक्टिवेट कर देती है। सिर्फ पलक झपकते ही जैकेट हवा से भर जाती है और राइडर के ऊपरी शरीर को सुरक्षा प्रदान करती है। सबसे खास बात यह है कि जैकेट के एयरबैग को बाद में रीसेट कर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे यह न सिर्फ सुविधाजनक, बल्कि किफायती विकल्प भी बन जाता है।
क्या हैं इसके फायदे?
- गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सुरक्षा – यह जैकेट झटके के प्रभाव को कम करके गंभीर चोटों से बचाती है।
- तेज रफ्तार हादसों में भी असरदार – हाई स्पीड टक्कर के दौरान भी तुरंत एक्टिव हो जाती है।
- चार्जिंग की जरूरत नहीं – इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की तरह किसी बैटरी या ऐप की जरूरत नहीं।
- दोबारा इस्तेमाल योग्य – एक बार खुलने के बाद इसे रीसेट कर पुनः प्रयोग किया जा सकता है।
- हल्का और आरामदायक डिजाइन – रोजमर्रा की राइडिंग के लिए एकदम उपयुक्त।

सुरक्षा और सुविधा
नियोकवच एयर वेस्ट की शुरुआती कीमत ₹32,400 रखी गई है। इसके अलावा कंपनी ने दो और उत्पाद लॉन्च किए हैं जो बाइकर्स की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं-
नियोकवच टेक बैकपैक प्रो (Neonkavach Tech BackPrack Pro)
यह एक प्रोटेक्टिव बैग है।जिसमें एयर कुशनिंग और स्टोरेज का बेहतरीन संयोजन है। इसे खासतौर पर लंबी दूरी की राइड के लिए डिज़ाइन किया गया है। नियोकवच टेक बैकपैक प्रो की कीमत ₹40,800 हैं। यह हल्का और डेली लाइफ के उपयोग के लिए अनुकूल बैकपैक है जिसमें बेहतर बैक प्रोटेक्शन और मोबिलिटी के लिए सपोर्ट दिया गया है यह खासतौर पर उन लोगों के लिए बना है जो सुरक्षा के साथ सुविधा भी चाहते हैं।
मेड इन इंडिया
नियोन कवच ने दावा किया है कि यह उत्पाद पूरी तरह से भारत में निर्मित (Made in India) है और अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल सेफ्टी सर्टिफिकेशन पास कर चुका है। जैकेट में 28 लीटर का एयरबैग कवरेज है, जो शरीर के ऊपरी हिस्से को पूरी तरह से कवर करता है। हल्के डिजाइन की वजह से यह रोजाना राइडिंग के लिए भी बेहद आरामदायक और प्रैक्टिकल है।
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