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मुर्गे का कटा सिर छत पर! चीन की ये सबसे खौफनाक रस्में सुनकर आप दंग रह जाएंगे!

चीन में आज भी बुरी आत्माओं और नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए मुर्गे का बलिदान, नमक–चावल की रस्म, आग पर कूदना और हंग्री घोस्ट फेस्टिवल जैसी परंपराएं निभाई जाती हैं।

नकारात्मक ऊर्जा और बुरी आत्माओं से बचने के लिए लोग अपनाते हैं अनोखी रीति-रिवाज़

आधुनिकता के दौर में भी चीन के लोगों की आस्था इन रहस्यमयी मान्यताओं से जुड़ी
बुरी आत्माओं से बचने का अनोखा तरीका चीन की हैरान करने वाली परंपराएँ

 

दुनिया भर में लोग नेगेटिव ऊर्जा या बुरी आत्माओं से बचने के लिए पूजा, मंत्र, ताबीज़ या अलग-अलग धार्मिक उपाय अपनाते हैं। लेकिन चीन में लोग आज भी ऐसी पुरानी परंपराओं पर भरोसा करते हैं, जिन्हें सुनकर कोई भी चौंक सकता है। सदियों से चली आ रही ये रस्में आज के आधुनिक दौर में भी चीन के कई हिस्सों में मान्यता रखती हैं।

मुर्गे का सिर काटकर छत पर फेंकना

चीन के दक्षिणी इलाकों में आज भी यह विश्वास किया जाता है कि मुर्गा बुरी आत्माओं को घर से दूर रखता है। इसके लिए लोग एक मुर्गे का सिर काटकर उसे घर की छत पर फेंक देते हैं। सिर्फ यही नहीं, उसके खून को घर के आँगन और दीवारों पर भी लगाया जाता है।

लोगों का मानना है कि इससे घर की बुरी ऊर्जा समाप्त होती है और सौभाग्य बढ़ता है। पुराने समय में अंतिम संस्कार के दौरान भी मुर्गे का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि मृत आत्मा को शांति मिल सके। माना जाता है कि मुर्गा इंसानों और मृत आत्माओं के बीच एक संदेशवाहक की तरह काम करता है। इतिहासकारों के मुताबिक यह परंपरा हान राजवंश के समय से चली आ रही है। तब लकड़ी के मुर्गों को मृतकों के साथ दफनाया जाता था, ताकि आत्मा अकेली महसूस न करे।

नमक और चावल का इस्तेमाल

चीन में यह मान्यता है कि नमक और चावल में एक खास शक्ति होती है जो बुरी आत्माओं को अपने पास भटकने नहीं देती। फेंग शुई जो चीन की पारंपरिक विद्या है। उसके अनुसार नमक घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है, जबकि चावल आत्माओं को शांत करने का प्रतीक माना जाता है। इसलिए जब कोई नया घर लेता है या लंबे समय से बीमारी, परेशानी या दुर्भाग्य से जूझ रहा होता है, तो लोग घर के हर कमरे में नमक और चावल छिड़कते हैं। ग्रामीण इलाकों में आज भी अंतिम संस्कार के दौरान कब्र के चारों ओर चावल और नमक डालने की परंपरा निभाई जाती है, ताकि आत्मा शांत रहे और जीवित लोगों को परेशान न करे।

जलती आग पर कूदने की रस्म

चीन में यह पुरानी मान्यता है कि आग की आवाज़ और चमक बुरी शक्तियों को डराती है। इसीलिए नए साल या वसंत महोत्सव के दौरान लोग जलती हुई आग के ऊपर से कूदते हैं। कहा जाता है, कि ऐसा करने से पुरानी नकारात्मकता, बीमारियाँ और दुर्भाग्य पीछे छूट जाता है। लोग इसे सिर्फ सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि नई शुरुआत और अच्छे भविष्य की कामना के तौर पर भी करते हैं। आज भी चीन के ग्रामीण क्षेत्रों और पारंपरिक समुदायों में यह रस्म बड़े उत्साह और खुशी के साथ निभाई जाती है।

हंग्री घोस्ट फेस्टिवल

इन सभी उपायों के बीच चीन में एक खास त्योहार भी मनाया जाता है जिसे हंग्री घोस्ट फेस्टिवल कहा जाता है। यह त्योहार सातवें चंद्र महीने की 15वीं तारीख को मनाया जाता है।

मान्यता है कि इस दौरान मृत आत्माएँ धरती पर घूमने आती हैं। इसलिए लोग डरने के बजाय उन्हें सम्मान देते हैं। वे फल, मिठाई, फूल, धूपबत्ती और भोजन आत्माओं के नाम पर रखते हैं ताकि वे संतुष्ट होकर वापस लौट जाएँ। इस त्योहार के दौरान घरों, गलियों और मंदिरों में मोमबत्तियाँ और लालटेन जलाए जाते हैं, ताकि आत्माएँ रास्ता न भटकें। चीन के अलावा ताइवान, सिंगापुर, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों में भी यह त्योहार बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

परंपरा और आधुनिकता का मेल

आज दुनिया आधुनिक हो चुकी है, लेकिन इन परंपराओं पर विश्वास अब भी कई लोग करते हैं। कुछ लोग इन्हें संस्कृति का हिस्सा मानते हैं, तो कुछ इन्हें बुरी शक्तियों से बचाव का तरीका। समय चाहे कितना भी बदल जाए, लेकिन चीन में यह आस्था अभी भी जिंदा है कि दुनिया सिर्फ वही नहीं है जो हम देखते हैं। बल्कि इसके पीछे एक और अदृश्य दुनिया भी है, जिसे खुश रखना जरूरी है।

 

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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