7 लाख का एक नोट! दुनिया की सबसे महंगी करेंसी में शामिल ये 5 लाख की आबादी वाला देश कर सकता है आपको हैरान!”
10,000 ब्रुनेई डॉलर का नोट भारत में करीब ₹6.8 लाख का पड़ता है। जानिए यह नोट इतना दुर्लभ और खास क्यों है, इसकी सुरक्षा फीचर्स और ब्रुनेई की मजबूत अर्थव्यवस्था के बारे में।
भारत में ₹6.8 लाख वैल्यू वाला यह 10,000 ब्रुनेई डॉलर का नोट क्यों है इतना खास?
दुनिया की करेंसी की बात होती है तो ज़्यादातर लोग अमेरिकी डॉलर, यूरो या पाउंड का नाम लेते हैं। लेकिन एक ऐसी मुद्रा भी है जिसके बारे में कम लोग जानते हैं, जबकि उसका एक नोट भारत में लगभग 6.8 लाख रुपये का पड़ता है। यह नोट ब्रुनेई का 10,000 ब्रुनेई डॉलर वाला नोट है, जिसकी कीमत सुनकर कोई भी हैरान हो जाए। वाइस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी 1 ब्रुनेई डॉलर की कीमत भारत में करीब 69.61 रुपये बैठती है। यानी सिर्फ 10,000 के नोट की वैल्यू सीधे लाखों रुपये तक पहुंच जाती है। यही वजह है कि यह नोट दुनिया की सबसे महंगी मुद्राओं में गिना जाता है।
छोटा देश लेकिन बेहद अमीर
ब्रुनेई दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित एक छोटा सा देश है। जनसंख्या सिर्फ लगभग 5 लाख के आसपास है, लेकिन धन-सम्पत्ति के मामले में यह कई बड़े देशों को पीछे छोड़ता है। इस देश की सबसे बड़ी ताकत है, तेल और प्राकृतिक गैस। जमीन के नीचे मौजूद इन संसाधनों ने देश की अर्थव्यवस्था को बेहद ताकतवर बना दिया है। कम आबादी और बड़ी कमाई का सीधा असर नागरिकों की जिंदगी पर दिखाई देता है। यहां रहने वालों को सरकार कई सुविधाएं मुफ्त देती है। जैसे स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सब्सिडी। इसी कारण ब्रुनेई दुनिया के सबसे उच्च जीवनस्तर वाले देशों में शामिल है।
10,000 ब्रुनेई डॉलर का नोट क्यों खास?
ब्रुनेई का यह ऊंचे मूल्य वाला नोट सिर्फ कीमत की वजह से खास नहीं है, बल्कि इसकी सुरक्षा सुविधाएं भी दुनिया में सबसे आधुनिक मानी जाती हैं। यह नोट सीमित मात्रा में ही छापा जाता है और इसकी पहचान एक कीमती मुद्रा के रूप में होती है। अगर इस नोट को अमेरिकी डॉलर में बदलें तो इसकी कीमत लगभग 7,770 USD तक जाती है। इसलिए यह दुनिया के सबसे महंगे नोटों में से एक माना जाता है।
ब्रुनेई डॉलर और सिंगापुर डॉलर बराबर के क्यों?
ब्रुनेई और सिंगापुर के बीच साल 1967 में एक आर्थिक समझौता हुआ था। इस समझौते के मुताबिक, दोनों देशों की मुद्राओं की वैल्यू एक-दूसरे के बराबर रखी गई। आज भी दोनों करेंसी की कीमत समान है और खास बात यह है कि दोनों देश एक-दूसरे की मुद्रा स्वीकार करते हैं। यानी सिंगापुर में आप ब्रुनेई डॉलर खर्च कर सकते हैं और ब्रुनेई में सिंगापुर डॉलर।
ब्रुनेई की अर्थव्यवस्था इतनी ताकतवर कैसे?
ब्रुनेई का आर्थिक मॉडल दुनिया में मिसाल माना जाता है। देश का कर्ज बेहद कम है। GDP के मुकाबले सिर्फ 1.9 प्रतिशत। यह दर दुनिया में सबसे कम में से एक है। सरकार के पास बड़े कैश रिज़र्व मौजूद हैं और यह देश अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा भविष्य के लिए भी सुरक्षित रखता है। इसके अलावा, आबादी कम होने की वजह से आम लोगों पर टैक्स का दबाव भी नहीं है और आर्थिक लाभ देशवासियों तक सीधा पहुंचता है। यही कारण है कि ब्रुनेई की मुद्रा न सिर्फ मजबूत है, बल्कि बेहद स्थिर भी मानी जाती है।
अक्सर लोग सोचते हैं कि मजबूत करेंसी सिर्फ बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों की होती है। लेकिन ब्रुनेई इसका उल्टा उदाहरण है। छोटा देश, कम आबादी, लेकिन आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत कि उसकी मुद्रा दुनिया की टॉप करेंसी में गिनी जाती है।