पाकिस्तान के नए रक्षा प्रमुख आसिम मुनीर ने सैन्य अधिकारियों को किया संबोधित भारत और अफगानिस्तान पर दिए तीखे बयान

पाकिस्तान में सैन्य प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को लेकर तनातनी की खबरें सुर्खियां बटोर रही थी। इससे बीच असीम मुनीर द्वारा सैन्य अधिकारियों को संबोधित करने की खबर है । इस भाषण में मुनीर ने पड़ोसी देशों विशेषकर भारत और अफगानिस्तान को लेकर पाकिस्तान का तेवर साफ कर दिया। मुनीर के बयान के मुताबिक पाकिस्तान को एक शांतिप्रिय देश के रूप में देखा जाना चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई उसके धैर्य की परीक्षा ले। उनके शब्दों में, पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर सवाल उठाना या उसे चुनौती देना किसी भी देश के लिए भारी साबित हो सकता है।
भारत को दी चेतावनी, कहा– भ्रम में न रहे
मुनीर के संबोधन का सबसे तीखा हिस्सा वह था, जिसमें उन्होंने सीधे भारत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि पाकिस्तान चुप रहेगा या कमजोर है। पाकिस्तान के रक्षा प्रमुख ने कहा कि अगर भारत किसी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान उसकी “गंभीर और त्वरित” प्रतिक्रिया देगा।
उनके इस बयान का संदर्भ हाल की घटनाओं से जुड़ा है। अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। भारत ने यह दावा किया था कि ये ठिकाने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों द्वारा संचालित किये जा रहे थे। पाकिस्तान की सेना इस ऑपरेशन पर पहले भी कड़ी प्रतिक्रिया दे चुकी है, लेकिन पहली बार नई रक्षा संरचना के तहत रक्षा प्रमुख पद पर बैठे मुनीर ने इसे आधिकारिक मंच से शब्दों में स्पष्ट किया।
अफगानिस्तान और TTP पर दो टूक स्थिति
अपने भाषण में आसिम मुनीर ने पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा यानी अफगानिस्तान पर भी खुलकर बात की। उनका कहना था कि अफगान तालिबान को साफ संदेश भेज दिया गया है। उन्हें यह फैसला करना होगा कि वे पाकिस्तान के साथ हैं या फिर आतंकवादी संगठन टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के साथ।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले एक साल से तनाव बढ़ा है, खासकर इसलिए क्योंकि पाकिस्तान का आरोप है कि TTP के आतंकियों को अफगानिस्तान में सुरक्षित पनाह मिल रही है और वहीं से वे पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं। मुनीर के शब्दों में यह चेतावनी भी महसूस हुई कि पाकिस्तान अब बातचीत और चेतावनियों के दौर से आगे बढ़कर निर्णायक कार्रवाई के चरण में प्रवेश कर सकता है।
संविधान में बदलाव के बाद बना नया पद
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यह है कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर वह पहले व्यक्ति हैं जिन्हें सीडीएफ यानी चीफ़ ऑफ डिफेंस फोर्सेज के रूप में नियुक्त किया गया है। यह पद पाकिस्तान में पहले मौजूद नहीं था। इसे बनाने के लिए पिछले महीने पाकिस्तान की संसद में 27वें संविधान संशोधन को पारित किया गया और उसके बाद पाकिस्तान सेना, नौसेना और वायुसेना संबंधित कानूनों में बदलाव हुए। इस बदलाव के साथ एक नया संयुक्त रक्षा ढांचा तैयार किया गया है, जो पाकिस्तान की तीनों सेनाओं का समन्वय करेगा। इसके तहत एक नया रक्षा बल मुख्यालय (Defense Forces Headquarters) भी स्थापित किया गया है, जिसे मुनीर ने ऐतिहासिक बताते हुए पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था में “मौलिक परिवर्तन” कहा।
नई सैन्य व्यवस्था क्या बदलेगी?
मुनीर ने स्पष्ट किया कि भले ही सभी सेनाएँ थल सेना, वायुसेना और नौसेना अपनी परिचालन क्षमता और विशेषता बनाए रखेंगी, लेकिन देश की रक्षा रणनीति और युद्धक अभियानों का समन्वय सीडीएफ मुख्यालय करेगा। सरकार और सेना दोनों इसे राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का नया मॉडल बता रहे हैं, जो भविष्य की चुनौतियों, जैसे साइबर युद्ध, हाइब्रिड वॉरफेयर और क्षेत्रीय खतरों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
तैयारियों को लेकर है मुनीर आश्वस्त
आसिम मुनीर ने अपने वक्तव्य में पाकिस्तान की सेना की क्षमताओं को लेकर भी बात की और कहा कि देश की सशस्त्र सेनाएँ किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान की सैन्य तैयारी सिर्फ पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और रणनीतिक हथियारों से लैस है।