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मुर्शिदाबाद में आज बाबरी मस्जिद की नींव रखने की तैयारी ! 3 लाख लोगों के जुटने का किया जा रहा दावा

मुर्शिदाबाद

TMC से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर आज रखेंगे नींव, 3 लाख लोगों के जुटने की तैयारी; सुरक्षा के लिए 3 हजार जवान तैनात

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में शनिवार को बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। कारण है तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखने की घोषणा। जैसे ही शनिवार की सुबह हुई, उनके समर्थक सिर पर ईंट रखकर कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने लगे। इसी बीच पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और प्रशासन हाई अलर्ट मोड में है। यह पूरा मामला तब और चर्चा में आया जब कोलकाता हाईकोर्ट ने मस्जिद निर्माण पर रोक लगाने की याचिका को ठुकरा दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर कार्यक्रम होता है, तो कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बेलडांगा और इसके आसपास के क्षेत्रों में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की 19 टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा बीएसएफ, RAF और स्थानीय पुलिस की मदद से कुल मिलाकर 3,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी आयोजन स्थल और आसपास के रास्तों पर तैनात हैं। कार्यक्रम NH-12 के पास है, इसलिए ट्रैफिक प्लान भी पहले से तैयार किया गया है ताकि जाम न लगे।

कबीर के दावे

विधायक हुमायूं कबीर का कहना है कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक मकसद से नहीं बल्कि धार्मिक भावना से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 25 बीघा जमीन पर मंच बनाया गया है, जो 150 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा है। करीब 400 लोगों के बैठने की व्यवस्था मंच पर की गई है, जबकि पूरे आयोजन में तीन लाख से ज्यादा लोगों के आने की संभावना जताई गई है। उन्होंने यहां तक बताया कि 60 हजार से ज्यादा बिरयानी पैकेट तैयार किए गए हैं और करीब 3 हजार वालंटियर्स लोगों की भीड़ को संभालेंगे। कबीर ने बताया कि कार्यक्रम में सऊदी अरब से धार्मिक विद्वान भी पहुंचने वाले हैं।

विवाद क्यों हुआ?

हुमायूं कबीर की इस घोषणा का विरोध भी हो रहा है। 28 नवंबर को जब इलाके में “बाबरी मस्जिद शिलान्यास” के पोस्टर दिखे, तब से राजनीतिक बहस शुरू हो गई थी। बीजेपी नेताओं ने इसे मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने की राजनीति बताया, जबकि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इसका समर्थन किया।

3 दिसंबर को TMC ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस आयोजन से रिश्ते से साफ इंकार कर दिया और अगले दिन कबीर को पार्टी से सस्पेंड कर दिया। इसके बाद कबीर ने बयान दिया—”मैं अपने फैसले पर कायम हूं, चाहे जो हो जाए। यह मेरा निजी फैसला है, इसका मेरी पुरानी पार्टी से कोई संबंध नहीं।”उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही वे नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे।

बीजेपी का आरोप

भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि बाबरी मस्जिद को लेकर शिलान्यास की घोषणा मतदाताओं, खासतौर पर मुस्लिम वोट को प्रभावित करने का तरीका है। उनका कहना है कि आज का दिन “शौर्य दिवस” के रूप में जाना जाता है, न कि किसी नए विवाद के लिए। उन्होंने TMC पर भी आरोप लगाया कि यह सब अंदरूनी राजनीति है और दोनों के बीच कहीं न कहीं तालमेल है।

बाबरी विवाद —1992 से 2025 तक

1992: अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाया गया।

2003: ASI की रिपोर्ट में वहां मंदिरनुमा ढांचा होने का दावा।

2010: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भूमि को तीन हिस्सों में बांटा।

2019: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए विवादित भूमि हिंदू पक्ष को दी और मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया।

2024: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई और मंदिर के दर्शन शुरू हुए।

मुस्लिम पक्ष को मिली जमीन अयोध्या के सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में है, लेकिन अब तक मस्जिद निर्माण शुरू नहीं हुआ है। इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने मस्जिद और सामुदायिक सुविधाओं का प्लान तैयार किया था, लेकिन सरकारी मंजूरी अभी तक नहीं मिली।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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