इंटरनेट पर वायरल सूची से फैला भ्रम, चुनाव कार्यालय ने असली दस्तावेज जारी कर दी सफाई

झांसी के ओरछा गेट-1 क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से एक अजीब चर्चा चल रही है। सोशल मीडिया पर 2003 की एक पुरानी मतदाता सूची वायरल हो रही है, जिसमें बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन का नाम दिखाई दे रहा है। इस सूची में लिखा है। अमिताभ बच्चन पुत्र हरिवंश राय बच्चन, और यह देखकर वहां के लोगों के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर भी लोग हैरान रह गए।
इलाके के लोग कह रहे हैं कि फिल्मों और टीवी पर तो अमिताभ बच्चन को खूब देखा है, लेकिन कभी झांसी के कछियाना इलाके में उन्हें नहीं देखा। सोशल मीडिया में यह बात इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों ने इसे सच मानकर मजेदार टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक गलती का नतीजा बताते हुए कह रहे हैं कि यह चुनाव व्यवस्था की गंभीर लापरवाही है। कुछ लोग चुनाव आयोग की कार्य प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर बिना सत्यापन के किसी बड़े सेलिब्रिटी का नाम सूची में कैसे जुड़ सकता है?
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जब यह मामला ज्यादा फैल गया तो जिला निर्वाचन कार्यालय को सामने आना पड़ा। प्रशासन ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मतदाता सूची वास्तविक नहीं है, बल्कि फर्जी सूची है। भ्रम दूर करने के लिए कार्यालय ने उसी वर्ष की असली मतदाता सूची जारी की। जैसे ही असली रिकॉर्ड सामने आया, पूरा मामला साफ हो गया। असली सूची में भी क्रम संख्या 543 पर अमिताभ नाम जरूर था, पर वह अमिताभ बच्चन नहीं, बल्कि अमिताभ पुत्र हरिवंश थे। यानि नाम मिलता-जुलता होने की वजह से गलतफहमी पैदा हुई।
कैसे फैली गलत खबर?
आज के समय में इंटरनेट पर कोई भी पुराना दस्तावेज, तस्वीर या जानकारी बिना जांच के वायरल हो सकती है। यही इस मामले में भी हुआ। 20 साल पुरानी सूची के डिजिटल रूप को किसी ने साझा किया और देखते ही देखते वह पूरे झांसी और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गई। लोगों को लगा कि कभी न कभी अमिताभ बच्चन का झांसी से कोई संबंध रहा होगा और शायद इसलिए उनका नाम इस सूची में शामिल हुआ है। लेकिन असली दस्तावेज ने यह साबित किया कि यह सिर्फ नाम की समानता पर आधारित गलतफहमी थी।
चुनाव कार्यालय ने कही यह बात
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मतदाता सूची बेहद संवेदनशील और कानूनी दस्तावेज होती है। इसलिए बिना सत्यापन की जानकारी को शेयर करना गलत है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि “किसी भी जानकारी को फैलाने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है, वरना गलत खबरें लोगों के मन में भ्रम पैदा करती हैं।” उन्होंने यह भी साफ किया कि झांसी जिले की मतदाता सूची पूरी तरह अपडेट और सत्यापित है।