क्या है ये IRCTC घोटाला जिसमें फंसा है पूरा लालू परिवार? अब कोर्ट ने भी तय किए गंभीर आरोप
बिहार चुनाव से पहले लालू परिवार और राजद को एक बड़ा झटका लगा है।
IRCTC घोटाले के मामले में अदालत के आदेश ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
अदालत ने इन तीनों पर गंभीर आरोप तय किए हैं।
कोर्ट ने कहा है कि इस घोटाले की जानकारी लालू यादव को थी।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC घोटाले में कुल 14 लोगों पर आरोप तय किए हैं।
लालू प्रसाद यादव मुख्य आरोपी हैं और उन पर पूरी साजिश रचने का आरोप है।
राबड़ी देवी पर लैंड डील में शामिल होने का आरोप है,
जबकि तेजस्वी यादव पर परिवार को फायदा पहुँचाने का आरोप है।
इसके अलावा, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेम चंद गुप्ता और उनकी पत्नी
(जो सुजाता होटल्स की मालकिन हैं) भी आरोपी हैं।
IRCTC के चार अफसर और सुजाता होटल्स के डायरेक्टर भी इस मामले में शामिल बताए गए हैं।
क्या है घोटाला
यह मामला उस समय का है जब लालू यादव 2004 से 2009 तक भारत के रेल मंत्री थे।
इस दौरान IRCTC यानी भारतीय रेल खानपान और पर्यटन निगम से
रांची और पुरी में स्थित दो होटलों के ठेके देने में भ्रष्टाचार का आरोप है।
CBI का आरोप है कि इन होटलों के ठेके
सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को गलत तरीके से दिए गए।
इसके लिए टेंडर में गड़बड़ी की गई और लालू परिवार से जुड़ी एक कंपनी को बहुत सस्ती कीमत पर जमीन दी गई।
कौड़ी के भाव दी करोड़ों की जमीन
रांची में रेडिसन होटल प्रोजेक्ट के लिए रेलवे की जमीन सिर्फ ₹65 लाख में ट्रांसफर की गई,
जबकि उस जमीन की असली कीमत ₹94 करोड़ थी।
ऐसा कथित तौर पर “जमीन के बदले नौकरी मॉडल” के तहत किया गया।
इस घोटाले से साफ पता चलता है कि रेलवे में ठेके और नियुक्तियों के बदले संपत्ति का गलत फायदा उठाया गया।

CBI की चार्जशीट
CBI की चार्जशीट के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच एक साजिश रची गई थी।
इसके तहत भारतीय रेलवे के BNR होटल — जो पुरी और रांची में स्थित हैं —
पहले IRCTC को ट्रांसफर किए गए और बाद में इन्हें चलाने, रखरखाव और देखभाल के लिए
पटना की कंपनी सुजाता होटल्स को लीज पर दे दिया गया।
CBI के आरोप
CBI ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई और शर्तों को
सुजाता होटल्स के पक्ष में बदल दिया गया।
चार्जशीट में तब के IRCTC के ग्रुप जनरल मैनेजर वी.के. अस्ताना
और आर.के. गोयल का नाम भी शामिल है।
इसके अलावा सुजाता होटल्स के डायरेक्टर विजय कोचर और विनय कोचर —
जो चाणक्य होटल के मालिक भी हैं — को भी आरोपी बनाया गया है।