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इंडिगो संकट पर जागी सरकार ! रिफंड का आदेश, उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों के सामने आई नई मुश्किलें

एयरपोर्ट पर हंगामा

एयरपोर्ट पर हंगामा, फ्लाइट्स रद्द और सामान गायब: इंडिगो पर एक्शन मोड में सरकार

इंडिगो की उड़ानों में बड़ी गड़बड़ी, पांचवें दिन भी जारी रहा अफरा-तफरी का माहौल

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले कई दिनों से लगातार संचालन संबंधी मुश्किलों से जूझ रही है। हालात ऐसे हैं कि शनिवार को भी बड़े शहरों के एयरपोर्ट पर यात्रियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। सुबह से ही सोशल मीडिया और एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने फ्लाइट कैंसिलेशन, देरी और लगेज न मिलने की शिकायतें कीं। इंडिगो पिछले पांच दिनों में हजारों उड़ानें रद्द या लेट कर चुकी है। शनिवार को ही दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे अहम एयरपोर्ट्स पर 400 से ज्यादा उड़ानें या तो रद्द हुईं या फिर शेड्यूल से काफी देर बाद उड़ान भर सकीं।

सरकार सख्त, रविवार शाम तक रिफंड देने का आदेश

अब यात्रियों की बढ़ती नाराजगी के बीच केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन भी लोगों की उड़ान पिछले दिनों कैंसिल या देर हुई है, उन्हें रविवार 7 दिसंबर रात 8 बजे तक पूरा रिफंड दे दिया जाए। सरकार ने साफ कहा है कि “एयरलाइन किसी भी यात्री से रीशेड्यूलिंग यानी दोबारा टिकट बदलने पर पैसा नहीं ले सकती। अगर किसी यात्री को तारीख बदलनी पड़ी है तो उसका खर्च कंपनी उठाएगी।” मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि “अगर एयरलाइन ने आदेशों का पालन नहीं किया, तो डीजीसीए तुरंत कार्रवाई करेगा।”

लगेज को लेकर भी आदेश

इसी बीच सबसे ज्यादा शिकायतें यात्रियों के खोए या छूटे हुए सामान को लेकर आई हैं। कई जगह यात्रियों ने हवाई अड्डे पर कर्मचारियों से उलझते हुए कहा कि चार-चार दिनों से उनका सामान एयरलाइन की कस्टडी में पड़ा है और किसी प्रकार की सूचना नहीं दी जा रही। सरकार ने इस स्थिति पर भी नाराजगी जताते हुए कहा है कि सभी यात्रियों का छूटा हुआ सामान 48 घंटे के भीतर उनके घरों या लोकेशन पर पहुंचाया जाए।

एयरपोर्ट पर नाराज यात्री

मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जहां यात्रियों ने हंगामा किया। कई लोग रोते, चिल्लाते और शिकायत दर्ज कराते दिखे। कुछ यात्रियों का कहना था कि उन्होंने होटल बुकिंग और अलग यात्राओं के लिए पहले ही पैसा खर्च किया था, लेकिन अब सब बेकार हो गया। कई यात्रियों ने कहा कि एयरलाइन उनसे बात तक नहीं कर रही और उन्हें यह भी नहीं बताया जा रहा कि उनकी फ्लाइट कब उड़ान भरेगी या वे अपना सामान कब पाएंगे।

एसओएस सर्विस सेंटर बनाने का आदेश

सरकार ने इंडिगो को कहा है कि “वह तुरंत एयरपोर्ट्स पर हेल्पडेस्क और स्पेशल असिस्टेंस काउंटर बनाए, जहां से यात्रियों को जानकारी और रिफंड की प्रक्रिया मिल सके।” इसके अलावा, सरकार ने ऑटोमेटेड रिफंड सिस्टम सक्रिय करने का निर्देश दिया है। यानी अब कैंसल हुई फ्लाइट का पैसा खुद-ब-खुद खाते में वापस जाएगा और यात्रियों को इसके लिए आवेदन नहीं करना पड़ेगा।

क्यों हुई इंडिगो में इतनी बड़ी दिक्कत?

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि हजारों यात्रियों की यात्रा पटरी से उतर गई?

इस घटनाक्रम के पीछे एयरलाइन स्टाफ और पायलट की कमी अहम वजह मानी जा रही है। DGCA यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने हाल ही में फ्लाइंग क्रू के लिए नए नियम लागू किए हैं। यह नियम इसलिए बनाए गए ताकि पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम मिल सके और लंबे घंटे की उड़ानें स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर न डालें। नए नियम 1 नवंबर से लागू हुए। इसके तहत किसी भी फ्लाइंग क्रू से अत्यधिक काम नहीं लिया जा सकता और उन्हें अनिवार्य रूप से छुट्टी और आराम का समय दिया जाएगा। इन नियमों के लागू होने के बाद इंडिगो की टीम में पायलट और क्रू की संख्या कम पड़ गई और परिणामस्वरूप फ्लाइट्स समय पर नहीं उड़ पाईं।

यात्रियों की परेशानियां बढ़ने के बाद DGCA ने कुछ नियमों में अस्थायी ढील दी है। अब एयरलाइन को 10 फरवरी 2026 तक उन नए प्रावधानों में कुछ समय के लिए राहत मिल सकेगी। उम्मीद की जा रही है कि इससे फ्लाइट संचालन सामान्य होने में मदद मिलेगी। हालात बिगड़ते देख सरकार ने दूसरी एयरलाइन कंपनियों को भी साफ निर्देश दे दिए हैं कि वे इस स्थिति का फायदा उठाकर किराया बढ़ाने की कोशिश न करें।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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